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जिले में नहीं जीका वायरस की जांच के इंतजाम
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कासगंज। कानपुर में जीका वायरस के बढ़ते मामलों के बाद जिले में भी इसके संक्रमण के फैलने का खतरा पैदा हो गया है। जिससे स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। नपद में इस वायरस की जांच के लिए कोई इंतजाम नहीं है।
जीका वायरस विषाणु द्वारा होने वाला एक रोग है, जो मच्छर के काटने से फैलता है। इसका सटीक उपचार नहीं है। लक्षणों के आधार पर इलाज किया जाता है। ककासगंज से कानपुर सीधा रेल मार्ग है। बढ़ी संख्या में लोगों का आवागमन इस मार्ग पर होता है। भाई दूज के दिन बढ़ी संख्या में लोगों का आवागमन इस मार्ग पर हुआ, जिससे जिले में भी इस वायरस के फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है। तेजी से बढ़ स्वास्थ्य विभाग ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों के अधीक्षकों को इस वायरस को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैँ।
जीका वायरस से खतरा
-लकवा (ग्वेलेन-बरे सिंड्रोम) हो सकता है।
-गर्भावस्था में शिशु में विकृतियां हो सकती हैं।
-गर्भपात का कारण भी बन सकता है।
लक्षण:-
-शरीर पर लाल चकत्ते होना
-तेज बुखार आना
-आंखों में दिक्कत महसूस होना
-मांसपेशियों में दर्द होना
-शरीर के जोड़ों में दर्द
-शरीर में कमजोरी होना
बचाव के तरीके:-
-घर में पानी जमा न होने दें
-मच्छरदानी का इस्तेमाल करें
-अधिकतम शरीर ढक कर रखें
-घर के आसपास सफाई रखें
-लक्षण आने पर डॉक्टर से संपर्क करें
जीका वायरस की जांच के लिए जिला में इंतजाम नहीं है। सेंपल आगरा भेजकर जांच कराई जा सकती है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट कर दिया गया है ताकि लक्षण सामने आने पर मरीज के सेंपल लेकर जांच कराई जा सके। लोगों को जागरूक करने के लिए व्यवस्थाएं बनाई जा रही है।- डा. अनिल कुमार, सीएमओ
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जीका वायरस विषाणु द्वारा होने वाला एक रोग है, जो मच्छर के काटने से फैलता है। इसका सटीक उपचार नहीं है। लक्षणों के आधार पर इलाज किया जाता है। ककासगंज से कानपुर सीधा रेल मार्ग है। बढ़ी संख्या में लोगों का आवागमन इस मार्ग पर होता है। भाई दूज के दिन बढ़ी संख्या में लोगों का आवागमन इस मार्ग पर हुआ, जिससे जिले में भी इस वायरस के फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है। तेजी से बढ़ स्वास्थ्य विभाग ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों के अधीक्षकों को इस वायरस को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैँ।
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जीका वायरस से खतरा
-लकवा (ग्वेलेन-बरे सिंड्रोम) हो सकता है।
-गर्भावस्था में शिशु में विकृतियां हो सकती हैं।
-गर्भपात का कारण भी बन सकता है।
लक्षण:-
-शरीर पर लाल चकत्ते होना
-तेज बुखार आना
-आंखों में दिक्कत महसूस होना
-मांसपेशियों में दर्द होना
-शरीर के जोड़ों में दर्द
-शरीर में कमजोरी होना
बचाव के तरीके:-
-घर में पानी जमा न होने दें
-मच्छरदानी का इस्तेमाल करें
-अधिकतम शरीर ढक कर रखें
-घर के आसपास सफाई रखें
-लक्षण आने पर डॉक्टर से संपर्क करें
जीका वायरस की जांच के लिए जिला में इंतजाम नहीं है। सेंपल आगरा भेजकर जांच कराई जा सकती है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट कर दिया गया है ताकि लक्षण सामने आने पर मरीज के सेंपल लेकर जांच कराई जा सके। लोगों को जागरूक करने के लिए व्यवस्थाएं बनाई जा रही है।- डा. अनिल कुमार, सीएमओ
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