एटा: विद्युतकर्मियों की धमकी के बाद किशोरी ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- मेरे पापा ने नहीं की बिजली चोरी
- मृतका के परिवार ने विद्युत कर्मियों पर लगाया धमकी देने का आरोप
- सुसाइड नोट मिलने के बाद पुलिस ने मामले में दर्ज किया मुकदमा
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उत्तर प्रदेश के एटा जिले में एक किशोरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने बिजली कर्मचारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसके आधार पर गुरुवार को विद्युत निगम के कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। सुसाइड नोट में विद्युत कर्मियों पर झूठे केस में फंसाकर पीड़ित परिजनों को जेल भेजने की धमकी का आरोप है।
कोतवाली नगर के मोहल्ला रेवाड़ी निवासी छोटे सिंह की 17 वर्षीय पुत्री रजनी ने बुधवार की दोपहर करीब 12 बजे आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में विद्युत निगम की विजिलेंस टीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। किशोरी ने आत्महत्या से पहले सुसाइड नोट छोड़ा है।
सुसाइड नोट में लिखा है कि मेरी मौत के जिम्मेदार पुलिसवाले और बिजली विभाग वाले हैं। मेरे पापा और मम्मी चोरी की लाइट नहीं जलाते, फिर भी इन बिजली वालों ने मेरे पापा पर झूठा आरोप लगाकर एफआईआर कर दी। हम बहुत गरीब हैं साहब, मेरे पापा कई बार बिजली वालों के पास गए, कोई तीन हजार मांगता है तो कोई 25 हजार, मेरे पापा बहुत परेशान हैं।
'पापा, मम्मी सॉरी...'
सुसाइड नोट में आगे लिखा है कि पापा, मम्मी सॉरी, राजकुमार भइया, तन्नू रोईयो न ठीक है। मेरे पापा का कोई कुछ मत करना प्लीज...। इसमें दो विद्युत कर्मियों के मोबाइल नंबर लिखे हुए हैं। इन्हीं अज्ञात दोनों विद्युत कर्मियों के खिलाफ मृतका के पिता ने तहरीर दी। इसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मृतका के पिता ने आरोप लगाया है कि बुधवार को करीब 11 बजे विद्युत विजिलेंस टीम आई और पुत्री रजनी को धमकी दी कि तेरे पिता तो जेल जाएंगे। धमकी से परेशान होकर बेटी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। एएसपी ओपी सिंह और एडीएम विवेक मिश्रा ने कोतवाली नगर पहुंचकर परिजनों से बातचीत की और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। मुकदमा दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।