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UP: त्रिनेत्र एप में जोड़ा गया नया विकल्प, अब बदमाशों की आवाज से पुलिस खंगालेगी आपराधिक रिकाॅर्ड
Wed, 06 Aug 2025 10:20 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 06 Aug 2025 10:20 AM IST
सार
अपराधियों की आवाज से भी उनके आपराधिक रिकाॅर्ड की जानकारी की जा सकेगी। इसके लिए त्रिनेत्र एप में नया विकल्प जोड़ा गया है।
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त्रिनेत्र एप
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
पुलिसकर्मी अब त्रिनेत्र एप पर अपराधियों की फोटो और फिंगर प्रिंट के साथ आवाज भी अपलोड करेंगे। इससे एक क्लिक पर आरोपी का आपराधिक इतिहास सामने आ जाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) की मदद से आवाज को पहचानने में ज्यादा देर नहीं लगेगी।
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि पुलिस विभाग में नए-नए एप्लीकेशन पर कार्य किया जा रहा है। अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद त्रिनेत्र एप्लीकेशन पर डेटा सुरक्षित रखा जाता है। इसमें आरोपी की व्यक्तिगत जानकारी से लेकर फिंगर प्रिंट और फोटो अपलोड की जाती थी। अब इस एप्लीकेशन में नया विकल्प भी जोड़ा गया है। पुलिसकर्मियों को आरोपियों की आवाज का भी सैंपल लेना होगा।
एक बार आवाज एप में आने के बाद दूसरे थानों की पुलिस को आपराधिक इतिहास खंगालने में आसानी होगी। एप में एआई की मदद से आवाज को पहचानकर रिकाॅर्ड निकल आएगा। इसमें ज्यादा समय भी नहीं लगेगा। इसके लिए कमिश्नरेट के सभी पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। एप के माध्यम से एक थाने से दूसरे थाने और अन्य जिलों की पुलिस को फायदा मिलेगा।
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डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि पुलिस विभाग में नए-नए एप्लीकेशन पर कार्य किया जा रहा है। अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद त्रिनेत्र एप्लीकेशन पर डेटा सुरक्षित रखा जाता है। इसमें आरोपी की व्यक्तिगत जानकारी से लेकर फिंगर प्रिंट और फोटो अपलोड की जाती थी। अब इस एप्लीकेशन में नया विकल्प भी जोड़ा गया है। पुलिसकर्मियों को आरोपियों की आवाज का भी सैंपल लेना होगा।
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एक बार आवाज एप में आने के बाद दूसरे थानों की पुलिस को आपराधिक इतिहास खंगालने में आसानी होगी। एप में एआई की मदद से आवाज को पहचानकर रिकाॅर्ड निकल आएगा। इसमें ज्यादा समय भी नहीं लगेगा। इसके लिए कमिश्नरेट के सभी पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। एप के माध्यम से एक थाने से दूसरे थाने और अन्य जिलों की पुलिस को फायदा मिलेगा।
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