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गंगा स्नान के बाद लापता हुए थे, 21 सालों बाद परिवार से मिले, दिलचस्प है इस शख्स की कहानी
Mon, 19 Aug 2019 12:06 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 19 Aug 2019 12:06 AM IST
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याददाश्त आने के बाद परिजनों के बीच नाथूलाल
- फोटो : अमर उजाला
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नाथूलाल परिजनों से मिले तो आंखों से आंसू छलक पड़े। वह काफी देर तक अपने चाचा व चचेरे भाइयों के गले से लिपटे रहे। परिजन नाथूलाल को पाकर बेहद खुश थे और वह भी।
मानसिक रूप से कमजोर नाथूलाल 21 साल पहले परिजनों के साथ नरौरा गंगा स्नान करने आए थे, लेकिन वह परिजनों से बिछड़ कर मथुरा की ट्रेन में बैठ गए। अब बुखार का इलाज कराने के दौरान याददाश्त लौट आई।
थाना सिरसागंज के नौरमई के पास फौजी होटल पर नाथूलाल करीब दस वर्षों से काम कर रहे थे। याददाश्त काफी कमजोर थी। होटल संचालक अवधेश यादव की मानें तो उसके घर का पता कई बार पूछा गया, लेकिन वह बता नहीं सका।
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दस अगस्त को तेज बुखार आया था। बुखार दिमाग पर चढ़ने के कारण उसका उपचार कराया। इलाज के दौरान नाथूलाल की याददाश्त लौट आई, उसने घर जाने की इच्छा जताई। उसने अपने घर का पता भी बता दिया।
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मानसिक रूप से कमजोर नाथूलाल 21 साल पहले परिजनों के साथ नरौरा गंगा स्नान करने आए थे, लेकिन वह परिजनों से बिछड़ कर मथुरा की ट्रेन में बैठ गए। अब बुखार का इलाज कराने के दौरान याददाश्त लौट आई।
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थाना सिरसागंज के नौरमई के पास फौजी होटल पर नाथूलाल करीब दस वर्षों से काम कर रहे थे। याददाश्त काफी कमजोर थी। होटल संचालक अवधेश यादव की मानें तो उसके घर का पता कई बार पूछा गया, लेकिन वह बता नहीं सका।
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दस अगस्त को तेज बुखार आया था। बुखार दिमाग पर चढ़ने के कारण उसका उपचार कराया। इलाज के दौरान नाथूलाल की याददाश्त लौट आई, उसने घर जाने की इच्छा जताई। उसने अपने घर का पता भी बता दिया।
वह जिला बदायूं की तहसील बसौली के ग्राम बझेड़ा निवासी है। बताया कि वह 1998 में परिजनों के साथ नरौरा गंगा स्नान करने गया था। वहां से वह परिजनों से बिछड़ कर मथुरा वाली ट्रेन में बैठ गया था। मथुरा के थाना रिफाइनरी क्षेत्र के गांव भैंसा में यहां वह एक डेयरी पर काम करता रहा।
जिस समय वह बिछड़ा 30 वर्ष का था। वर्ष 2008 में नाथूलाल किसी ट्रक वाले के साथ थाना सिरसागंज नौरमई स्थित फौजी होटल पर आ गया था। अवधेश ने बताया कि याददाश्त लौटने के बाद नाथूलाल द्वारा दी जानकारी के आधार पर रनवीर सिंह बघेल बहजोई (बदायूं) से संपर्क किया तो उन्होंने बझेड़ा गांव के एक ग्रामीण से बात की।
नाथूलाल के मिलने की खबर सुनकर परिजनों को सहज विश्वास नहीं हुआ। फोन से बात कराई तो वे आश्चर्य में पड़ गए। रविवार को बझेड़ा के प्रधान भूरेलाल यादव, नाथूलाल के चाचा चिरंजीलाल, चचेरा भाई वीरेंद्र सहित पांच लोग अवधेश के होटल पर आए और नाथूलाल को साथ ले गए।
जिस समय वह बिछड़ा 30 वर्ष का था। वर्ष 2008 में नाथूलाल किसी ट्रक वाले के साथ थाना सिरसागंज नौरमई स्थित फौजी होटल पर आ गया था। अवधेश ने बताया कि याददाश्त लौटने के बाद नाथूलाल द्वारा दी जानकारी के आधार पर रनवीर सिंह बघेल बहजोई (बदायूं) से संपर्क किया तो उन्होंने बझेड़ा गांव के एक ग्रामीण से बात की।
नाथूलाल के मिलने की खबर सुनकर परिजनों को सहज विश्वास नहीं हुआ। फोन से बात कराई तो वे आश्चर्य में पड़ गए। रविवार को बझेड़ा के प्रधान भूरेलाल यादव, नाथूलाल के चाचा चिरंजीलाल, चचेरा भाई वीरेंद्र सहित पांच लोग अवधेश के होटल पर आए और नाथूलाल को साथ ले गए।
नाथूलाल के माता-पिता की हो चुकी है मौत
नाथूलाल अपने पिता श्रीराम का इकलौता बेटा था। उसके दो बहनें सोमप्यारी व हरप्यारी हैं। दोनों का विवाह हो चुका है। परिजनों ने मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी। उसके माता-पिता की मौत हो चुकी है। उसके नाम करीब 20 बीघा जमीन भी है।
नाथूलाल अपने पिता श्रीराम का इकलौता बेटा था। उसके दो बहनें सोमप्यारी व हरप्यारी हैं। दोनों का विवाह हो चुका है। परिजनों ने मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी। उसके माता-पिता की मौत हो चुकी है। उसके नाम करीब 20 बीघा जमीन भी है।