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Agra News: नहीं चली मोटर बोट, चंबल घाट पर फंसे सैकड़ों यात्री
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चंबल घाट पर दोनों ओर सैकड़ों यात्री फंसे, नदी पार करने का इंतजार, दूसरे दिन भी बंद रहा मोटर बोट
पिनाहट। राजस्थान और मध्य प्रदेश में हुई बारिश के बाद चंबल नदी की सहायक नदियों काली और पार्वती समेत अन्य नदियों का पानी आने से बढ़ा चंबल का जलस्तर अब धीरे-धीरे घटने लगा है। शुक्रवार को जलस्तर 118 मीटर पर पहुंच गया। हालांकि, सुरक्षा कारणों से दूसरे दिन भी चंबल घाट पर मोटर बोट का संचालन बंद रहा। इससे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर नदी पार करने के लिए सैकड़ों यात्री घंटों इंतजार करते रहे। मोटर बोट नहीं चलने पर कई यात्रियों को वापस लौटना पड़ा।
चंबल नदी का जलस्तर बढ़कर 120.70 मीटर तक पहुंच गया था। बुधवार शाम एडीएम एफआर संदीप कुमार और उपजिलाधिकारी बाह विनोद कुमार ने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ चंबल घाट का निरीक्षण किया था। अधिकारियों ने ग्रामीणों और यात्रियों से नदी किनारे से दूर रहने की अपील की थी। जलस्तर बढ़ने से घाट किनारे स्थित शिव मंदिर भी जलमग्न हो गया था। सुरक्षा की दृष्टि से मोटर बोट का संचालन तत्काल बंद करा दिया गया था।
शुक्रवार को जलस्तर में कमी आने के बावजूद मोटर बोट संचालन की अनुमति नहीं मिलने से यात्रियों की परेशानी बनी रही। चंबल घाट के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग नदी पार करने के इंतजार में खड़े रहे। मोटर बोट नहीं चलने के कारण कई यात्रियों को वापस लौटना पड़ा और कुछ लोग रिश्तेदारों के घर रुकने को मजबूर हुए। मध्य प्रदेश सीमा की राधा और सोमवती ने बताया कि उन्हें अपने घर जाना था, लेकिन मोटर बोट बंद होने के कारण रिश्तेदारी में रुकना पड़ रहा है। इससे उनके जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब नदी का पानी कम हो गया है, ऐसे में अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था के साथ मोटर बोट संचालन की अनुमति देनी चाहिए।
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चंबल नदी का जलस्तर बढ़कर 120.70 मीटर तक पहुंच गया था। बुधवार शाम एडीएम एफआर संदीप कुमार और उपजिलाधिकारी बाह विनोद कुमार ने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ चंबल घाट का निरीक्षण किया था। अधिकारियों ने ग्रामीणों और यात्रियों से नदी किनारे से दूर रहने की अपील की थी। जलस्तर बढ़ने से घाट किनारे स्थित शिव मंदिर भी जलमग्न हो गया था। सुरक्षा की दृष्टि से मोटर बोट का संचालन तत्काल बंद करा दिया गया था।
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शुक्रवार को जलस्तर में कमी आने के बावजूद मोटर बोट संचालन की अनुमति नहीं मिलने से यात्रियों की परेशानी बनी रही। चंबल घाट के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग नदी पार करने के इंतजार में खड़े रहे। मोटर बोट नहीं चलने के कारण कई यात्रियों को वापस लौटना पड़ा और कुछ लोग रिश्तेदारों के घर रुकने को मजबूर हुए। मध्य प्रदेश सीमा की राधा और सोमवती ने बताया कि उन्हें अपने घर जाना था, लेकिन मोटर बोट बंद होने के कारण रिश्तेदारी में रुकना पड़ रहा है। इससे उनके जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब नदी का पानी कम हो गया है, ऐसे में अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था के साथ मोटर बोट संचालन की अनुमति देनी चाहिए।
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