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Agra: शिवाजी स्मारक के साथ बनेगा संग्रहालय...राजा जयकिशन दास की कोठी में होगा तैयार, जल्द शुरू होगा निर्माण
Sun, 10 Aug 2025 12:02 AM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sun, 10 Aug 2025 12:02 AM IST
सार
कोठी मीना बाजार मैदान में टीले पर बनी कोठी की ऊंचाई मैदान से 30 फीट है। कोठी में शिवाजी की यादों को सहेजा जाएगा। इसे संग्रहालय का रूप दिया जाएगा।
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इसी कोठी में बनेगा संग्रहालय।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा में मीना बाजार मैदान में 30 फुट ऊंचे टीले स्थित राजा जयकिशन दास की कोठी में छत्रपति शिवाजी का संग्रहालय बनेगा। कोठी के सामने प्रतिमा स्थापित होगी। कोठी और टीले की करीब 2946 वर्ग मीटर भूमि की खरीद प्रक्रिया जिला प्रशासन शुरू करने जा रहा है।
गाटा संख्या 560 में स्थित कोठी और उससे जुड़ी 2946 वर्ग मीटर भूमि खरीद के लिए प्रशासन ने पर्यटन विभाग को 9.46 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था। जिसमें 1.50 करोड़ रुपये की पहली किस्त मिल गई है। अब प्रशासन भूमि का मौका-मुआयना, रिकार्ड व अन्य दस्तावेज तैयार करा रहा है। उक्त भूमि पर न्यायालय में वाद विचाराधीन है।
भूमि खरीद की धनराशि प्रशासन न्यायालय में जमा कराएगा। जिस के पक्ष में फैसला होगा, उसे न्यायालय से धनराशि मिलेगी। हालांकि भूमि पर प्रदेश सरकार अपना मालिकाना हक बता रही है, जबकि एक ट्रस्ट भी स्वामित्व का दावा कर रहा है।
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पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह ने बताया कि मीना बाजार मैदान में टीले पर बनी कोठी की ऊंचाई मैदान से 30 फीट है। कोठी में शिवाजी की यादों को सहेजा जाएगा। इसे संग्रहालय का रूप दिया जाएगा। सौंद्रर्यीकरण, आकर्षक विद्युत सजावट व स्मारक से जुड़े अन्य कार्य कराए जाएंगे। कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का कहना है कि इस कोठी में शिवाजी का कैद किया गया था। इस स्थान की खोज इतिहासकारों की कमेटी ने की थी। इसलिए यहां शिवाजी स्मारक बनाया जाएगा।
दिसंबर 2026 तक तैयार होगा म्यूजियम
एक तरफ मीना बाजार मैदान स्थित कोठी में शिवाजी संग्रहालय व स्मारक प्रस्तावित है। दूसरी तरफ ताजमहल से 700 मीटर दूर शिल्पग्राम के सामने छत्रपति शिवाजी म्यूजियम निर्माणाधीन है। 2016 में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यहां मुगल म्यूजियम का शिलान्यास किया था।
2020 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका नाम बदलकर शिवाजी म्यूजियम कर दिया। करीब 200 करोड़ की लागत से बन रहे म्यूजियम का पचास प्रतिशत ढांचा तैयार है। दिसंबर 2026 तक शिवाजी म्यूजियम का कार्य पूरा होने की संभावना है।
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गाटा संख्या 560 में स्थित कोठी और उससे जुड़ी 2946 वर्ग मीटर भूमि खरीद के लिए प्रशासन ने पर्यटन विभाग को 9.46 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था। जिसमें 1.50 करोड़ रुपये की पहली किस्त मिल गई है। अब प्रशासन भूमि का मौका-मुआयना, रिकार्ड व अन्य दस्तावेज तैयार करा रहा है। उक्त भूमि पर न्यायालय में वाद विचाराधीन है।
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भूमि खरीद की धनराशि प्रशासन न्यायालय में जमा कराएगा। जिस के पक्ष में फैसला होगा, उसे न्यायालय से धनराशि मिलेगी। हालांकि भूमि पर प्रदेश सरकार अपना मालिकाना हक बता रही है, जबकि एक ट्रस्ट भी स्वामित्व का दावा कर रहा है।
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पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह ने बताया कि मीना बाजार मैदान में टीले पर बनी कोठी की ऊंचाई मैदान से 30 फीट है। कोठी में शिवाजी की यादों को सहेजा जाएगा। इसे संग्रहालय का रूप दिया जाएगा। सौंद्रर्यीकरण, आकर्षक विद्युत सजावट व स्मारक से जुड़े अन्य कार्य कराए जाएंगे। कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का कहना है कि इस कोठी में शिवाजी का कैद किया गया था। इस स्थान की खोज इतिहासकारों की कमेटी ने की थी। इसलिए यहां शिवाजी स्मारक बनाया जाएगा।
दिसंबर 2026 तक तैयार होगा म्यूजियम
एक तरफ मीना बाजार मैदान स्थित कोठी में शिवाजी संग्रहालय व स्मारक प्रस्तावित है। दूसरी तरफ ताजमहल से 700 मीटर दूर शिल्पग्राम के सामने छत्रपति शिवाजी म्यूजियम निर्माणाधीन है। 2016 में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यहां मुगल म्यूजियम का शिलान्यास किया था।
2020 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका नाम बदलकर शिवाजी म्यूजियम कर दिया। करीब 200 करोड़ की लागत से बन रहे म्यूजियम का पचास प्रतिशत ढांचा तैयार है। दिसंबर 2026 तक शिवाजी म्यूजियम का कार्य पूरा होने की संभावना है।