एटा में ईओ का विरोधः कलक्ट्रेट में अनशन पर बैठे निधौली कलां के चेयरमैन, अधिकारी पर लगाए कई आरोप
चेयरमैन ने आरोप लगाया कि ईओ द्वारा आदेशों की अवहेलना, प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर मनमानी की जा रही है। निर्वाचित प्रतिनिधियों का अपमान किया जाता है।
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एटा की निधौली नगर पंचायत से भाजपा के चेयरमैन देवलाल लोधी प्रशासनिक अधिकारियों और ईओ (अधिशासी अधिकारी) के खिलाफ शुक्रवार को डीएम कार्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठ गए। बाद में यहां से उन्हें हटाकर कलेक्ट्रेट के सामने बने धरना स्थल पर पहुंचा दिया गया। अधिकारियों पर उन्होंने आदेश न मानने सहित कई आरोप लगाए हैं। शासन से इनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
नगर पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि ईओ उनके आदेशों की अवहेलना, प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर अपनी मनमानी कर रहे हैं। निर्वाचित प्रतिनिधियों का अपमान किया जाता है। उनके अड़ियल रवैये के कारण आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का वेतन तीन माह से लंबित है। इससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है। सात मामले 11 अप्रैल को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में रखे थे।
इन पर प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद 29 अप्रैल को प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित शासन के अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा। इस पर भी कोई संज्ञान नहीं लिया गया। मजबूरन आमरण अनशन करना पड़ रहा है। शुक्रवार सुबह 10 बजे चेयरमैन कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम कार्यालय के ठीक सामने फर्श पर ही बैठकर अनशन शुरू कर दिया।
अफसरों के आवासों पर तैनाती, नगर पंचायत से भुगतान
नगर पंचायत चेयरमैन ने आरोप लगाया कि चार कर्मचारियों के वेतन का भुगतान नगर पंचायत से निकाला गया है। लेकिन आउटसोर्स से रखे गए ये कर्मचारी नगर पंचायत में ड्यूटी ही नहीं कर रहे हैं। इन्हें अधिकारियों ने अपने आवासों पर लगा रखा है। फिर नगर पंचायत भुगतान क्यों करे।
अनशन में यह भी रहे साथ
चेयरमैन के साथ तीन अन्य लोग भी अनशन में शामिल हैं। सामाजिक कार्यकर्ता रबीश गोला अपनी विभिन्न शिकायतों और भ्रष्टाचार के आरोप, निधौली कलां के शेर सिंह अपनी जमीन को गलत तरीके से सरकार के खाते में दर्ज करने और रामलीला कमेटी के संरक्षक शंकरपाल गुप्ता रामलीला मैदान पर अवैध कब्जों के विरुद्ध अनशन कर रहे हैं।
कलक्ट्रेट से जबरन हटाने का आरोप
चेयरमैन और उनके साथियों ने कलक्ट्रेट से जबरन हटाए जाने का आरोप लगाया है। बताया कि वह लोग शांतिपूर्वक अनशन पर बैठे थे। दोपहर करीब एक बजे सीओ सिटी सहित अन्य पुलिसकर्मी आए और उन्हें हटने के लिए कहा। मना किया तो जबरन डीएम कार्यालय से उठाकर कलक्ट्रेट के सामने बने धरना स्थल पर पहुंचा दिया।
ये हैं मांगें
- नगर पंचायत के तालाबों को भूमाफियाओं द्वारा किए गए अवैध कब्जों से मुक्त कराया जाए
- रामलीला मैदान की पैमाइश कराकर अतिक्रमण हटाया जाए
- दो नलकूप, टंकी परिसर कार्यों की जांच की जाए
- सामुदायिक शौचालय बीआरसी पर निर्माण के लिए अतिक्रमण हटवाया जाए
- 15वें वित्त से स्वीकृत वाटर कूलर की सही जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए
- आउटसोर्स कर्मचारियों की वेतन संबंधी पत्रावली की जांच कराकर वेतन आहरण किया जाए, दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हो
- पूर्व में लगाई गई स्ट्रीट लाइटों में हुई वित्तीय अनियमितताओं के दोषियों पर कार्रवाई की जाए
प्रभारी ईओ और एएसडीएम वेदप्रिय आर्य ने कहा कि चेयरमैन द्वारा अनशन किए जाने की जानकारी मिली है। लेकिन मुझे लेकर इसमें कोई मामला नहीं है। अन्य मामलों को लेकर वह विरोध जता रहे हैं।
एडीएम प्रशासन आलोक कुमार ने कहा कि नगर पंचायत अध्यक्ष की जो मांगे हैं, उसमें से कुछ पूरी भी की जा चुकी हैं। जो बिंदु रह गए हैं उन पर कार्रवाई चल रही है। इस संबंध में उनसे वार्ता भी की गई है।