ताजमहल पर 21 फरवरी से शुरू हो जाएंगे टर्न स्टाइल गेट, केंद्रीय राज्यमंत्री ने देखी व्यवस्था
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पश्चिमी गेट पर मंदिर विवाद के कारण तारीख तय नहीं की गई है, लेकिन विश्व हिंदू परिषद कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर मंदिर के लिए वैकल्पिक मार्ग को ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं। गुरुवार दोपहर ताजमहल पूर्वी गेट पर छायाचित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन संस्कृति मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने एससी आयोग अध्यक्ष सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया के साथ किया।
प्रवेश की नई व्यवस्था को देखा
डॉ. महेश शर्मा ने पूर्वी और पश्चिमी गेट पर एक करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई प्रवेश की नई व्यवस्था को देखा। ताजमहल के नाइटव्यू के दौरान 50 हजार लोगों के घर में कैद होने की समस्या पर मंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था शुरू होने पर टर्न स्टाइल गेट व्यवस्था के तहत ही नाइटव्यू चले, इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में विभाग आईए दाखिल करेगा।
वो पश्चिमी गेट पर सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में भी गए और दर्शन के बाद यहां से प्रवेश की नई व्यवस्था और मंदिर के लिए बनाए गए वैकल्पिक मार्ग को देखा। विश्व हिंदू परिषद प्रांतीय उपाध्यक्ष सुनील पाराशर, संपर्क प्रमुख रवि दुबे के साथ बातचीत में तय हुआ कि ऊबड़ खाबड़ ऊंचे टीले को समतल और पाथवे चौड़ा किया जाए।
ताज कॉरिडोर में पार्क का शिलान्यास
मोहब्बत की निशानी ताजमहल और आगरा किला के बीच ताज हेरिटेज कारीडोर की जमीन पर ताज व्यू पार्क का संस्कृति मंत्री ने शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि मार्च तक यह पार्क हराभरा हो जाएगा। कॉरिडोर स्थल के बीचोबीच से गुजर रहे मंटोला नाले पर पाइप डालने के निर्देश दिए।
इसी पार्क में एम्फी थियेटर बनाने के लिए उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए फंड की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। पहले चरण में 12 हेक्टेयर जमीन पर मार्च तक काम किया जाएगा। उसके बाद बाकी 8 हेक्टेयर पर दूसरे चरण में कार्य होगा।
ऐतिहासिक चित्रों की प्रदर्शनी
एएसआई ने पूर्वी गेट टर्न स्टाइल गेट से प्रवेश के बाद प्रवेश के लिए जो डक्ट बनाई है, वहां ऐतिहासिक चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई है। ब्रिटिश राज के दौरान ताज के फोटो से लेकर संरक्षण कार्यों के भी चित्र लगाए गए हैं?
एएसआई साइंस ब्रांच करेगी ताज की स्पेक्ट्रोग्राफी
ताजमहल के संगमरमर पर प्रदूषण का कितना प्रभाव पड़ा और इसका वास्तविक रंग क्या है, यह जानने के लिए संस्कृति मंत्रालय ने एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) साइंस ब्रांच को जिम्मेदारी दी है। ताज के गुंबद, मीनारों, भूमिगत कक्ष समेत कई जगह से सैंपल लेकर संगमरमर का वास्तविक रंग रिकार्ड में रखा जाएगा, ताकि भविष्य में होने वाले मडपैक के लिए मानक तय हो सकें।