आगरा में टीकाकरण: पांच महीने में 5.31 लाख लोगों को लगा टीका, 8880 डोज हुईं बर्बाद
आगरा में 45 साल से अधिक उम्र के लोगों के मुकाबले युवा के टीकाकरण की दर अधिक है। 25 दिन में 1.83 लाख युवा टीका लगवा चुके हैं। वहीं, 45 से अधिक उम्र के लोगों में उत्साह कम रहा। इसके कारण वैक्सीन की 8880 डोज बर्बाद हो गईं।
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कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण की दर अधिक होने से टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ी है। 18 से 44 साल उम्र के लोगों ने जबरदस्त उत्साह है। महज 25 दिन में जिले के 1.83 लाख युवा टीका लगवा चुके हैं। लेकिन 16 जनवरी से 2 जून तक 45 से अधिक उम्र के लोगों के टीकाकरण के दौरान कम लोग पहुंचे, इसके कारण वैक्सीन की 8880 डोज बर्बाद हो गईं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि अब तक कुल 5,31,814 लोगों को टीका लग चुका है। इनमें 4,44,094 को पहली और 87,720 को दूसरी डोज लगी है। टीका लगवाने में युवाओं की संख्या अधिक है।
10 मई से 18 से 44 साल की उम्र के लोगों का टीकाकरण शुरू हुआ। युवाओं में उत्साह ऐसा है कि एक ही दिन में सभी स्लॉट बुक हो गए। इन 25 दिन में 1,83,010 युवा टीका लगवा चुके हैं। 45 साल से अधिक उम्र के लोगों की बात करें तो 3,48,804 का टीकाकरण हुआ है।
टीका लगवाने के लिए कामकाजी युवा और छात्र अधिक जागरूक हैं। जिला टीकाकरण प्रभारी डॉ. संजीव वर्मन ने बताया कि 18 से 44 साल उम्र के ग्रुप में टीका लगवाने वालों में कामकाजी और छात्रों की संख्या लगभग आधी है।
1.80 लाख महिलाओं ने लगवाया टीका
टीका लगवाने में आधी आबादी भी कम नहीं। 18 साल से अधिक उम्र की 1,80,226 महिलाएं टीका लगवा चुकी हैं। कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बाद महिलाओं में टीकाकरण की दर में तेजी आई है।
531814: लोगों का हुआ टीकाकरण
351588: पुरुष लगवा चुके हैं टीका
180226: महिलाएं लगवा चुकी हैं टीका
444094: लोगों को पहली डोज
87720: लोगों को दूसरी डोज
348804: लोग 45 से अधिक उम्र के
183010: लोग 18 से 44 साल तक के
पांच महीने में टीके की बर्बाद हुईं 8880 डोज
आगरा में कोरोना वायरस से बचने के लिए वैक्सीन की एक-एक डोज के लिए लोग अब घंटों लाइन में लगे हैं, यही जागरूकता पहले बरती जाती वैक्सीन की 8880 डोज बेकार नहीं जातीं। जिला टीकाकरण प्रभारी डॉ. संजीव वर्मन ने बताया कि 16 जनवरी से 2 जून तक 45 साल से अधिक उम्र के 2,89,100 लोगों को टीका लगा है।
इनके लिए 29798 वाइल केंद्रों पर भेजी गईं। एक वाइल में से 10 लोगों को टीका लग सकता है, ऐसे में इतनी वाइल 2,97,980 लोगों के लिए पर्याप्त थी, लेकिन 289100 लोग ही बूथों पर पहुंचे और वाइल में बची 8880 डोज लोगों को नहीं लग सकी और यह बेकार हो गईं।
दो बजे के बाद ज्यादा डोज हुईं बर्बाद
वैक्सीन की सबसे ज्यादा डोज दो बजे के बाद बेकार गईं। दोपहर को लंच के बाद बूथों पर तीन से पांच लोग ही आए, इनके लिए पूरी वाइल खोलनी पड़ी। वाइल खुलने के चार घंटे बाद इस्तेमाल नहीं की जा सकती है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के टीकाकरण प्रभारी डॉ. शैलेंद्र चौधरी ने बताया कि बीते दो महीने में वैक्सीन 0.11 फीसदी डोज बेकार गईं हैं। अब दोपहर दो बजे के बाद 10 लोग जुटने के बाद ही वाइल खोली जा रही है, जिससे लगभग सभी डोज उपयोग में आ रही हैं।
358 युवाओं को लगी अतिरिक्त डोज
18 से 44 साल तक की उम्र के 121798 युवाओं को टीका लगा है, इसके लिए 12144 वाइल इस्तेमाल हुईं, वाइल में एक डोज अतिरिक्त रहती है, इस कारण 358 युवाओं को तय डोज से अधिक को लगाई जा सकी।