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UP: वृंदावन में सेप्टिक टैंक में गिरने से तीन श्रमिकों की मौत पर एनएचआरसी सख्त, मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट
Thu, 13 Jun 2024 11:23 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 13 Jun 2024 11:23 PM IST
सार
वृंदावन में सेप्टिक टैंक में गिरने से तीन श्रमिकों की मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस भेजकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने पाया कि इस बारे में मीडिया की रिपोर्ट यदि सच है तो यह पीड़ितों के मानवाधिकारों का उल्लंघन का मामला है।
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वृंदावन में सीवर हादसा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने वृंदावन में एक फूड आउटलेट के सेप्टिक टैंक में गिरने से तीन श्रमिकों की मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस जारी करते हुए विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। बता देंकि बीती 8 जून को बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के सेप्टिक टैंक के अंदर एक मोटर की मरम्मत करते समय श्रमिक बिजली की चपेट में आ गए थे।
आयोग ने पाया कि इस बारे में मीडिया की रिपोर्ट यदि सच है तो यह पीड़ितों के मानवाधिकारों का उल्लंघन का मामला है। ठेकेदार और स्थानीय अधिकारियों की लापरवाही से तीन लोगों की जान चली गई, जो चिंता का विषय है। आयोग ने इस मामले में दर्ज एफआईआर की स्थिति, जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के साथ-साथ अधिकारियों द्वारा मृत श्रमिकों के परिजनों को प्रदान की गई राहत और पुनर्वास की स्थिति की जानकारी भी देने को कहा है।
साथ ही, बिना सुरक्षा उपकरणों के सफाई की गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध की सिफारिश भी की है। इस बाबत एडवाइजरी में आयोग ने कहा कि किसी भी सफाई कार्य के मामले में स्थानीय प्राधिकारी और ठेकेदार, नियोक्ताओं को संयुक्त रूप से और अलग-अलग रूप से जिम्मेदार और जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
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आयोग ने पाया कि इस बारे में मीडिया की रिपोर्ट यदि सच है तो यह पीड़ितों के मानवाधिकारों का उल्लंघन का मामला है। ठेकेदार और स्थानीय अधिकारियों की लापरवाही से तीन लोगों की जान चली गई, जो चिंता का विषय है। आयोग ने इस मामले में दर्ज एफआईआर की स्थिति, जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के साथ-साथ अधिकारियों द्वारा मृत श्रमिकों के परिजनों को प्रदान की गई राहत और पुनर्वास की स्थिति की जानकारी भी देने को कहा है।
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साथ ही, बिना सुरक्षा उपकरणों के सफाई की गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध की सिफारिश भी की है। इस बाबत एडवाइजरी में आयोग ने कहा कि किसी भी सफाई कार्य के मामले में स्थानीय प्राधिकारी और ठेकेदार, नियोक्ताओं को संयुक्त रूप से और अलग-अलग रूप से जिम्मेदार और जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
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