एटा: सीवर प्रोजेक्ट से बाहर हो सकते हैं नौ हजार घर, जानें वजह
जिले में सीवर डालने का काम तेजी से चल रहा है। प्रयास ये है कि हर घर को सीवर से जोड़ा जा सके, लेकिन इस बीच बुरी खबर ये है कि नौ हजार घर सीवर प्रोजेक्ट से बाहर हो सकते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एटा में सीवर लाइन डालने के बाद घर-घर कनेक्शन दिए जा रहे हैं, लेकिन जल निगम को बस स्टैंड से रेलवे पुल के बीच सीवर पंपिंग स्टेशन बनाने के लिए जगह नहीं मिल पा रही। यह नहीं बनता है तो इस इलाके के नौ हजार घर परियोजना के दायरे से बाहर हो सकते हैं।
इन क्षेत्रों के घरों के लिए मुश्किलें
जल निगम द्वारा रेलवे पुल से लेकर बस स्टैंड तक क्षेत्र में सीवर पंपिंग स्टेशन के लिए भूमि तलाश की जा रही है। इतने क्षेत्र में जमीन न मिलने के कारण सीवर पंपिंग स्टेशन का निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। जबकि जीजीआइसी में निर्माण के लिए भेजा गया प्रस्ताव शासन स्तर पर अटका हुआ है। इसे लेकर कार्यदायी संस्था परेशान है। अगर सीवर पंपिंग स्टेशन के लिए भूमि नहीं मिल पाती है तो रेलवे पुल से बस स्टैंड तक की करीब नौ हजार घर के लोगों को सीवेज प्रोजेक्ट की सुविधा से वंचित होना पड़ेगा। करीब दस मोहल्लों की आबादी इससे प्रभावित होगी।
शहीद पार्क में चिह्नित जमीन से विवादों में घिरा था जलनिगम
जल निगम द्वारा सीवर पंपिंग स्टेशन निर्माण के लिए पिछले वर्ष जीटी रोड स्थित शहीद पार्क में जगह चिह्नित की गई थी। इसका शहरवासियों ने जमकर विरोध किया। विरोध के चलते जल निगम को यहां पर पंपिंग स्टेशन निर्माण कराने से पीछे हटना पड़ा।
तलाश जारी
जल निगम के अधिशासी अभियंता आरके शर्मा ने बताया कि शहर में रेलवे पुल से लेकर बस स्टैंड के बीच सीवर पंपिंग स्टेशन के लिए जमीन तलाशी जा रही है। अगर जमीन नहीं मिलती है तो इस बीच क्षेत्र के करीब नौ हजार घर सीवेज प्रोजेक्ट से वंचित हो सकते हैं।