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आगरा में नहीं थम रहा बंदरों का कहर, घर में सो रही बच्चियों पर हमला, घायल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Sun, 18 Nov 2018 02:34 PM IST
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महिलाओं की गोद में बंदरों के हमले में घायल बच्चियां
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में बंदरों का आतंक थम नहीं रहा है। 12 दिन के अबोध बच्चे की मौत के बाद कस्बा रुनकता में शुक्रवार रात को बंदरों ने घर के अंदर सो रही दो बच्चियों पर हमला कर घायल कर दिया। शोर सुनकर जागे परिजनों ने बंदरों के झुंड को लाठी-डंडों से भगाया। बच्चियों को हॉस्पिटल में दाखिल कराया गया है।
बंदरों के हमले में घायल एक बच्ची रुनकता निवासी बंटी की एक साल की पुत्री रचना है। वो घर में दादी दुर्गा के साथ चारपाई पर सो रही थी रात 11 बजे बंदरों का झुंड घर में घुस आया। उन्होंने चारपाई पर चढ़कर रजाई हटाई और रचना पर हमला कर दिया। बच्ची और दादी की चीखपुकार पर जागे परिजनों ने लाठी-डंडे लेकर बंदरों को खदेड़ा। लहूलुहान बच्ची को सिकंदरा स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
दूसरी घटना वाल्मीकि बस्ती में रवि की नौ माह की बच्ची पायल के साथ हुई। पायल अपनी मां गुड्डी के साथ सो रही थी। रात साढ़े बारह बजे के करीब बंदर का झुंड आया। यहां भी चारपाई पर चढ़कर रजाई हटाकर बच्ची पर हमला किया गया। बच्ची और मां की चीखपुकार पर जागे परिजनों और आसपास के लोगों ने बंदरों के झुंड को खदेड़ा। बच्ची को हास्पिटल में दाखिल कराया गया है।
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बंदरों के हमले में घायल एक बच्ची रुनकता निवासी बंटी की एक साल की पुत्री रचना है। वो घर में दादी दुर्गा के साथ चारपाई पर सो रही थी रात 11 बजे बंदरों का झुंड घर में घुस आया। उन्होंने चारपाई पर चढ़कर रजाई हटाई और रचना पर हमला कर दिया। बच्ची और दादी की चीखपुकार पर जागे परिजनों ने लाठी-डंडे लेकर बंदरों को खदेड़ा। लहूलुहान बच्ची को सिकंदरा स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
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दूसरी घटना वाल्मीकि बस्ती में रवि की नौ माह की बच्ची पायल के साथ हुई। पायल अपनी मां गुड्डी के साथ सो रही थी। रात साढ़े बारह बजे के करीब बंदर का झुंड आया। यहां भी चारपाई पर चढ़कर रजाई हटाकर बच्ची पर हमला किया गया। बच्ची और मां की चीखपुकार पर जागे परिजनों और आसपास के लोगों ने बंदरों के झुंड को खदेड़ा। बच्ची को हास्पिटल में दाखिल कराया गया है।
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लोगों में दहशत
मकान की छत पर घूमते बंदर
- फोटो : अमर उजाला
बंदरों के हमले की लगातार घटनाओं से लोगों में डर समा गया है। लोग रातभर अपने घरों के आसपास पहरेदारी कर रहे है। बंदरों के हमले की बढ़ती घटनाओं और इस ओर से प्रशासन की लापरवाही को लेकर बड़ी चौपाल पर रविवार को ग्रामीणों की पंचायत होगी।
स्वास्थ्य केंद्र पर वैक्सीन नहीं
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर बंदरों के काटने की वैक्सीन न मिलने से ग्रामीणों में रोष है। शनिवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे ग्रामीणों को केंद्र प्रभारी डॉ. सुपरिया ने बताया कि पीएचसी पर वैक्सीन की सुविधा नहीं है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से मिलने की बात कही।
एसडीएम को ज्ञापन सौंपा
लोग लगातार घटनाओं के बाद भी प्रशासनिक स्तर पर बंदरों को पकड़ने के कोई इंतजाम नहीं किए जाने से भी नाराज हैं। शनिवार को इसको लेकर रुनकता में प्रदर्शन किया गया। बाद में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय निवासी डीएम कार्यालय भी पहुंचे।
स्वास्थ्य केंद्र पर वैक्सीन नहीं
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर बंदरों के काटने की वैक्सीन न मिलने से ग्रामीणों में रोष है। शनिवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे ग्रामीणों को केंद्र प्रभारी डॉ. सुपरिया ने बताया कि पीएचसी पर वैक्सीन की सुविधा नहीं है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से मिलने की बात कही।
एसडीएम को ज्ञापन सौंपा
लोग लगातार घटनाओं के बाद भी प्रशासनिक स्तर पर बंदरों को पकड़ने के कोई इंतजाम नहीं किए जाने से भी नाराज हैं। शनिवार को इसको लेकर रुनकता में प्रदर्शन किया गया। बाद में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय निवासी डीएम कार्यालय भी पहुंचे।
बंदर पकड़वाने की मांग
गली में घूमत बंदरों का झुंड
- फोटो : अमर उजाला
यहां एसडीएम रजनीकांत पांडे को ज्ञापन देकर बंदरों को पकड़वाने की मांग की गई। उनको घायल बच्चों की हालत भी दिखाई। इस दौरान बंटी सिकरवार, नत्थी बाबा, सियाराम सिकरवार, बंटी कुमार, शिवम, केसरी सिकरवार, कुलदीप सिंह, कप्तान सिंह आदि मौजूद रहे।
पिनाहट, सीकरी में भी आतंक
रुनकता ही नहीं बंदरों के आतंक से अन्य क्षेत्र के लोग भी परेशान हैं। पिनाहट में मोहल्ला मार, पुरनपुरा, रघुनाथपुरा, खटीक टूला, चांदनी चौक, ताल की पार, मोहल्ला पूरा में बंदरों का आतंक है। पूर्व में बंदरों के हमले से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था।
दो दिन पूर्व दुकान से चॉकलेट खरीद कर ला रहे बच्चे पर बंदर ने हमला बोल दिया। घायल बच्चे को हॉस्पिटल में दाखिल कराया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार प्रशासन से बंदरों को पकड़ने की मांग की गई है। फतेहपुर सीकरी में बंदरों के हमले की कई घटनाएं हो चुकी हैं। लोगों ने बंदरों से निजात दिलाने की मांग की है।
पिनाहट, सीकरी में भी आतंक
रुनकता ही नहीं बंदरों के आतंक से अन्य क्षेत्र के लोग भी परेशान हैं। पिनाहट में मोहल्ला मार, पुरनपुरा, रघुनाथपुरा, खटीक टूला, चांदनी चौक, ताल की पार, मोहल्ला पूरा में बंदरों का आतंक है। पूर्व में बंदरों के हमले से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था।
दो दिन पूर्व दुकान से चॉकलेट खरीद कर ला रहे बच्चे पर बंदर ने हमला बोल दिया। घायल बच्चे को हॉस्पिटल में दाखिल कराया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार प्रशासन से बंदरों को पकड़ने की मांग की गई है। फतेहपुर सीकरी में बंदरों के हमले की कई घटनाएं हो चुकी हैं। लोगों ने बंदरों से निजात दिलाने की मांग की है।