{"_id":"5d3e9f7c8ebc3e6d1971b538","slug":"mps-mlas-meeting-over-heritage-city-status-for-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आगरा के जनप्रतिनिधि बोले- ताजनगरी को हेरिटेज सिटी दर्जा मिले, पर बंदिशें न बढ़ें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा के जनप्रतिनिधि बोले- ताजनगरी को हेरिटेज सिटी दर्जा मिले, पर बंदिशें न बढ़ें
Mon, 29 Jul 2019 12:55 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 29 Jul 2019 12:55 PM IST
विज्ञापन
ताजमहल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा के जनप्रतिनिधियों ने ताजनगरी को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का दर्जा दिए जाने का तो समर्थन किया है लेकिन इसकी आड़ में नई बंदिशें लगने पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि ताज संरक्षित क्षेत्र में पहले से ही तमाम प्रतिबंधित लगे हैं। इसके चलते शहर में विकास का पहिया पहले ही थमा हुआ है। शहरवासी अब नई शर्तों को झेलने की स्थिति में नहीं हैं।
ताजनगरी को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी घोषित करने के मामले में अहमदाबाद की सेंटर फार एनवायरमेंटल प्लानिंग एंड टेकभनोलोजी (सेप्ट यूनिवर्सिटी) की टीम ने रविवार को जनप्रतिनिधियों से रायशुमारी की। सर्किट हाउस में बैठक के दौरान सेप्ट की टीम ने बिल्डिंग हेरिटेज, कल्चर हेरिटेज और प्राकृतिक हेरिटेज के आधार पर अपना प्रजेंटेशन दिया।
अहमदाबाद को कैसे ये दर्जा दिलाने में कामयाबी मिली, इसको भी बताया गया। इसके बाद जनप्रतिनिधियों से सुझाव मांगे गए। इसमें सभी का एकमत था कि शहर हेरिटेज सिटी तो घोषित हो लेकिन इसके लिए कोई नई बंदिशें न लगाई जाएं। भाजपा महानगर अध्यक्ष विजय शिवहरे, अपर नगर आयुक्त केबी सिंह, मुख्य अभियंता एके सिंह, सेप्ट यूनिवर्सिटी के प्रो. शास्वत बंदोपाध्याय आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
ताजनगरी को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी घोषित करने के मामले में अहमदाबाद की सेंटर फार एनवायरमेंटल प्लानिंग एंड टेकभनोलोजी (सेप्ट यूनिवर्सिटी) की टीम ने रविवार को जनप्रतिनिधियों से रायशुमारी की। सर्किट हाउस में बैठक के दौरान सेप्ट की टीम ने बिल्डिंग हेरिटेज, कल्चर हेरिटेज और प्राकृतिक हेरिटेज के आधार पर अपना प्रजेंटेशन दिया।
विज्ञापन
अहमदाबाद को कैसे ये दर्जा दिलाने में कामयाबी मिली, इसको भी बताया गया। इसके बाद जनप्रतिनिधियों से सुझाव मांगे गए। इसमें सभी का एकमत था कि शहर हेरिटेज सिटी तो घोषित हो लेकिन इसके लिए कोई नई बंदिशें न लगाई जाएं। भाजपा महानगर अध्यक्ष विजय शिवहरे, अपर नगर आयुक्त केबी सिंह, मुख्य अभियंता एके सिंह, सेप्ट यूनिवर्सिटी के प्रो. शास्वत बंदोपाध्याय आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
जनप्रतिनिधियों का ये है कहना
महापौर नवीन जैन ने कहा कि हेरिटेज सिटी घोषित होने से व्यापारियों को नुकसान हो सकता है। क्योंकि हेरिटेज सिटी का दर्जा मिलने के बाद हेरिटेज बिल्डिंग, पार्क के पास निर्माण नहीं कर सकेंगे। न ही कोई नई इंडस्ट्री लगा सकेंगे। इसलिए हेरिटेज सिटी बनने के बाद क्या नियम और शर्तें होंगी, पहले इसको उजागर करना होगा। जिससे कि हेरिटेज सिटी का दर्जा मिलने से शहर को कोई नुकसान न हो।
सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि टीटीजेड के चलते शहर में पहले से ही कई बंदिशें हैं। सरकारी योजनाओं के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियां भी रुकी हुई हैं। इसलिए जरूरी है कि इस योजना के सभी पहलुओं को शहरवासियों के समक्ष रखा जाए। क्योंकि एक बार यह ड्राफ्ट यदि सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हो गया तो इसमें संशोधन मुश्किल से होगा। शहर हित में पहले हम इसका अध्ययन करेंगे, फिर अपनी राय देंगे।
उत्तर विधानसभा के विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कहा कि पहले जो हुआ, उस पर टिप्पणी करना ठीक नहीं है। मगर, शहर में जो कुछ भी नया होगा, उस पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। शहर के सभी वर्गों के साथ बैठकर इस पर चर्चा होनी चाहिए। क्योंकि ये ऐसे मुद्दे हैं, जिस पर शहर का भविष्य टिका है। हेरिटेज सिटी का दर्जा दिलाने के संबंध में एक-एक बिंदु को जनता के समक्ष रखना होगा। तभी हम इस पर अपनी टिप्पणी देंगे।
छावनी विधायक डॉ जीएस धर्मेश ने कहा कि हमें पूरे शहर का हित देखना होगा। हेरिटेज सिटी बनने के बाद हमारे शहर पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा, क्या-क्या प्रभावित होगा, पहले इसका अध्ययन करना होगा। ताकि शहरवासियों को इसके नफा और नुकसान के बारे में पता चल सके। हम हेरिटेज सिटी बनाए जाने के पक्षधर हैं लेकिन बिना किसी नये नियम और शर्त के।
सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि टीटीजेड के चलते शहर में पहले से ही कई बंदिशें हैं। सरकारी योजनाओं के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियां भी रुकी हुई हैं। इसलिए जरूरी है कि इस योजना के सभी पहलुओं को शहरवासियों के समक्ष रखा जाए। क्योंकि एक बार यह ड्राफ्ट यदि सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हो गया तो इसमें संशोधन मुश्किल से होगा। शहर हित में पहले हम इसका अध्ययन करेंगे, फिर अपनी राय देंगे।
उत्तर विधानसभा के विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कहा कि पहले जो हुआ, उस पर टिप्पणी करना ठीक नहीं है। मगर, शहर में जो कुछ भी नया होगा, उस पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। शहर के सभी वर्गों के साथ बैठकर इस पर चर्चा होनी चाहिए। क्योंकि ये ऐसे मुद्दे हैं, जिस पर शहर का भविष्य टिका है। हेरिटेज सिटी का दर्जा दिलाने के संबंध में एक-एक बिंदु को जनता के समक्ष रखना होगा। तभी हम इस पर अपनी टिप्पणी देंगे।
छावनी विधायक डॉ जीएस धर्मेश ने कहा कि हमें पूरे शहर का हित देखना होगा। हेरिटेज सिटी बनने के बाद हमारे शहर पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा, क्या-क्या प्रभावित होगा, पहले इसका अध्ययन करना होगा। ताकि शहरवासियों को इसके नफा और नुकसान के बारे में पता चल सके। हम हेरिटेज सिटी बनाए जाने के पक्षधर हैं लेकिन बिना किसी नये नियम और शर्त के।