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पहले दिन राधास्वामी समाध देखने के लिए पहुंचे 600 से अधिक लोग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 06 Nov 2018 09:06 PM IST
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स्वामीबाग समाध के सामने सेल्फी लेतीं युवतियां
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में लोगों की वर्षों से कलश लगे राधास्वामी समाध देखने की इच्छा मंगलवार को पूरी हो गई। 114 साल से बन रहे समाध के कलश लगने के बाद पहली बार आमजन के लिए मंगलवार को खोला गया। पहले दिन 600 से अधिक लोग समाध देखने पहुंचे।
लोगों को गेट नंबर पांच से प्रवेश दिलाया गया। पर्यटकों में शहर के लोगों की संख्या अधिक रही। यहीं पर अस्थायी रूप से पास काउंटर बनाया गया है। सभी के पहचानपत्र देखकर पास बनाया गया। कई पर्यटकों के पास पहचानपत्र न होने के कारण दिक्कत हुई। इनको वापस लौटा दिया गया।
पर्यटकों ने समाध की पच्चीकारी को निहारा। लोगों ने कला के बेजोड़ नमूना देखकर पच्चीकारी को सराहा। समाध देखने के बाद पास वापस ले लिए गए। राधास्वामी समाध से जुड़े पदाधिकारी बताते हैं कि अभी ये फौरी व्यवस्था है।
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मुख्य प्रवेश द्वार के गेट का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद प्रवेश यहीं से दिया जाएगा। पांच गेटों में से तीन गेट लग गए हैं। मध्य के सबसे बड़े गेट को सबसे बाद में लगाया जाएगा। इसका वजन सात टन से अधिक होगा। यहीं पर स्थायी काउंटर कक्ष बनाए जाएंगे। मुख्य प्रवेश द्वार बनाने में अभी दो महीने का समय और लग जाएगा।
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लोगों को गेट नंबर पांच से प्रवेश दिलाया गया। पर्यटकों में शहर के लोगों की संख्या अधिक रही। यहीं पर अस्थायी रूप से पास काउंटर बनाया गया है। सभी के पहचानपत्र देखकर पास बनाया गया। कई पर्यटकों के पास पहचानपत्र न होने के कारण दिक्कत हुई। इनको वापस लौटा दिया गया।
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पर्यटकों ने समाध की पच्चीकारी को निहारा। लोगों ने कला के बेजोड़ नमूना देखकर पच्चीकारी को सराहा। समाध देखने के बाद पास वापस ले लिए गए। राधास्वामी समाध से जुड़े पदाधिकारी बताते हैं कि अभी ये फौरी व्यवस्था है।
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मुख्य प्रवेश द्वार के गेट का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद प्रवेश यहीं से दिया जाएगा। पांच गेटों में से तीन गेट लग गए हैं। मध्य के सबसे बड़े गेट को सबसे बाद में लगाया जाएगा। इसका वजन सात टन से अधिक होगा। यहीं पर स्थायी काउंटर कक्ष बनाए जाएंगे। मुख्य प्रवेश द्वार बनाने में अभी दो महीने का समय और लग जाएगा।