{"_id":"5fe719c599153e2b955d7a23","slug":"ninety-four-percent-teachers-on-diksha-app-but-students-record-not-found-in-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"एक्सक्लूसिव: 'दीक्षा' एप पर 94 फीसदी शिक्षक पढ़ रहे, विद्यार्थियों का रिकॉर्ड नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक्सक्लूसिव: 'दीक्षा' एप पर 94 फीसदी शिक्षक पढ़ रहे, विद्यार्थियों का रिकॉर्ड नहीं
Sun, 27 Dec 2020 12:03 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 27 Dec 2020 12:03 AM IST
विज्ञापन
diksha
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा में परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाने वाले करीब 94 फीसदी शिक्षक ऑनलाइन शिक्षण के लिए दीक्षा एप पर उपलब्ध सामग्री को पढ़ रहे हैं। यह जानकारी बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने दी है। ये शिक्षक ऑनलाइन माध्यम से कितने विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं, इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। न तो विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है और न ही कोई रिपोर्ट बनाई जा रही है।
विज्ञापन
परिषदीय स्कूलों में अप्रैल से ही शिक्षक अभिभावकों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर पाठ्य सामग्री भेज रहे हैं। यहां तक कि गर्मी की छुट्टियों में भी यह प्रक्रिया चली। जिले में 9898 शिक्षक (नई नियुक्ति के शिक्षकों को छोड़कर) कार्यरत हैं। इसमें दीक्षा एप को इस्तेमाल करने वाले शिक्षकों की संख्या 94 फीसदी है।
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार यादव ने बताया कि प्रत्येक शिक्षक ने 25-26 अभिभावकों का व्हाट्सग्रुप बनाया है, उस पर शिक्षण सामग्री डाल रहे हैं। इन कक्षाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की कोई रिपोर्ट शासन स्तर से मांगी नहीं गई है, इसलिए उसे तैयार नहीं कराया गया है।
विज्ञापन
15 फीसदी से भी कम विद्यार्थी दे रहे प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री बृजेश दीक्षित का कहना है कि शिक्षक व्हाट्सग्रुप में नियमित रूप से पाठ्य सामग्री डाल रहे हैं। 15 फीसदी से भी कम विद्यार्थी उसे पढ़कर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। अभिभावक बच्चों को फोन भी नहीं दे रहे हैं। तमाम अभिभावकों पर एंड्रायड फोन और इंटरनेट की सुविधा नहीं है।
सौ फीसदी विद्यार्थियों को किताबें दी गई हैं
परिषदीय स्कूलों में करीब 2.41 लाख विद्यार्थियों का पंजीकरण है। बेसिक शिक्षा अधिकारी के मुताबिक 100 विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध करा दी गई हैं। जितने विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म का बजट मिला था, उनको यूनिफॉर्म दे दी गई है। 95 फीसदी स्वेटर का वितरण किया जा चुका है।
नए शिक्षक अभी विद्यार्थियों से रूबरू नहीं हुए
जिले में नियुक्त करीब 670 शिक्षक अभी तक विद्यार्थियों से रूबरू नहीं हुए हैं। पहली सूची में शामिल करीब 590 शिक्षकों की तैनाती हुई है। अभी इनको प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दूसरी सूची में शामिल शिक्षकों को अभी बीएसए कार्यालय में तैनाती दी गई है। स्कूलों में पहुंचे ही नहीं हैं।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री बृजेश दीक्षित का कहना है कि शिक्षक व्हाट्सग्रुप में नियमित रूप से पाठ्य सामग्री डाल रहे हैं। 15 फीसदी से भी कम विद्यार्थी उसे पढ़कर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। अभिभावक बच्चों को फोन भी नहीं दे रहे हैं। तमाम अभिभावकों पर एंड्रायड फोन और इंटरनेट की सुविधा नहीं है।
सौ फीसदी विद्यार्थियों को किताबें दी गई हैं
परिषदीय स्कूलों में करीब 2.41 लाख विद्यार्थियों का पंजीकरण है। बेसिक शिक्षा अधिकारी के मुताबिक 100 विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध करा दी गई हैं। जितने विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म का बजट मिला था, उनको यूनिफॉर्म दे दी गई है। 95 फीसदी स्वेटर का वितरण किया जा चुका है।
नए शिक्षक अभी विद्यार्थियों से रूबरू नहीं हुए
जिले में नियुक्त करीब 670 शिक्षक अभी तक विद्यार्थियों से रूबरू नहीं हुए हैं। पहली सूची में शामिल करीब 590 शिक्षकों की तैनाती हुई है। अभी इनको प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दूसरी सूची में शामिल शिक्षकों को अभी बीएसए कार्यालय में तैनाती दी गई है। स्कूलों में पहुंचे ही नहीं हैं।