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इलाज के लिए खाए धक्के, दवाओं का टोटा
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आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को ओपीडी में फिर मारामारी रही। सोमवार के मुकाबले डेढ़ गुना मरीज पहुंच गए। इससे परिसर ठसाठस भर गया। घंटे भर तक लाइन में धक्का-मुक्की झेेलने के बाद मरीजों को डॉक्टर से परामर्श मिला तो दिक्कत दवाओं की आ गई। पर्चे पर लिखी पूरी दवाएं नहीं मिलीं।
मंगलवार को ओपीडी में 731 मरीज पहुंचे। सोमवार को 533 मरीज आए थे। पर्चा बनवाने के बाद मरीज डॉक्टरों को दिखाने के लिए पहुंचे। मरीजों के बैठने के लिए सीटें नहीं थीं। खड़े होकर ही इंतजार करना पड़ा। चैंबर में एक-एक करके ही मरीजों को भेजा जा रहा था। काफी देरी हो रही थी। करीब घंटे भर तक लाइन में खड़े रहने पर इलाज मिला। कई मरीजों को गर्मी से बुरा हाल भी हो गया।
वार्ड ब्वॉय भी नहीं मिले
ओपीडी में चलने फिरने से लाचार मरीजों को ज्यादा परेशानी हुई। इनको डॉक्टरों के चैंबर तक और एंबुलेंस तक छोड़ने के लिए मदद को नहीं आए। इस पर तीमारदार खुद ही व्हीलचेयर लेकर मरीजों को लेकर गए।
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गेट पर ताला, 140 से अधिक मरीज लौटे
सुबह 11 बजे ओपीडी के गेट पर ताला लगाकर बंद कर दिया गया। दूरदराज से आए मरीज गार्ड से गेट खोलने के लिए गुहार लगाते रहे लेकिन उन्हें अगले दिन आने के लिए कहा गया। ऐसे करीब 140 से अधिक मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ा।
त्वचा, हृदय रोग और पेट रोग की दवाओं की कमी
ओपीडी में अभी कम मरीज ही आ रहे हैं लेकिन इनके लिए भी पर्याप्त दवाएं नहीं हैं। सामान्य दिनों में 2000 से अधिक मरीज ओपीडी में आते थे। अभी ओपीडी में करीब 70 तरह की दवाएं हैं। त्वचा रोग, हृदय रोग, ईएनटी और पेट रोग की दवाओं की कमी है। पर्चे पर लिखी दवाओं में से एक-दो प्राइवेट मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही हैं।
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मंगलवार को ओपीडी में 731 मरीज पहुंचे। सोमवार को 533 मरीज आए थे। पर्चा बनवाने के बाद मरीज डॉक्टरों को दिखाने के लिए पहुंचे। मरीजों के बैठने के लिए सीटें नहीं थीं। खड़े होकर ही इंतजार करना पड़ा। चैंबर में एक-एक करके ही मरीजों को भेजा जा रहा था। काफी देरी हो रही थी। करीब घंटे भर तक लाइन में खड़े रहने पर इलाज मिला। कई मरीजों को गर्मी से बुरा हाल भी हो गया।
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वार्ड ब्वॉय भी नहीं मिले
ओपीडी में चलने फिरने से लाचार मरीजों को ज्यादा परेशानी हुई। इनको डॉक्टरों के चैंबर तक और एंबुलेंस तक छोड़ने के लिए मदद को नहीं आए। इस पर तीमारदार खुद ही व्हीलचेयर लेकर मरीजों को लेकर गए।
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गेट पर ताला, 140 से अधिक मरीज लौटे
सुबह 11 बजे ओपीडी के गेट पर ताला लगाकर बंद कर दिया गया। दूरदराज से आए मरीज गार्ड से गेट खोलने के लिए गुहार लगाते रहे लेकिन उन्हें अगले दिन आने के लिए कहा गया। ऐसे करीब 140 से अधिक मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ा।
त्वचा, हृदय रोग और पेट रोग की दवाओं की कमी
ओपीडी में अभी कम मरीज ही आ रहे हैं लेकिन इनके लिए भी पर्याप्त दवाएं नहीं हैं। सामान्य दिनों में 2000 से अधिक मरीज ओपीडी में आते थे। अभी ओपीडी में करीब 70 तरह की दवाएं हैं। त्वचा रोग, हृदय रोग, ईएनटी और पेट रोग की दवाओं की कमी है। पर्चे पर लिखी दवाओं में से एक-दो प्राइवेट मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही हैं।