फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   medium flood in Ganga River Katan in Mehola Dam Kasganj News

बाढ़ का प्रकोप: कई गांव में घुसा बाढ़ का पानी, मेहोला बांध में हुआ कटान

Fri, 23 Aug 2019 12:40 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज Published by: Abhishek Saxena Updated Fri, 23 Aug 2019 12:40 AM IST
विज्ञापन
medium flood in Ganga River Katan in Mehola Dam Kasganj News
मेहोला बांध का पानी ग्रामीण इलाकों में पहुंचने से खलबली - फोटो : अमर उजाला
जिले में लगातार बाढ़ का प्रकोप बढ़ रहा है। कई ग्रामीण इलाकों की आबादी तक बाढ़ के पानी ने दस्तक दे दी है। निचले इलाकों में लोग बाढ़ से बचाव के इंतजाम में जुट गए हैं। बाढ़ का पानी रुकने के बाद कहीं भी हालात सामान्य नहीं हैं। 
विज्ञापन


मिट्टी के कच्चे बांधों पर लगातार गंगा के पानी का दबाव बढ़ने के कारण बांध कमजोर हो रहे हैं। मेहोला बांध में भी कटान हो गया। इससे मेहोला गांव में भी बाढ़ का पानी घुस गया। जानकारी पर सिंचाई विभाग के अफसर बांध की मरम्मत कराने में जुट गए हैं।
विज्ञापन


गंगानदी में बुधवार सुबह से जलस्तर में वृद्धि के संकेत थे। बुधवार दोपहर के बाद जिले में गंगा नदी की धार ने उफनना शुरू कर दिया। बुधवार देर रात डिस्चार्ज बढ़ा और रातों रात जिले के कई इलाके बाढ़ के पानी से घिर गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

medium flood in Ganga River Katan in Mehola Dam Kasganj News
मेहोला बांध की मरम्मत कराने में जुटे ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
गुरुवार सुबह भी नरौरा से 2 लाख 23 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हुआ। यह पानी गुरुवार शाम तक कछला तक पहुंचा और इसके बाद जिले के ग्रामीण इलाकों में फैलने लगा। वहीं पानी का दबाव बढ़ने से गुुरुवार को मेहोला के कच्चे बांध में कटान हो गया। 

किलौनी, किसौल, मेहोला, ओम नगरिया, समसपुर तराई, बमनपुरा, मूंझखेड़ा आदि के इलाके जलमग्न हो गए। ग्रामीणों को बाढ़ का पानी पहुंचने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी गांव में पशुओं को बांधने के लिए हुई। पानी भरा होने के कारण पशुओं को ऊंचाई वाले स्थानों पर बांधना पड़ा। 

खेतों में पानी भर जाने के कारण चारे की कटाई को ग्रामीण खेतों में नहीं जा सके। उन्होंने सूखे स्थानों से घास काटकर पशुओं को खिलाई। प्रभावित इलाकों के ग्रामीणों में बेहद खलबली है और लगातार बाढ़ के पानी की निगरानी कर रहे हैं। 

किलौनी किसौल के ग्रामीण रामलड़ेते, गेंदालाल, रामकिशोर, जयपाल, चेतीराम ने बताया कि लोगों के घरों में बाढ़ का पानी घुस रहा है। आगामी समय में यह पानी लगातार बढ़ता जाएगा जिससे ग्रामीणों की दिक्कतें और बढ़ेंगी।

शाम के समय घटा 8 हजार क्यूसेक पानी
गंगा के जलस्तर में गुरुवार शाम आठ हजार क्यूसेक पानी की कमी डिस्चार्ज में बताई गई, लेकिन अभी भी गंगा में मीडियम फ्लड लेबल का डिस्चार्ज चल रहा है। 

संजय शर्मा, बाढ़ प्रभारी का कहना है कि नरौरा से गुरुवार सुबह के समय पानी का डिस्चार्ज 2.23 लाख क्यूसेक का था जो सायं 4 बजे घटकर 2.15 लाख क्यूसेक रह गया। 


डिस्चार्ज पर एक नजर
- 61752  क्यूसेक पानी हरिद्वार से छोड़ा गया।
- 98445 क्यूसेक पानी बिजनौर से छोड़ा गया।
- 223896 क्यूसेक पानी नरौरा से छोड़ा गया।
- 163.80 मीटर के निशान पर कछला पुल पर जलस्तर। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed