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आगरा में मुस्लिम परिवार ने केक काटकर मनाया बकरीद का पर्व, दिया जीव रक्षा का संदेश
Tue, 13 Aug 2019 11:51 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 13 Aug 2019 11:51 AM IST
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बकरीद पर केक काटते राष्ट्रवादी गुलचमन शेरवानी
- फोटो : अमर उजाला
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ताजनगरी नें सोमवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व धूमधाम से मनाया गया। मुस्लिमों ने नमाज अदा कर मुल्क में खुशहाली और अमन की दुआ मांगी। इसके बाद कुर्बानी की सिलसिला शुरू हुआ, लेकिन परिवार ने जीव रक्षा का संदेश देते हुए अनोखे अंदाज में बकरीद मनाई।
आजमपाड़ा के राष्ट्रवादी गुलचमन शेरवानी ने बकरे की कुर्बानी की जगह बकरे के चित्र वाले केक को काटकर प्रतीकात्मक कुर्बानी दी। केक एक दूसरे को खिलाया और बकरीद की मुबारकबाद दी। इस तरह की पहल उन्होंने लोगों को जीव हत्या रोकने का संदेश दिया है।
राष्ट्रवादी गुलचमन शेरवानी ने कहा कि बकरे को बच्चे की तरह पाला था, लेकिन कुर्बानी देने की जगह उसे बेच दिया। इस्लाम में कुर्बानी फर्ज है, इसलिए प्रतीकात्मक रूप से केक काटा। इस दौरान उनकी पत्नी और बच्चों के साथ पड़ोसी भी मौजूद रहे।
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आजमपाड़ा के राष्ट्रवादी गुलचमन शेरवानी ने बकरे की कुर्बानी की जगह बकरे के चित्र वाले केक को काटकर प्रतीकात्मक कुर्बानी दी। केक एक दूसरे को खिलाया और बकरीद की मुबारकबाद दी। इस तरह की पहल उन्होंने लोगों को जीव हत्या रोकने का संदेश दिया है।
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राष्ट्रवादी गुलचमन शेरवानी ने कहा कि बकरे को बच्चे की तरह पाला था, लेकिन कुर्बानी देने की जगह उसे बेच दिया। इस्लाम में कुर्बानी फर्ज है, इसलिए प्रतीकात्मक रूप से केक काटा। इस दौरान उनकी पत्नी और बच्चों के साथ पड़ोसी भी मौजूद रहे।
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