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नगर निगम ने चार गुना किया खर्च, पार्षदों ने जताया रोष, लगाए कमीशनखोरी के आरोप
Thu, 30 Jul 2020 12:04 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 30 Jul 2020 12:04 AM IST
सार
- हर वार्ड में नगर निगम 15-15 तिपहिया रिक्शे भेज रहा है
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आगरा नगर निगम
विस्तार
जरूरत से चार गुना ज्यादा डस्टबिन खरीदने के बाद नगर निगम ने 1500 तिपहिया रिक्शा की खरीद की है, लेकिन नगर निगम के पास इन्हें चलाने के लिए चालक ही नहीं है।
हर वार्ड में नगर निगम 15-15 तिपहिया रिक्शे भेज रहा है, लेकिन सेनेटरी इंस्पेक्टर तो इसका विरोध कर ही रहे हैं, अब पार्षदों ने भी रिक्शों की खरीद पर सवाल खड़ा कर दिया है।
नगर निगम ने 1500 रिक्शों की खरीद की है। यह रिक्शे नगर निगम के लोहामंडी स्थित आईडीएच वर्कशाप में रखे हैं। सभी वार्डों में रिक्शा पहुंचाने के लिए अपर नगर आयुक्त केबी सिंह ने सेनेटरी इंसपेक्टरों को पत्र भेजा तो उन्होंने मेयर के पास जाकर इस पर आपत्ति उठा दी। उनके समर्थन में नगर निगम के पार्षद भी आ गए हैं। अधिकारियों पर कमीशनखोरी के लिए फिजूल में रिक्शों की खरीद करने का आरोप लगाया है।
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हर वार्ड में नगर निगम 15-15 तिपहिया रिक्शे भेज रहा है, लेकिन सेनेटरी इंस्पेक्टर तो इसका विरोध कर ही रहे हैं, अब पार्षदों ने भी रिक्शों की खरीद पर सवाल खड़ा कर दिया है।
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नगर निगम ने 1500 रिक्शों की खरीद की है। यह रिक्शे नगर निगम के लोहामंडी स्थित आईडीएच वर्कशाप में रखे हैं। सभी वार्डों में रिक्शा पहुंचाने के लिए अपर नगर आयुक्त केबी सिंह ने सेनेटरी इंसपेक्टरों को पत्र भेजा तो उन्होंने मेयर के पास जाकर इस पर आपत्ति उठा दी। उनके समर्थन में नगर निगम के पार्षद भी आ गए हैं। अधिकारियों पर कमीशनखोरी के लिए फिजूल में रिक्शों की खरीद करने का आरोप लगाया है।
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डिमांड सर्वे किए बिना रिक्शे खरीदे हैं। ये फिजूलखर्ची है। इन रिक्शों को चलाने के लिए कर्मचारी ही नही हैं। डस्टबिन की तरह केवल खरीद हो रही है। वार्ड ऑफिसों पर इन्हें रखने की जगह ही नहीं है। 6 महीने में ये कबाड़ हो जाएंगे। -रवि बिहारी माथुर पार्षद, पीपल मंडी
सफाई कर्मचारियों को जो सामान चाहिए वह उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। फिजूल की चीजें खरीद कर नगर निगम पर बोझ बढ़ाया जा रहा है। जितने कर्मचारी नहीं हैं, उससे ज्यादा रिक्शे देने का कोई औचित्य नहीं है। अगर सभी रिक्शा चलाएंगे तो नालियों की सफाई और झाड़ू कौन लगाएगा। -राकेश जैन पार्षद, मोतीगंज
सफाई कर्मचारियों को जो सामान चाहिए वह उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। फिजूल की चीजें खरीद कर नगर निगम पर बोझ बढ़ाया जा रहा है। जितने कर्मचारी नहीं हैं, उससे ज्यादा रिक्शे देने का कोई औचित्य नहीं है। अगर सभी रिक्शा चलाएंगे तो नालियों की सफाई और झाड़ू कौन लगाएगा। -राकेश जैन पार्षद, मोतीगंज
| क्षेत्र | कर्मचारी | जरूरत |
| छता साउथ | 79 | 114 |
| छता नार्थ | 106 | 166 |
| कोतवाली | 142 | 247 |