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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Nesting season has begun in the Chambal region, with gharials and crocodiles becoming aggressive. People bathing in the river to escape the heat are at risk. The Forest Department's silence could lead to disaster.

Agra News: चंबल में शुरू हुआ ‘नेस्टिंग सीजन’, आक्रामक हुए घड़ियाल और मगरमच्छ, गर्मी से राहत पाने नदी में नहाने जा रहे लोग खतरे में, वन विभाग की चुप्पी करा सकती है हादसा

Fri, 24 Apr 2026 01:43 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 24 Apr 2026 01:43 AM IST
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Nesting season has begun in the Chambal region, with gharials and crocodiles becoming aggressive. People bathing in the river to escape the heat are at risk. The Forest Department's silence could lead to disaster.
नेस्टिंग सीजन में चंबल में नहाने पहुंच रहे लोग,हादसे की आंशका - फोटो : Archive
पिनाहट। भीषण गर्मी के बीच चंबल नदी के किनारे बसे ग्रामीणों के लिए चेतावनी भरी खबर है। इन दिनों चंबल सेंचुरी क्षेत्र में घड़ियाल और मगरमच्छों का ‘नेस्टिंग सीजन’ (अंडे देने का समय) चल रहा है। इस दौरान जलीय जीव अपनी प्राकृतिक प्रवृत्ति के कारण अत्यधिक आक्रामक हो जाते हैं, जो नदी किनारे पहुंचने वाले इंसानों पर जानलेवा हमला कर सकते हैं।
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चंबल नदी में घड़ियाल और मगरमच्छों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है। जानकारों के अनुसार, नेस्टिंग सीजन और बढ़ते तापमान के कारण ये जीव चिड़चिड़े और हिंसक हो जाते हैं। इन दिनों बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चे गर्मी से राहत पाने के लिए नदी में नहाने पहुंच रहे हैं, जो सीधे तौर पर मौत को दावत देने जैसा है।
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पुरानी घटनाओं से भी नहीं लिया सबक
पूर्व में भी नेस्टिंग सीजन के दौरान कई हमले हो चुके हैं। हाल ही में झरनापुरा के एक किशोर, अजय राज ने साहस दिखाते हुए अपने पिता को मगरमच्छ के जबड़े से छुड़ाकर उनकी जान बचाई थी। ऐसी घटनाओं के बावजूद भी लोग जोखिम उठा रहे हैं।
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वन विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल
हैरानी की बात यह है कि स्थिति इतनी संवेदनशील होने के बावजूद चंबल सेंचुरी क्षेत्र का वन विभाग और कर्मचारी अनजान बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग ने अब तक नदी किनारे कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया है। ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए कोई मुनादी या अलर्ट जारी नहीं किया गया है। नदी किनारे गश्त की भी भारी कमी देखी जा रही है। क्षेत्रीय लोगों ने मांग की है कि वन विभाग तत्काल प्रभाव से चंबल किनारे जाने वाले मुख्य रास्तों पर चेतावनी जारी करे और लोगों को पानी के पास जाने से रोके, ताकि किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके।
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