{"_id":"57828fd94f1c1b976b7f9b62","slug":"mining-mafia-quit-the-yamuna-s-flow","type":"story","status":"publish","title_hn":"खनन माफियाओं ने मोड़ दी यमुना की धारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खनन माफियाओं ने मोड़ दी यमुना की धारा
अमर उजाला आगरा
Updated Sun, 10 Jul 2016 11:41 PM IST
विज्ञापन
यमुना
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
खनन माफियाओं ने दबंगई की हद ही पार कर दी। एक तो बगैर पट्टे के यमुना में खनन कर रहे हैं। वो भी जेसीबी मशीन लगाकर। दूसरा, नदी की धारा भी मोड़ दी है। पानी को रोककर नदी में रास्ता बना दिया है ट्रैक्टर-ट्रालियों के आने जाने के लिए। टेढ़ी बगिया के पास जगदंबा डिग्री कालेज के ठीक पीछे दिन-रात खनन किया जा रहा है। पुलिस-प्रशासन को जानकारी है, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई।
बरसात आते ही माफिया ज्यादा से ज्यादा खनन कर रेत का स्टाक कर लेना चाहते हैं। इसलिए एक साथ चार-चार जेसीबी मशीनें चलाई जा रही हैं। पास में ही रेत स्टोर किया जा रहा है। नदी के बीच में मशीन उतारी गई हैं। लेबर और ट्रैक्टर ट्राली के पहुंचने के लिए रास्ता बना दिया गया है।
यह ईंट, रोड़, रेत से भरे कट्टे डालकर बनाया गया है। इससे नदी की धारा मुड़ गई है। पानी रास्ते से टकराकर शेष बची धारा से निकल रहा है। चार दिन से इसकी तैयारी चल रही थी। रविवार को रास्ता तैयार हो गया।
विज्ञापन
बंदूक -राइफलों से फैला रहे खौफ
माफिया के गुर्गे खनन स्थल के पास ही बंदूक और राइफल लिए खड़े हैं। इसके चलते आस-पास के लोग विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। पुलिस से शिकायत कर दी गई है।
हर साल मरते हैं 20 बच्चे
नदी में अवैध खनन से गहरे गड्डे बना दिए जाते हैं। इनमें डूबकर हर साल कम से कम 20 बच्चों की जान चली जाती है। जिस जगह खनन हो रहा है, यहां सबसे ज्यादा हादसे होते हैं।
आस-पास खतरा बढ़ा
अभी नदी में पानी कम है। लेकिन मानसून आते ही धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। अगर ज्यादा पानी आया तो बाढ़ आ सकती है। पहले कई बार आ चुकी है। ऐसे में इस जगह नदी किनारे खतरा ज्यादा रहेगा।
जगदंबा कालेज के पीछे खनन का कोई पट्टा नहीं दिया गया है। अगर खनन हो रहा है तो पूरी तरह अवैध है। अगर नदी की धारा मोड़ी गई है तो यह अपराध है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - राजकुमार, एडीएम फाइनेंस
विज्ञापन
बरसात आते ही माफिया ज्यादा से ज्यादा खनन कर रेत का स्टाक कर लेना चाहते हैं। इसलिए एक साथ चार-चार जेसीबी मशीनें चलाई जा रही हैं। पास में ही रेत स्टोर किया जा रहा है। नदी के बीच में मशीन उतारी गई हैं। लेबर और ट्रैक्टर ट्राली के पहुंचने के लिए रास्ता बना दिया गया है।
विज्ञापन
यह ईंट, रोड़, रेत से भरे कट्टे डालकर बनाया गया है। इससे नदी की धारा मुड़ गई है। पानी रास्ते से टकराकर शेष बची धारा से निकल रहा है। चार दिन से इसकी तैयारी चल रही थी। रविवार को रास्ता तैयार हो गया।
विज्ञापन
बंदूक -राइफलों से फैला रहे खौफ
माफिया के गुर्गे खनन स्थल के पास ही बंदूक और राइफल लिए खड़े हैं। इसके चलते आस-पास के लोग विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। पुलिस से शिकायत कर दी गई है।
हर साल मरते हैं 20 बच्चे
नदी में अवैध खनन से गहरे गड्डे बना दिए जाते हैं। इनमें डूबकर हर साल कम से कम 20 बच्चों की जान चली जाती है। जिस जगह खनन हो रहा है, यहां सबसे ज्यादा हादसे होते हैं।
आस-पास खतरा बढ़ा
अभी नदी में पानी कम है। लेकिन मानसून आते ही धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। अगर ज्यादा पानी आया तो बाढ़ आ सकती है। पहले कई बार आ चुकी है। ऐसे में इस जगह नदी किनारे खतरा ज्यादा रहेगा।
जगदंबा कालेज के पीछे खनन का कोई पट्टा नहीं दिया गया है। अगर खनन हो रहा है तो पूरी तरह अवैध है। अगर नदी की धारा मोड़ी गई है तो यह अपराध है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - राजकुमार, एडीएम फाइनेंस