मोक्षधाम पर नहीं करने दिया कोरोना मरीज के शव का अंतिम संस्कार, तीन घंटे बैठे रहे परिजन
- इटावा में सड़क हादसे में हुई थी मौत, चिकित्सकों ने किया था कोरोना पॉजिटिव घोषित
- शव लेकर मोक्षधाम पहुंचे परिजनों को लौटाया, ध्रुव घाट पर किया गया अंतिम संस्कार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मथुरा में मोक्षधाम पर रविवार को कोरोना पॉजिटिव मरीज के शव का अंतिम संस्कार नहीं करने दिया गया। इससे विवाद हो गया। परिजन शव को लेकर तीन घंटे तक बैठे रहे। मौके पर पुलिस पहुंच गई। विवाद के बाद शव को मोक्षधाम से ध्रुव घाट भेज दिया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया।
महेन्द्र नगर पाली खेड़ा निवासी अरविंद कुमार की मौत इटावा के नजदीक लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में 11 सिंतबर को हुई थी। वह कोरोना संक्रमित थे। अरविंद के शव को मथुरा लाने में तीन दिन लग गए। मथुरा और इटावा स्वास्थ्य विभाग एक-दूसरे पर वाहन की जिम्मेदारी टालते रहे।
रविवार को परिजन जब शव लेकर मथुरा आए तो अंतिम संस्कार के लिए मोक्षधाम पहुंच गए। मोक्षधाम संचालन समिति ने शव को जलाने से इंकार कर दिया। परेशान परिजन तीन घंटे तक मोक्षधाम संचालन समिति के पदाधिकारियों से गुहार करते रहे, लेकिन उन्होंने कोरोना मरीज होने के कारण शव का अंतिम संस्कार कराने से साफ मना कर दिया।
ध्रुव घाट कराया अंतिम संस्कार
इस स्थिति में विवाद हो गया। मृतक के भाई पवन कुमार ने थाना गोविंद नगर पुलिस को फोन किया। इसके बाद मौके पर पुलिस पहुंच गई। लेकिन थाना गोविंद नगर ने भी उन्हें ध्रुव घाट पर ही अंतिम संस्कार करने की सलाह दी। पुलिस ने उन्हें यहां से ध्रुव घाट भेज दिया, जहां शव का अंतिम संस्कार किया गया।
इस संबंध में गोविंद नगर थानाध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने बताया कि मोक्ष धाम संचालन समिति ने शव जलाने के लिए मना किया था। उनका कहना था ध्रुव घाट पर इस प्रकार के शव की अंतिम संस्कार की कोई व्यवस्था नहीं है। इसलिए हमने उन्हें शव लेकर ध्रुव घाट जाने को कहा था।
स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक डॉ. भूदकव सिंह ने बताया कि वह इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। मोक्ष धाम संचालन समिति के खिलाफ वह रिपोर्ट दर्ज कराएंगे। मृतक के भाई पवन ने बताया कि उन्होंने अपने भाई का अंतिम संस्कार ध्रुव घाट पर किया है।