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कर्मचारियों को वेतन देने से हाथ खड़े किए सरकार ने
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कोसीकलां। सरकार ने नगर पालिका कर्मचारियों को वेतन देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से विकास कार्यों के लिए मिलने वाली 14वें वित्त आयोग की धनराशि को वेतन पर खर्च किया जाएगा। इससे होने वाले विकास कार्यों पर फिर ब्रेक लग गया है।
नगर निकायों को केंद्र सरकार की ओर से विकास कार्यों के लिए 14वें वित्त आयोग के तहत अनुदान मिलता है। इसे निकाय नाली निर्माण, सड़क सुरक्षा, संपत्ति सुरक्षा और शमशान घाट निर्माण जैसे कार्यों पर खर्च करते हैं। जनपद की एक मात्र नगर पालिका को 14वें वित्त के तहत करीब चार करोड़ रुपये से अधिक अनुदान मिला था। दूसरी किश्त भी जनवरी में मिल गई थी। काम शुरू कराने की तैयारी की, तो कोरोना संक्रमण और फिर लॉकडाउन हो गया है। ऐसे में नगर में विकास कार्य रुक गए।
नगर विकास विभाग की निदेशक डॉ. काजल ने 14वें वित्त आयोग में अवशेष पड़ी राशि से वेतन का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। नगर पालिका के पास करीब ढाई करोड़ रुपये अवशेष हैं। हालांकि 15वें वित्त के तहत निकायों को अनुदान मिल चुका है। 400 कर्मचारियों को प्रतिमाह 90 लाख रुपये वेतन के रूप में खर्च करने पड़ते हैं। यह वेतन शासन से आता है। नगर पालिका अपनी टैक्स से होने वाली आमदनी को विकास कार्यों में खर्च करती है। कोरोना के बाद भी नगर पालिका के कर्मचारियों ने काम किया।
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नगर पालिका के कर्मचारियों को 14वें वित्त की धनराशि से वेतन का भुगतान करने के निर्देश मिले हैं। नगर पालिका के पास करीब 2.5 करोड़ रुपये अवशेष हैं। कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर वेतन दिया जाएगा। वेतन बचने के बाद विकास कार्य कराएं जाएगे।
- पूर्णिमा दूबे, ईओ, नगर पालिका परिषद, कोसीकलां।
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नगर निकायों को केंद्र सरकार की ओर से विकास कार्यों के लिए 14वें वित्त आयोग के तहत अनुदान मिलता है। इसे निकाय नाली निर्माण, सड़क सुरक्षा, संपत्ति सुरक्षा और शमशान घाट निर्माण जैसे कार्यों पर खर्च करते हैं। जनपद की एक मात्र नगर पालिका को 14वें वित्त के तहत करीब चार करोड़ रुपये से अधिक अनुदान मिला था। दूसरी किश्त भी जनवरी में मिल गई थी। काम शुरू कराने की तैयारी की, तो कोरोना संक्रमण और फिर लॉकडाउन हो गया है। ऐसे में नगर में विकास कार्य रुक गए।
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नगर विकास विभाग की निदेशक डॉ. काजल ने 14वें वित्त आयोग में अवशेष पड़ी राशि से वेतन का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। नगर पालिका के पास करीब ढाई करोड़ रुपये अवशेष हैं। हालांकि 15वें वित्त के तहत निकायों को अनुदान मिल चुका है। 400 कर्मचारियों को प्रतिमाह 90 लाख रुपये वेतन के रूप में खर्च करने पड़ते हैं। यह वेतन शासन से आता है। नगर पालिका अपनी टैक्स से होने वाली आमदनी को विकास कार्यों में खर्च करती है। कोरोना के बाद भी नगर पालिका के कर्मचारियों ने काम किया।
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नगर पालिका के कर्मचारियों को 14वें वित्त की धनराशि से वेतन का भुगतान करने के निर्देश मिले हैं। नगर पालिका के पास करीब 2.5 करोड़ रुपये अवशेष हैं। कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर वेतन दिया जाएगा। वेतन बचने के बाद विकास कार्य कराएं जाएगे।
- पूर्णिमा दूबे, ईओ, नगर पालिका परिषद, कोसीकलां।