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मिट्टी की ढाय गिरने से दो की माैत: नाला निर्माण में लापरवाही, सामने आई हादसे की वजह; अफसरों ने साधी चुप्पी
Wed, 23 Sep 2026 03:06 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Wed, 23 Sep 2026 03:06 PM IST
सार
20 फीट गहरे नाले के निर्माण में 203 पेड़ आ रहे थे, जिसका अलाइनमेंट बदलने की जगह एडीए को सुप्रीम कोर्ट से पेड़ों के काटने की अनुमति लेनी थी लेकिन यह मंजूरी मिलने से पहले ही नाला निर्माण शुरू कर दिया गया और आधा निर्माण कर भी लिया गया।
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आगरा में नाला निर्माण के दौरान बड़ा हादसा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के सिकंदरा के अरतोनी में सोमवार को नाले के निर्माण के दौरान मिट्टी की ढाय गिरने से 15 फीट गहराई में दबने से दो मजदूरों की मौत के मामले में फिलहाल आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) के अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है। एडीए की आरंभिक जांच में पता चला है कि नाले के लिए खोदाई के बाद जब मजदूर नीचे उतरे तो उन्होंने दोनों ओर मिट्टी को रोकने वाली शटरिंग की सपोर्ट रॉड हटा दीं। इससे ढाय गिर गई और तीन मजदूर दब गए।
बुलडोजर और फावड़े की मदद से मिट्टी हटाकर 45 मिनट बाद तीन मजदूरों को बाहर निकाला जा सका। हालांकि, तब तक मुजफ्फरनगर निवासी विकास (28) और सुशील (45) की मौत हो गई थी। वहीं गंभीर हालत में एक मजदूर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसका इलाज जारी है। मजदूरों ने आरोप लगाया था कि ठेकेदार फर्म ने सुरक्षा मानकों का ख्याल नहीं रखा था। इसकी वजह से ही हादसा हुआ।
सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी लिए बिना ही एडीए ने बनाया नाला
सिकंदरा क्षेत्र में जिस नाले के निर्माण में मिट्टी की ढाय गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, उसे सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बिना ही बनाया जा रहा था। 20 फीट गहरे नाले के निर्माण में 203 पेड़ आ रहे थे, जिसका अलाइनमेंट बदलने की जगह एडीए को सुप्रीम कोर्ट से पेड़ों के काटने की अनुमति लेनी थी लेकिन यह मंजूरी मिलने से पहले ही नाला निर्माण शुरू कर दिया गया और आधा निर्माण कर भी लिया गया।
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पर्यावरणविद डॉ. शरद गुप्ता ने बताया कि एडीए से सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में पता चला कि नाला निर्माण के समय अलाइनमेंट में बाधा बन रहे 203 पेड़ काटने की मंजूरी ही नहीं थी। वर्ष 2023 से लेकर अब तक वन विभाग ने समय-समय पर एडीए से पेड़ काटने की अनुमति लेने के लिए पत्र भेजे थे लेकिन एडीए के पास इस साल तक कोई अनुमति नहीं है।
वन विभाग ने इनर रिंग रोड के पास 203 पेड़ों को काटने के बदले प्रतिपूर्ति के रूप में 2030 पेड़ लगाने के लिए जगह चिह्नित की थी और 25 लाख रुपये का एस्टीमेट एडीए को भेजा था। एडीए के मुख्य अभियंता संजीव कुमार ने बताया कि निर्माण के लिए जरूरी मंजूरी प्राप्त कर ली गई है।पेड़ों के लिए वन विभाग के माध्यम से आवेदन किया गया है। मंजूरी के बाद उस क्षेत्र में भी काम शुरू किया जाएगा।
आरंभिक जांच में निगरानी और ठेकेदार व मजदूरों की चूक की वजह से हादसा होने की जानकारी सामने आई है। विस्तृत जांच रिपोर्ट का इंतजार है। -संजीव कुमार, मुख्य अभियंता, एडीए
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बुलडोजर और फावड़े की मदद से मिट्टी हटाकर 45 मिनट बाद तीन मजदूरों को बाहर निकाला जा सका। हालांकि, तब तक मुजफ्फरनगर निवासी विकास (28) और सुशील (45) की मौत हो गई थी। वहीं गंभीर हालत में एक मजदूर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसका इलाज जारी है। मजदूरों ने आरोप लगाया था कि ठेकेदार फर्म ने सुरक्षा मानकों का ख्याल नहीं रखा था। इसकी वजह से ही हादसा हुआ।
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सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी लिए बिना ही एडीए ने बनाया नाला
सिकंदरा क्षेत्र में जिस नाले के निर्माण में मिट्टी की ढाय गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, उसे सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बिना ही बनाया जा रहा था। 20 फीट गहरे नाले के निर्माण में 203 पेड़ आ रहे थे, जिसका अलाइनमेंट बदलने की जगह एडीए को सुप्रीम कोर्ट से पेड़ों के काटने की अनुमति लेनी थी लेकिन यह मंजूरी मिलने से पहले ही नाला निर्माण शुरू कर दिया गया और आधा निर्माण कर भी लिया गया।
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पर्यावरणविद डॉ. शरद गुप्ता ने बताया कि एडीए से सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में पता चला कि नाला निर्माण के समय अलाइनमेंट में बाधा बन रहे 203 पेड़ काटने की मंजूरी ही नहीं थी। वर्ष 2023 से लेकर अब तक वन विभाग ने समय-समय पर एडीए से पेड़ काटने की अनुमति लेने के लिए पत्र भेजे थे लेकिन एडीए के पास इस साल तक कोई अनुमति नहीं है।
वन विभाग ने इनर रिंग रोड के पास 203 पेड़ों को काटने के बदले प्रतिपूर्ति के रूप में 2030 पेड़ लगाने के लिए जगह चिह्नित की थी और 25 लाख रुपये का एस्टीमेट एडीए को भेजा था। एडीए के मुख्य अभियंता संजीव कुमार ने बताया कि निर्माण के लिए जरूरी मंजूरी प्राप्त कर ली गई है।पेड़ों के लिए वन विभाग के माध्यम से आवेदन किया गया है। मंजूरी के बाद उस क्षेत्र में भी काम शुरू किया जाएगा।
आरंभिक जांच में निगरानी और ठेकेदार व मजदूरों की चूक की वजह से हादसा होने की जानकारी सामने आई है। विस्तृत जांच रिपोर्ट का इंतजार है। -संजीव कुमार, मुख्य अभियंता, एडीए