Etah: चार हजार से अधिक लोगों ने सरेंडर किए राशन कार्ड, जानें वजह
चार हजार से अधिक लोगों ने अपने राशन कार्ड सरेंडर किए हैं। ये डर है वसूली का। दरअसल राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में अपात्र लाभार्थियों में कार्रवाई का खौफ नजर आ रहा है। 30 मई तक कार्ड सरेंडर करने का मौका दिया गया है।
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एटा में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में अपात्र लाभार्थियों पर कार्रवाई के आदेश का खौफ नजर आ रहा है। शनिवार तक 4198 लोगों ने जिला पूर्ति कार्यालय पहुंचकर अपने राशन कार्ड सरेंडर कर दिए हैं। वहीं विभाग ने अपात्रों के कार्ड सरेंडर करने के लिए अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 मई कर दी है।
शासन के आदेशानुसार अपात्र राशन कार्ड धारकों के खिलाफ वसूली कार्रवाई अमल में लाई जानी है। इस संबंध में जिला प्रशासन और पूर्ति विभाग को निर्देश दिए गए हैं। वसूली के खौफ से जिले में 4198 राशन कार्डधारकों ने अपने कार्ड सरेंडर कर दिए हैं। जिसमें शहरी क्षेत्र के 1270 कार्ड सरेंडर किए गए हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्र से 2928 कार्ड सरेंडर हुए हैं। वसूली कार्रवाई से बचने के लिए अपात्र कार्डधारकों को दूसरी बार मौका देते हुए 30 मई तक का समय और दिया गया है। इससे पहले 15 मई तक का समय दिया गया था। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि जो भी व्यक्ति अपना कार्ड सरेंडर करने का इच्छुक है वह तहसील स्थित आपूर्ति कार्यालय या जिलापूर्ति कार्यालय में सरेंडर कर सकता है।
ये हैं अपात्रता के दायरे में
सरकार के निर्देशानुसार वह लाभार्थी जिसके घर में एसी, ट्रैक्टर, थ्रेसिंग मशीन, बड़ा प्लॉट या मकान, कार, दो एकड़ जमीन, आयकर दाता, दो लाख से अधिक वार्षिक आय वाला परिवार राशन कार्ड के लिए अपात्र है।
30 मई तक का दिया गया समय
जिलापूर्ति अधिकारी राजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार अपात्र कार्डधारकों को 30 मई तक का समय दिया गया। जिसमें वह अपना कार्ड सरेंडर कर सकते हैं। इसके बाद जांच में जो भी अपात्र पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए पूरे राशन की कीमत वसूली जाएगी।