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Agra News: चंबल की मोटरबोट पर अनापत्ति प्रमाणपत्र का ब्रेक
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परमिशन के दो दिन बाद भी चंबल घाट पर मोटर बोट का संचालन शुरू नहीं
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पिनाहट। चंबल नदी की मोटरबोट पर मध्य प्रदेश प्रशासन ने अनापत्ति प्रमाणपत्र की अनिवार्यता का ब्रेक लगा दिया है। यूपी प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद भी दो दिनों से मोटरबोट नहीं चल पा रही है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के 100 से भी ज्यादा गांवों के हजारों लोग परेशान हैं। यात्रियों को धौलपुर और मुरैना होते हुए करीब 90-150 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय कर मध्य प्रदेश की सीमा तक पहुंचना पड़ रहा है।
बारिश में बाढ़ के मद्देनजर चंबल नदी में 15 जून को पांटून पुल हटा लिया जाता है। लोक निर्माण विभाग 15 अक्तूबर तक पिनाहट घाट पर मोटरबोट संचालित कराती है। इस बार पीडब्लूडी को संचालन की अनुमति लेने में करीब दो माह लग गए। बगैर अनुमति के ही मोटरबोट चल रही थी। 16 अगस्त को हुए हादसे के बाद मध्य प्रदेश प्रशासन ने संचालक बंद करा दिया। अभी दो दिन पहले अनुमति मिल चुकी है। फिर भी मोटरबोट का संचालन शुरू नहीं हो सका है।
ग्रामीण पूर्व फौजी गजेंद्र परिहार ने बताया कि चंबल नदी का जलस्तर कम होने के बाद भी मोटरबोट शुरू नहीं की गई है। इससे यात्रियों के साथ स्थानीय व्यापारियों को भी नुकसान हो रहा है। रक्षाबंधन नजदीक है। मध्य प्रदेश सीमा से लगे करीब 20 गांवों के ग्रामीण रोजाना खरीदारी के लिए पिनाहट बाजार आते हैं। मोटरबोट बंद होने से इसका असर व्यापार पर भी पड़ रहा है।
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इन गांवों के लोग हैं परेशान
चंबल नदी के पिनाहट और कैंजरा घाट पर मोटरबोट का संचालन बंद होने से उत्तर प्रदेश के चंबल पट्टी के गांव पिनाहट, जोधपुरा, छदामीपुरा, विप्रावली, पडुआपुरा, महगौली, करकौली मंसुखपुरा, रेहा, क्योरी, उमरैठा, बघरेना, बासौनी, खिल्ली, हरलालपुरा, बाघ राजपुरा, अभयपुरा, खेड़ा राठौर, नदगवां और मध्य प्रदेश के उसैथ, भिंडवा, नयापुरा, फूलसायपुरा, नयाबांस, रछेड़, रुअर, बरबाई, बसई, होलापुरा, नयाबास, रायपुर, नगला महुआ, कुथियाना, कछपुरा, सूरपुरा, खरगपुरा, नावली, भदावली, अंबाह, पोरसा आदि करीब 100 से भी ज्यादा गांवों के लोग परेशान हैं।
-मोटर बोट संचालन की अनुमति मिल चुकी है। पर, मध्य प्रदेश प्रशासन वहां से एनओसी लेने की बात कह रहा है। जबकि पूर्व में कभी भी मध्य प्रदेश प्रशासन से एनओसी नहीं ली गई है। मामले में प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत चल रही है। -हरीश कुमार, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी, आगरा
चंबल नदी के पिनाहट घाट पर मोटरबोट चलाने की अनुमति उत्तर प्रदेश शासन से है। मध्य प्रदेश प्रशासन की ओर से संचालन पर रोक लगा दी गई है। उनका कहना है कि मध्य प्रदेश प्रशासन से भी अनुमति ली जाए। - विनोद कुमार, उप जिलाधिकारी, बाह
वैकल्पिक सीढ़ी का काम जारी
चंबल घाट पर यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक सीढ़ी बनाने की तैयारी चल रही है। बृहस्पतिवार को निर्माणाधीन पक्के पुल के स्टॉपर के पास कंपनी की ओर से मिट्टी डालने का काम जारी रहा। मिट्टी डालने के बाद सीढ़ी लगाने का काम शुरू किया जाएगा। उप जिलाधिकारी बाह विनोद कुमार ने बताया कि एक-दो दिन में वैकल्पिक सीढ़ी लगाने का काम शुरू हो जाएगा।
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बारिश में बाढ़ के मद्देनजर चंबल नदी में 15 जून को पांटून पुल हटा लिया जाता है। लोक निर्माण विभाग 15 अक्तूबर तक पिनाहट घाट पर मोटरबोट संचालित कराती है। इस बार पीडब्लूडी को संचालन की अनुमति लेने में करीब दो माह लग गए। बगैर अनुमति के ही मोटरबोट चल रही थी। 16 अगस्त को हुए हादसे के बाद मध्य प्रदेश प्रशासन ने संचालक बंद करा दिया। अभी दो दिन पहले अनुमति मिल चुकी है। फिर भी मोटरबोट का संचालन शुरू नहीं हो सका है।
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ग्रामीण पूर्व फौजी गजेंद्र परिहार ने बताया कि चंबल नदी का जलस्तर कम होने के बाद भी मोटरबोट शुरू नहीं की गई है। इससे यात्रियों के साथ स्थानीय व्यापारियों को भी नुकसान हो रहा है। रक्षाबंधन नजदीक है। मध्य प्रदेश सीमा से लगे करीब 20 गांवों के ग्रामीण रोजाना खरीदारी के लिए पिनाहट बाजार आते हैं। मोटरबोट बंद होने से इसका असर व्यापार पर भी पड़ रहा है।
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इन गांवों के लोग हैं परेशान
चंबल नदी के पिनाहट और कैंजरा घाट पर मोटरबोट का संचालन बंद होने से उत्तर प्रदेश के चंबल पट्टी के गांव पिनाहट, जोधपुरा, छदामीपुरा, विप्रावली, पडुआपुरा, महगौली, करकौली मंसुखपुरा, रेहा, क्योरी, उमरैठा, बघरेना, बासौनी, खिल्ली, हरलालपुरा, बाघ राजपुरा, अभयपुरा, खेड़ा राठौर, नदगवां और मध्य प्रदेश के उसैथ, भिंडवा, नयापुरा, फूलसायपुरा, नयाबांस, रछेड़, रुअर, बरबाई, बसई, होलापुरा, नयाबास, रायपुर, नगला महुआ, कुथियाना, कछपुरा, सूरपुरा, खरगपुरा, नावली, भदावली, अंबाह, पोरसा आदि करीब 100 से भी ज्यादा गांवों के लोग परेशान हैं।
-मोटर बोट संचालन की अनुमति मिल चुकी है। पर, मध्य प्रदेश प्रशासन वहां से एनओसी लेने की बात कह रहा है। जबकि पूर्व में कभी भी मध्य प्रदेश प्रशासन से एनओसी नहीं ली गई है। मामले में प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत चल रही है। -हरीश कुमार, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी, आगरा
चंबल नदी के पिनाहट घाट पर मोटरबोट चलाने की अनुमति उत्तर प्रदेश शासन से है। मध्य प्रदेश प्रशासन की ओर से संचालन पर रोक लगा दी गई है। उनका कहना है कि मध्य प्रदेश प्रशासन से भी अनुमति ली जाए। - विनोद कुमार, उप जिलाधिकारी, बाह
वैकल्पिक सीढ़ी का काम जारी
चंबल घाट पर यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक सीढ़ी बनाने की तैयारी चल रही है। बृहस्पतिवार को निर्माणाधीन पक्के पुल के स्टॉपर के पास कंपनी की ओर से मिट्टी डालने का काम जारी रहा। मिट्टी डालने के बाद सीढ़ी लगाने का काम शुरू किया जाएगा। उप जिलाधिकारी बाह विनोद कुमार ने बताया कि एक-दो दिन में वैकल्पिक सीढ़ी लगाने का काम शुरू हो जाएगा।