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गजब का खेल: अस्पतालों की जांच न सत्यापन...बिना मानकों के ही दे दिए लाइसेंस, स्टाफ भी मिला अप्रशिक्षित

Mon, 25 Nov 2024 06:08 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Mon, 25 Nov 2024 06:08 AM IST
सार

आगरा में स्वास्थ्य विभाग द्वारा हैरान कर देने वाला लापरवाही सामने आई है। यहां अस्पतालों में न तो डॉक्टर मिल रहे हैं और नाहीं प्रशिक्षित स्टाफ। इसके बाद भी लाइसेंस दे दिए गए हैं। 
 

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No investigation or verification of hospitals License given without standards staff also found untrained
अस्पताल सांकेतिक - फोटो : freepik

विस्तार

आगरा में स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों के लाइसेंस देने में घोर लापरवाही बरती है। चिकित्सकीय मानक और आग से बचाव के इंतजाम को परखने के लिए जांच और सत्यापन नहीं किए। कार्यालय में बैठे ही अस्पतालों के लाइसेंस जारी कर दिए। ऑडिट में व्यवस्थाएं चौपट मिल रही हैं।
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स्वास्थ्य विभाग में 1320 चिकित्सकीय संस्थान पंजीकृत हैं। इनमें 482 अस्पताल, 138 पैथोलॉजी लैब और 700 क्लीनिक और रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटर है। झांसी मेडिकल कॉलेज में आग की घटना में नवजातों की मौत के बाद आगरा में अस्पतालों का ऑडिट हो रहा है। अभी 25 अस्पतालों का निरीक्षण हुआ। इनमें 14 अस्पतालों में अग्निशमन विभाग की एनओसी नहीं मिली। 12 में मौके पर चिकित्सक नहीं मिले, 5 में स्वीकृत से डेढ़ से दोगुना तक बेड पाए गए। तीन में बिना अनुमति के आईसीयू और एनआईसीयू भी संचालित मिले। यमुनापार स्थित लोकहितम हॉस्पिटल में तो अवैध पैथोलॉजी लैब भी संचालित मिली। चिकित्सकीय स्टाफ भी अप्रशिक्षित मिला।
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चिकित्सकीय मानक, अग्निशमन से नहीं करें समझौता
आईएमए उपाध्यक्ष डॉ. सीमा सिंह का कहना है कि चिकित्सकीय मानक और अग्निशमन इंतजाम में कोई समझौता नहीं करें। स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों से भी मांग है कि कमियां मिलने पर उनमें सुधार का मौका दिया जाए, जांच के नाम पर चिकित्सकों का शोषण न हो।
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मानक पूरा करें, नहीं तो लाइसेंस निलंबित
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव का कहना है कि अस्पताल संचालकों को नोटिस देकर 15 दिन में उपकरण ठीक करने, एनओसी लेने और अन्य कमियां दूर करने के लिए मोहलत दी है। तय अवधि के बाद इनका दोबारा सर्वे कराएंगे, जिसमें गड़बड़ी मिलने पर लाइसेंस निलंबित किया जाएगा।
 
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