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Agra News: ठंड में सिकुड़ रहीं नसें, लकवा और हार्ट अटैक व अस्थमा के हुए दोगुने मरीज

Tue, 09 Dec 2025 02:44 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 09 Dec 2025 02:44 AM IST
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Nerves shrink in the cold, paralysis, heart attack, and asthma patients double
106, एसएन ओपीडी
आगरा। ठंड पड़ने से लकवा और हार्ट अटैक के मरीजों की संख्या दोगुना हो गई है। हवा में धूल-धुआं बढ़ने से अस्थमा अटैक के मरीज भी तेजी से बढ़े हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में रोजाना इन बीमारियों के 30-40 मरीज भर्ती हो रहे हैं। चिकित्सक इसकी बड़ी वजह दवाएं बंद करने और प्रदूषण को मान रहे हैं।
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न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉ. मयंक अग्रवाल ने बताया कि पारा कम होने और प्रदूषण से नस सिकुड़ने लगती हैं। इससे रक्तसंचार प्रभावित होने से बीते महीने के मुकाबले लकवा के मरीज दोगुना से अधिक है। इसमें रोजाना 10-15 मरीज भर्ती हो रहे हैं। कई की हालत गंभीर मिल रही है। इनमें से 3-5 मरीजों की संख्या 30-45 साल है।
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वक्ष एवं क्षय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि वाहनों के धुआं और निर्माण कार्य से उड़ने वाली धूल हवा में घुल रही है। नमी से धुंध भी हो रहा है। इसके संपर्क में आने से नस और फेफड़ों में संक्रमण मिल रहा है। इससे सांस फूलने, सीने में जकड़न, घबराहट और सांस उखड़ने की परेशानी हो रही है। सोमवार को अस्थमा अटैक के 8 मरीज इमरजेंसी में भर्ती हुए हैं। इनको ऑक्सीजन दी जा रही है।
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हृदय रोग विभाग के डॉ. सौरभ नागर ने बताया कि पारा कम होने से हृदय रोगियों की दिक्कत बढ़ रही है। हार्टअटैक के मरीजों की संख्या बीते महीने के मुकाबले दोगुना से अधिक है। रोजाना 10-12 मरीज भर्ती हो रहे हैं। ओपीडी की बात करें तो सीने में दर्द, घबराहट, पसीना आने समेत अन्य परेशानी बता रहे हैं।


इलाज के लिए धक्कामुक्की-मारामारी नहीं हो रही कम
एसएन की ओपीडी में सोमवार को 3516 मरीज आए। इनमें वायरल बुखार, निमोनिया, सांस रोग, त्वचा रोग और जोड़ो में दर्द के मरीज सबसे ज्यादा हैं। सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक मरीजों की भारी भीड़ रही। हॉल भी ठसाठस भर गया। पर्चा, दवा और जांच के लिए मरीजाें को धक्कामुक्की और मारामारी झेलनी पड़ी। इलाज के लिए मरीजों को तीन से चार घंटे का समय लग गया। बरौली अहीर निवासी सोनवीर सिंह ने बताया कि पिताजी की सांस फूलने पर एसएन में दिखाया। पर्चा, डॉक्टर को दिखाने, दवा और फिर जांच के लिए चार बार लाइन में लगना पड़ा। सुबह 10 बजे आकर दो-ढाई बज गए। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता का कहना है कि सुविधाएं बेहतर होने से मरीजों की संख्या साढ़े तीन हजार को पार कर रही है। ऑनलाइन पर्चा काउंटर और बढ़ाए जाएंगे।
इन बातों का रखें ख्याल
- बिस्तर से उठकर एकदम बाहर न जाएं। शरीर को वार्मअप करें।
- धूम्रपान-एल्कोहल से दूर रहें, पौष्टिक आहार लें, नियमित व्यायाम करें।
- रक्तचाप और मधुमेह का स्तर नियंत्रित रखें, अपने स्तर से दवाएं बंद न करें।
- कचरा न जलाएं, धूल-धुआं वाले क्षेत्रों पर जाने से बचें, बाहर जाते वक्त मास्क लगाएं।
- पसीना आना, घबराहट होना, सीने का दर्द कंधों तक आना तो तत्काल चिकित्सक को दिखाएं।
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