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चंबल सेंचुरी में निपाह वायरस का खतरा, वन विभाग ने किया लोगों का आगाह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला बाह (आगरा)
Updated Sun, 27 May 2018 03:09 PM IST
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nipah virus
आगरा जिले में चंबल सेंचुरी के पुराने पेड़ों पर चमगादड़ों की मौजूदगी से निपाह वायरस (NiV) के संक्रमण के खतरा बना हुआ है। वन विभाग ने चमगादड़ के पेड़ों वाले इलाके से ग्रामीणों को दूर रहने को कहा है।
चंबल सेंचुरी में 286 प्रजाति के देशी-विदेशी पक्षी हैं। वहीं पुराने पेड़ों पर चमगादड़ भी दिखते हैं। चमगादड़ से निपाह वायरस के संक्रमण का खतरा पैदा हो गया है।
चंबल सेंचुरी में मुरैना, धौलपुर, इटावा, बाह, भिंड इलाके में देशी-विदेशी पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में निपाह वायरस के खतरे को लेकर वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों को जागरूक किया है।
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चंबल सेंचुरी में 286 प्रजाति के देशी-विदेशी पक्षी हैं। वहीं पुराने पेड़ों पर चमगादड़ भी दिखते हैं। चमगादड़ से निपाह वायरस के संक्रमण का खतरा पैदा हो गया है।
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चंबल सेंचुरी में मुरैना, धौलपुर, इटावा, बाह, भिंड इलाके में देशी-विदेशी पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में निपाह वायरस के खतरे को लेकर वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों को जागरूक किया है।
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हालांकि चंबल में फलदार पेड़ नही हैं। बावजूद इसके राजस्थान सीमा के रेहा से लेकर इटावा के उदेयपुर खुर्द तक बीहड क्षेत्र के ग्रामीणों को खतरे को लेकर अगाह किया गया है।
बाह क्षेत्र के कार्यवाहक रेंजर सर्वेश भदौरिया और इटावा के रेंजर गिरिजेश तिवारी ने बताया चमगादड़ वाले पेड़ों के इलाके से ग्रामीणों को दूरी बनाने की सलाह दी गई है।
उधर, फतेहपुर सीकरी स्मारक में भी चमगादड़ों ने बसेरा बना रखा है। स्मारक देखने के लिए रोजाना हजारों पर्यटक आते हैं। ऐसे में यहां भी निपाह का खतरा पैदा हो गया है।
बाह क्षेत्र के कार्यवाहक रेंजर सर्वेश भदौरिया और इटावा के रेंजर गिरिजेश तिवारी ने बताया चमगादड़ वाले पेड़ों के इलाके से ग्रामीणों को दूरी बनाने की सलाह दी गई है।
उधर, फतेहपुर सीकरी स्मारक में भी चमगादड़ों ने बसेरा बना रखा है। स्मारक देखने के लिए रोजाना हजारों पर्यटक आते हैं। ऐसे में यहां भी निपाह का खतरा पैदा हो गया है।