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महान संगीतज्ञ बैजू बावरा का स्मारक हुआ बदहाल, इस धरोहर से अनजान हैं सैलानी
Sun, 22 Nov 2020 02:26 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर सीकरी (आगरा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर सीकरी (आगरा)
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 22 Nov 2020 02:26 PM IST
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बैजू बावरा का स्मारक
- फोटो : अमर उजाला
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फतेहपुर सीकरी में महान संगीतज्ञ बैजू बावरा का स्मारक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के संरक्षित स्मारकों की सूची में शामिल है। स्मारक की हालत संरक्षण में लापरवाही को दिखाती है। पुरातत्व विभाग की अनदेखी के चलते स्मारक के बरामदे जर्जर हो गए हैं, छज्जे गिरने लगे हैं। विभाग की ओर से स्मारक तक जाने के रास्ते में कहीं कोई बोर्ड नहीं लगाया गया है कि आगे बैजू बावरा का स्मारक है।
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स्मारक पर जरूर ‘हाउस ऑफ बैजू बावरा’ का बोर्ड लगा है। ऐसे में पर्यटक स्मारक तक पहुंच ही नहीं पाते। महान संगीतकार तानसेन के स्मारक से बैजू बावरा का स्मारक मुश्किल से 30 मीटर दूरी पर है। जहां तानसेन का स्मारक अच्छी हालत में है। वहीं बैजू बावरा का स्मारक जर्जर हो चुका है।
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कारीगरी
चारों ओर लगे लाल पत्थरों को तराशकर बनाए गए बरामदे आभा देते हैं। भवन में चारों ओर जालियां लगी हैं, हालांकि इनमें से अधिकांश टूट चुकी हैं। अंदर विशेष कक्ष बने हैं।
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ये है हाल
स्मारक के आसपास अतिक्रमण हो चुका है। सटकर मकान बने हुए हैं। चारों और उपले थापे जाते हैं। महल के अंदर कूड़े के ढेर हैं, झाड़ियां उग आई हैं। स्मारक के रास्ते को इंगित करता कोई बोर्ड तक यहां नहीं है।
ऐसे पहुंचें
फतेहपुर सीकरी के दीवान-ए-आम से सीकरी गांव जाने वाले रास्ते पर महज 50 मीटर की दूरी पर बैजू बावरा का स्मारक स्थित है। इसी रास्ते में पहले तानसेन का मकबरा पड़ता है। वहां से सिर्फ 30 मीटर आगे यह स्मारक है।
स्मारक के आसपास अतिक्रमण हो चुका है। सटकर मकान बने हुए हैं। चारों और उपले थापे जाते हैं। महल के अंदर कूड़े के ढेर हैं, झाड़ियां उग आई हैं। स्मारक के रास्ते को इंगित करता कोई बोर्ड तक यहां नहीं है।
ऐसे पहुंचें
फतेहपुर सीकरी के दीवान-ए-आम से सीकरी गांव जाने वाले रास्ते पर महज 50 मीटर की दूरी पर बैजू बावरा का स्मारक स्थित है। इसी रास्ते में पहले तानसेन का मकबरा पड़ता है। वहां से सिर्फ 30 मीटर आगे यह स्मारक है।