{"_id":"68ba019f98c7904ad70a1ba0","slug":"municipal-corporation-gets-responsibility-to-promote-safe-use-of-treated-water-agra-news-c-25-1-agr1067-859260-2025-09-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: नगर निगम को मिली शोधित पानी के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: नगर निगम को मिली शोधित पानी के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी
विज्ञापन
आगरा। नगर निगम को शोधित पानी के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने जिम्मेदारी सौंपी गई है। बृहस्पतिवार को स्टेकहोल्डर की दूसरी परामर्श बैठक के दौरान यह फैसला लिया गया।
बैठक निगम के स्मार्ट सिटी हॉल में आयोजित हुई। अध्यक्षता करते हुए अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने कहा कि इस योजना को तैयार करने में सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएससी) नई दिल्ली तकनीकी सहयोग कर रहा है। शोधित पानी के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देने से यमुना नदी में प्रदूषण नियंत्रण एवं संरक्षण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करने पर बल दिया।
सीएससी के डिप्टी प्रोग्राम मैनेजर ज्योति प्रसाद दधीच ने प्रमुख निष्कर्षों और विश्लेषण को प्रस्तुत किया। डाॅ. सुमिता सिंघल ने विभिन्न क्षेत्रों में दोबारा पानी के उपयोग की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। इस दौरान प्राप्त सुझावों को अंतिम मसौदे में शामिल करने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) को प्रस्तुत किया जाएगा। बैठक के दौरान एडीए, जलकल, सिंचाई विभाग, सीपीसीबी, यूपीपीसीबी, समेत कई अन्य विभागों और संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन
बैठक निगम के स्मार्ट सिटी हॉल में आयोजित हुई। अध्यक्षता करते हुए अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने कहा कि इस योजना को तैयार करने में सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएससी) नई दिल्ली तकनीकी सहयोग कर रहा है। शोधित पानी के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देने से यमुना नदी में प्रदूषण नियंत्रण एवं संरक्षण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करने पर बल दिया।
विज्ञापन
सीएससी के डिप्टी प्रोग्राम मैनेजर ज्योति प्रसाद दधीच ने प्रमुख निष्कर्षों और विश्लेषण को प्रस्तुत किया। डाॅ. सुमिता सिंघल ने विभिन्न क्षेत्रों में दोबारा पानी के उपयोग की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। इस दौरान प्राप्त सुझावों को अंतिम मसौदे में शामिल करने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) को प्रस्तुत किया जाएगा। बैठक के दौरान एडीए, जलकल, सिंचाई विभाग, सीपीसीबी, यूपीपीसीबी, समेत कई अन्य विभागों और संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
विज्ञापन