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अपहृत अधिवक्ता का नहीं लगा सुराग, राजस्थान और मध्य प्रदेश में खाक छान रही पुलिस
Sat, 08 Feb 2020 12:52 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 08 Feb 2020 12:52 AM IST
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अपहृत अधिवक्ता
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के सिकंदरा क्षेत्र से अगवा फिरोजाबाद के अधिवक्ता अकरम अंसारी का सुराग नहीं लग पा रहा है। पुलिस की अलग-अलग टीम राजस्थान और मध्य प्रदेश भेजी गई हैं। गिरोह कौन सा है? अपहरण करने में कितने बदमाश शामिल रहे? यह अब तक पता नहीं चल सका है।
फिरोजाबाद के थाना दक्षिण स्थित राजपूताना मोहल्ला निवासी अधिवक्ता अकरम अंसारी तीन फरवरी को बोदला में अपने रिश्तेदार के पास आए थे। शाम को घर जाने के लिए निकले थे। इसके बाद लापता हो गए थे। बुधवार को 50 लाख रुपये की फिरौती के लिए कॉल आने पर अपहरण की जानकारी हुई थी। इसके बाद थाना सिकंदरा में मुकदमा दर्ज किया गया।
आईजी ए सतीश गणेश इस मामले की मानीटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस टीम को दिशा निर्देश दे रखे हैं। अपने कार्यालय की विशेष टीम को भी लगाया है। पुलिस की एक टीम राजस्थान तो एक टीम मध्य प्रदेश गई है। आगरा की सीमा से सटे दोनों प्रदेश के गांवों से जानकारी जुटाई जा रही है।
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फिरोजाबाद के थाना दक्षिण स्थित राजपूताना मोहल्ला निवासी अधिवक्ता अकरम अंसारी तीन फरवरी को बोदला में अपने रिश्तेदार के पास आए थे। शाम को घर जाने के लिए निकले थे। इसके बाद लापता हो गए थे। बुधवार को 50 लाख रुपये की फिरौती के लिए कॉल आने पर अपहरण की जानकारी हुई थी। इसके बाद थाना सिकंदरा में मुकदमा दर्ज किया गया।
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आईजी ए सतीश गणेश इस मामले की मानीटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस टीम को दिशा निर्देश दे रखे हैं। अपने कार्यालय की विशेष टीम को भी लगाया है। पुलिस की एक टीम राजस्थान तो एक टीम मध्य प्रदेश गई है। आगरा की सीमा से सटे दोनों प्रदेश के गांवों से जानकारी जुटाई जा रही है।
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पुलिस को आशंका है कि पकड़ को आगरा से ले जाकर बीहड़ में रखा गया होगा। इसलिए वहां की पुलिस से भी मदद ली जा रही है। हालांकि चार दिन बाद भी यह पता नहीं चल सका है कि गिरोह कौन सा था? अपहरण में कितने बदमाश थे? और अधिवक्ता को किस वाहन से ले गए? एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि टीम लगी हुई हैं। अभी कोई सुराग नहीं मिल सका है।
परिवार का हाल बेहाल
अधिवक्ता का सुराग नहीं लगने के कारण परिजनों का हाल बेहाल है। उनकी यह स्थिति नहीं है कि वो 50 लाख रुपये का इंतजाम कर सकें। बदमाशों ने उन्हें धमकी दी थी कि पुलिस से संपर्क किया तो अच्छा नहीं होगा। इस कारण परिजन पुलिस से संपर्क नहीं कर रहे हैं। अपहरणकर्ताओं का दोबारा फोन आने का इंतजार कर रहे हैं।
उधर, अधिवक्ता के अपहरण से दीवानी कचहरी सहित तहसील के अधिवक्ताओं में उबाल आ गया। बार एसोसिएशन ने मामले में शुक्रवार को हड़ताल का एलान कर दिया। सदर तहसील और जसराना तहसील के अधिवक्ताओं ने भी कामकाज ठप रखा।
परिवार का हाल बेहाल
अधिवक्ता का सुराग नहीं लगने के कारण परिजनों का हाल बेहाल है। उनकी यह स्थिति नहीं है कि वो 50 लाख रुपये का इंतजाम कर सकें। बदमाशों ने उन्हें धमकी दी थी कि पुलिस से संपर्क किया तो अच्छा नहीं होगा। इस कारण परिजन पुलिस से संपर्क नहीं कर रहे हैं। अपहरणकर्ताओं का दोबारा फोन आने का इंतजार कर रहे हैं।
उधर, अधिवक्ता के अपहरण से दीवानी कचहरी सहित तहसील के अधिवक्ताओं में उबाल आ गया। बार एसोसिएशन ने मामले में शुक्रवार को हड़ताल का एलान कर दिया। सदर तहसील और जसराना तहसील के अधिवक्ताओं ने भी कामकाज ठप रखा।