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120घंटे, दिन रात तलाश, लेकिन माफिया बेसुराग
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सिपाही के हत्यारोपी शराब माफिया और उसके अन्य साथियों की तलाश में 120 घंटे से अधिक का समय गुजर गया है लेकिन पुलिस सफलता के पायदान पर आगे नहीं बढ़ पाई है। दिन-रात तलाश का दौर जारी है फिर भी मोती का कोई पता चल सका है। पुलिस सबसे अधिक फोकस गंगा की खादर में कर रही है। इधर पूछताछ के लिए पुलिस ने जो संदिग्ध हिरासत में लिए उनसे भी कोई सफलता हासिल नहीं हुई है।
गांव नगला धीमर के समीप कालीनदी की खादर में 9 फरवरी की रात शराब माफिया मोती और उसके साथियों ने दरोगा और सिपाही पर हमला बोल दिया था। इसमें सिपाही की मौत हो गई थी। पुलिस लगातार तभी से माफिया मोती की तलाश में जुटी हुई है। संभावित स्थानों पर तलाश जारी हैं। नित नई योजना बनाई जा रही हैं, लेकिन मोती का ठिकाना पता नहीं चल रहा।
उसे शरण देने की आशंका में कई संदिग्ध हिरासत में लिए जा चुके हैं लेकिन वे भी पुलिस को सही ठिकाने तक नहीं पहुंचा पाए हैं। कई टीमें तो घटना के बाद से ही जिले के बाहर दूसरे जिले में डेरा डाले हुए हैं और सभी टीमें तकनीकी से भी जुड़ी हुई हैं। तब भी अभी तक पुलिस सफलता से दूर है। पुलिस का सबसे अधिक फोकस गंगा की खादर में है। टीमें खादर में विशेष निगरानी कर रही हैं।
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अफसर, पल-पल ले रहे जानकारी
एडीजी राजीव कृष्ण, आईजी पीयूष कुमार मोर्डिया बेहद संजीदगी के साथ इस ऑपरेशन की मॉनिटरिंग में जुटे हैं। वे एसपी मनोज सोनकर से पल-पल का अपडेट ले रहे हैं। इसके अलावा उच्चाधिकारी गिरफ्तारी के लिए लगाई गईं टीमों से भी सीधे जुड़े हुए हैं।
वर्जन-
- अभी तक हत्या के मुख्य आरोपी मोती का सुराग नहीं लग पाया है। टीमें दिन रात उसकी सुरागकसी में लगी हुई हैं। अधीनस्थों से प्रगति की पूरी जानकारी ली जा रही है। उच्चाधिकारी भी इस ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए हैं। गिरफ्तारी के लिए मजबूत योजना बनाई गई है। कोशिश जारी है। - मनोज सोनकर, एसपी।
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गांव नगला धीमर के समीप कालीनदी की खादर में 9 फरवरी की रात शराब माफिया मोती और उसके साथियों ने दरोगा और सिपाही पर हमला बोल दिया था। इसमें सिपाही की मौत हो गई थी। पुलिस लगातार तभी से माफिया मोती की तलाश में जुटी हुई है। संभावित स्थानों पर तलाश जारी हैं। नित नई योजना बनाई जा रही हैं, लेकिन मोती का ठिकाना पता नहीं चल रहा।
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उसे शरण देने की आशंका में कई संदिग्ध हिरासत में लिए जा चुके हैं लेकिन वे भी पुलिस को सही ठिकाने तक नहीं पहुंचा पाए हैं। कई टीमें तो घटना के बाद से ही जिले के बाहर दूसरे जिले में डेरा डाले हुए हैं और सभी टीमें तकनीकी से भी जुड़ी हुई हैं। तब भी अभी तक पुलिस सफलता से दूर है। पुलिस का सबसे अधिक फोकस गंगा की खादर में है। टीमें खादर में विशेष निगरानी कर रही हैं।
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अफसर, पल-पल ले रहे जानकारी
एडीजी राजीव कृष्ण, आईजी पीयूष कुमार मोर्डिया बेहद संजीदगी के साथ इस ऑपरेशन की मॉनिटरिंग में जुटे हैं। वे एसपी मनोज सोनकर से पल-पल का अपडेट ले रहे हैं। इसके अलावा उच्चाधिकारी गिरफ्तारी के लिए लगाई गईं टीमों से भी सीधे जुड़े हुए हैं।
वर्जन-
- अभी तक हत्या के मुख्य आरोपी मोती का सुराग नहीं लग पाया है। टीमें दिन रात उसकी सुरागकसी में लगी हुई हैं। अधीनस्थों से प्रगति की पूरी जानकारी ली जा रही है। उच्चाधिकारी भी इस ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए हैं। गिरफ्तारी के लिए मजबूत योजना बनाई गई है। कोशिश जारी है। - मनोज सोनकर, एसपी।