{"_id":"5fe0c53a8ebc3e40fd3147e5","slug":"new-academic-session-for-foreign-student-starts-in-central-hindi-institute","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"केंद्रीय हिंदी संस्थान में विदेशी छात्रों का सत्र शुरू, 19 देशों के विद्यार्थियों ने लिया प्रवेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केंद्रीय हिंदी संस्थान में विदेशी छात्रों का सत्र शुरू, 19 देशों के विद्यार्थियों ने लिया प्रवेश
Tue, 22 Dec 2020 12:07 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 22 Dec 2020 12:07 AM IST
सार
- 19 देशों के 63 विद्यार्थियों का प्रवेश
- हिंदी भाषा दक्षता प्रमाणपत्र में 43
- हिंदी भाषा दक्षता डिप्लोमा में 14
विज्ञापन
केंद्रीय हिंदी संस्थान
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय हिंदी संस्थान के अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग की ओर से आगरा स्थित मुख्यालय व दिल्ली केंद्र के विदेशी छात्रों के पाठ्यक्रमों का सत्र ऑनलाइन सोमवार को आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि त्रिनिदाद और टोबैगो उच्च आयोग के उच्चायुक्त डॉ. रोजर गोपाल ने कहा कि हिंदी विश्व की प्रमुख भाषाओं में से एक है। भारत वर्तमान में एक प्रमुख वैश्विक औद्योगिक व आर्थिक शक्ति है। हिंदी भाषा को सीखना विद्यार्थियों के लिए बहुत लाभदायक हो सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद के महासचिव डॉ. श्याम परांडे ने की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति-सभ्यता के मूल में अध्यात्म है। केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल के उपाध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा, जोशी ने कहा कि किसी भाषा को सीखना किसी सभ्यता को जानने जैसा है। देश को सिर्फ हिंदी माध्यम से ही जाना जा सकता है। कार्यक्रम में असिस्टेंट प्रोफेसर मयंक, केशरी नंदन ने अतिथियों का परिचय दिया। संस्थान की निदेशिका प्रो. बीना शर्मा ने विभाग की गतिविधियों का परिचय दिया। डॉ. जोगेंद्र सिंह मीणा ने भी विचार रखे।
ये भी पढ़ें- आगरा: शौच के लिए घर से गई युवती की गला रेत कर हत्या से सनसनी, खेत में मिला शव
विज्ञापन
19 देशों के 63 विद्यार्थियों का प्रवेश
अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग में सत्र 2020-21 में 19 देशों के 63 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। हिंदी भाषा दक्षता प्रमाणपत्र में 43, हिंदी भाषा दक्षता डिप्लोमा में 14, हिंदी भाषा दक्षता उच्च डिप्लोमा में छह विद्यार्थियों का प्रवेश हुआ है।
विज्ञापन
कार्यक्रम की अध्यक्षता अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद के महासचिव डॉ. श्याम परांडे ने की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति-सभ्यता के मूल में अध्यात्म है। केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल के उपाध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा, जोशी ने कहा कि किसी भाषा को सीखना किसी सभ्यता को जानने जैसा है। देश को सिर्फ हिंदी माध्यम से ही जाना जा सकता है। कार्यक्रम में असिस्टेंट प्रोफेसर मयंक, केशरी नंदन ने अतिथियों का परिचय दिया। संस्थान की निदेशिका प्रो. बीना शर्मा ने विभाग की गतिविधियों का परिचय दिया। डॉ. जोगेंद्र सिंह मीणा ने भी विचार रखे।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- आगरा: शौच के लिए घर से गई युवती की गला रेत कर हत्या से सनसनी, खेत में मिला शव
विज्ञापन
19 देशों के 63 विद्यार्थियों का प्रवेश
अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग में सत्र 2020-21 में 19 देशों के 63 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। हिंदी भाषा दक्षता प्रमाणपत्र में 43, हिंदी भाषा दक्षता डिप्लोमा में 14, हिंदी भाषा दक्षता उच्च डिप्लोमा में छह विद्यार्थियों का प्रवेश हुआ है।