नवजात की मौत के बाद सदमे में मां की भी गई जान, ससुरालवालों पर इलाज न कराने का आरोप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा के महिला जिला अस्पताल में नवजात की मौत के सदमे में मां ने भी दम तोड़ दिया। सदर तहसील के गांव धनगा निवासी गर्भवती महिला को बुधवार की रात महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां साढ़े आठ बजे के करीब महिला को प्रसव हुआ। नवजात की हालत ठीक न होने पर परिजन उसे आगरा रोड स्थित निजी नर्सिंग होम ले गए। यहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसका सदमा प्रसूता सहन नहीं कर सकी और उसकी भी तबियत बिगड़ गई।
स्टाफ नर्स ने एंबुलेंस के लिए कॉल किया। एंबुलेंस न आने पर परिजन उसे निजी वाहन से नर्सिंग होम ले गए। यहां उसकी भी मौत हो गई। परिजन शव को वापस महिला अस्पताल ले आए। उधर, पीड़िता के पिता ने ससुरालीजनों पर दहेज की मांग करने और इलाज न कराने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मायका पक्ष को सौंप दिया है।
गांव धनगा निवासी 21 वर्षीय पूजा पत्नी ब्रजेश को बुधवार की शाम प्रसव पीड़ा हुई। परिजन शाम छह बजे पूजा को जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे। ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स वर्षा व रीना ने चिकित्सक डॉ. नेहा को जानकारी दी तो वह अस्पताल पहुंच गईं। रात करीब साढ़े आठ बजे महिला को प्रसव हुआ। यहां नवजात की हालत ठीक नहीं थी। इस पर परिजन उसे आगरा रोड स्थिति नर्सिंग होम लेकर पहुंचे जहां चिकित्सक से उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजन नवजात का अंतिम संस्कार करने ले गए। इधर, इसकी जानकारी जैसे ही प्रसूता को मिली, वह सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाई और उसकी हालत बिगड़ने लगी। जहां स्टाफ नर्स वर्षा ने एंबुलेंस के लिए कॉल किया, लेकिन एक घंटे तक एंबुलेंस के न पहुंचने पर परिजन प्रसूता को निजी वाहन से नर्सिंग होम में लेकर चले गए। यहां डॉक्टरों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया।
परिजन प्रसूता के शव को लेकर महिला अस्पताल लौट आए। यहां से शव पोस्टमार्टम गृह में रखवा दिया गया। गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम कराकर शव को परिजनों को सौंप दिया गया। पोस्टमार्टम पर तैनात डॉक्टर ने बताया कि प्रसूता की मौत सदमा लगने से हुई है।
विवाहिता की मौत से मायके वालों में आक्रोश था, हंगामा होने की आशंका पर काफी संख्या में पुलिस बल अस्पताल में तैनात कर दिया। वहीं विवाहिता के पिता विजय बहादुर की ओर से गुरुवार को बेटी के पति बृजेश, ससुर चंद्रपाल, सास शांती देवी और ननद पुष्पा देवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
मायके वालों ने लगाए ये आरोप
आरोप है कि शादी के बाद से पांच लाख रुपये और एक बाइक की मांग की जा रही थी, मांग पूरी नहीं होने पर प्रसव पूर्व बेटी का उचित इलाज नहीं कराया, तबियत बिगड़ने पर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, यहां जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। थाना पिलुआ के एसएसआई देवेंद्र सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि गर्भवती महिला के पास पुरानी जांच का कोई कागज नहीं था। महिला को सुरक्षित प्रसव कराने के लिए उसे अस्पताल में भर्ती किया गया। स्टाफ द्वारा महिला को प्रसव कराया गया। यहां बच्चे में सांस नहीं थी, वहीं प्रसूता की हालत बिगड़ी तो उसे रेफर करने के लिए एंबुलेंस को कॉल की गई, लेकिन एंबुलेंस समय से अस्पताल नहीं पहुंची।
एंबुलेंस प्रभारी आलोक कुमार ने कहा कि महिला अस्पताल से एंबुलेंस के लिए रात 12.22 मिनट पर कॉल आई थीं यहां से एंबुलेंस को तत्काल भेजा गया है। एंबुलेंस समय से न पहुंचने की बात गलत है।