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ब्रज में अष्टमी पूजन के साथ राम जन्मोत्सव का विशेष योग, जानिए शुभ मुहूर्त
Fri, 12 Apr 2019 10:25 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 12 Apr 2019 10:25 PM IST
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- फोटो : डेमो
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नवरात्र में कई घरों में शनिवार को श्रीदुर्गा अष्टमी का पूजन होगा। इस दिन नवमी का भी योग है। नवमी मनाने वाले भक्तों अष्टमी के दिन भी व्रत रखें। नवमी पर पूजन के बाद मां दुर्गा सिंह पर सवार होकर विदा हो जाएंगीं। राम जन्मोत्सव का शुभ योग भी शनिवार को ही बन रहा है।
शनिवार को अष्टमी तिथि को मां महागौरी की आराधना होगी। चतुर्भुजा स्वरूप में मां हाथों में त्रिशूल और डमरू लिए होंगीं। इसके चलते भक्तों पर महादेव भी कृपा बरसाएंगे। अष्टमी का योग शनिवार को 11:41 बजे तक रहेगा। इसके बाद नवमी की तिथि लग जाएगी, जो 14 अप्रैल की सुबह 9:36 तक रहेगी। ऐसे में जो भक्त नवमी पूजन करेंगे उन्हें शनिवार को भी व्रत रखना चाहिए।
ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि श्री दुर्गा नवमी पर हवन-यज्ञ कर माता के नौ स्वरूपों के रूप में नौ कन्याओं का पूजन करें। उन्हें वस्त्र, पूड़ी, हलवा, चना और उपहार देकर विदा करें।
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शनिवार को अष्टमी तिथि को मां महागौरी की आराधना होगी। चतुर्भुजा स्वरूप में मां हाथों में त्रिशूल और डमरू लिए होंगीं। इसके चलते भक्तों पर महादेव भी कृपा बरसाएंगे। अष्टमी का योग शनिवार को 11:41 बजे तक रहेगा। इसके बाद नवमी की तिथि लग जाएगी, जो 14 अप्रैल की सुबह 9:36 तक रहेगी। ऐसे में जो भक्त नवमी पूजन करेंगे उन्हें शनिवार को भी व्रत रखना चाहिए।
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ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि श्री दुर्गा नवमी पर हवन-यज्ञ कर माता के नौ स्वरूपों के रूप में नौ कन्याओं का पूजन करें। उन्हें वस्त्र, पूड़ी, हलवा, चना और उपहार देकर विदा करें।
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ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि शनिवार को ही भगवान श्री राम जन्मोत्सव का भी शुभ संयोग बन रहा है। भगवान का जन्म नवमी तिथि में कर्क लग्न और पुष्य नक्षत्र में हुआ था।
कर्क लग्न शनिवार की दोपहर 11:50 से 2:10 बजे तक और पुष्य नक्षत्र शनिवार की सुबह 8:59 मिनट से रविवार की सुबह 7:40 बजे तक रहेगा। ऐसे में भगवान राम का जन्मोत्सव शनिवार को मनाया जाना चाहिए।
कर्क लग्न शनिवार की दोपहर 11:50 से 2:10 बजे तक और पुष्य नक्षत्र शनिवार की सुबह 8:59 मिनट से रविवार की सुबह 7:40 बजे तक रहेगा। ऐसे में भगवान राम का जन्मोत्सव शनिवार को मनाया जाना चाहिए।