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सरकारी अस्पतालों में बढ़े 20 फीसदी तक मरीज
सरकारी अस्पतालों में बढ़े 20 फीसदी तक मरीज
Updated Sun, 13 Nov 2016 01:06 AM IST
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मेडिसिन विभाग की सभी इमरजेंसी सेवाएं ठप, सिर्फ ओपीडी चल रही, शिफ्टिंग के बाद नहीं शुरू हुईं सेवाएं
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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प्राइवेट हास्पिटल में 500-1000 के नोट शर्तों पर लिए जाने से सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गई। बीते तीन दिनों में ओपीडी और भर्ती मरीजों में 15-20 फीसदी तक बढ़ी है। यहां इलाज मुफ्त में है और 500-1000 के नोट का कोई झंझट भी नहीं है। एसएन की बात करें तो अमूमन रोजाना 1200 मरीज रहते हैं, इसमें 300-400 भर्ती किए जाते। लेडी लायल में ओपीडी करीब 600 तक पहुंच रही है।
एसएन प्राचार्य डा. सरोज सिंह ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों में मरीजों की संख्या बढ़ी है। विभागाध्यक्षों के अलावा इमरजेंसी में चिकित्सकों को अलर्ट भी किया गया है।
प्राइवेट में मरीज भर्ती नहीं किए तो होगी कार्रवाई
500-1000 की करेंसी बंद होने पर कई प्राइवेट हास्पिटलों में मरीजों को भर्ती करने से बच रहे हैं। सीएमओ ने ऐसे हास्पिटलों को सख्त चेतावनी दी है। 500-1000 के नोट न लेकर उनको डिस्चार्ज न करने वालों पर भी कार्रवाई होगी। सीएमओ डा. बीएस यादव ने बताया कि 500-1000 के नोट के चलते किसी मरीज का इलाज बंद नहीं किया जाएगा और नहीं उसे भर्ती करने से मना करें। इसकी शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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मेडिकल स्टोरों पर दवाआें का स्टाक हो रहा खत्म
नोटबंदी से ठप पड़े दवा बाजार में एक और चुनौती सामने आने वाली है। 500-1000 नोटबंदी से थोक व्यापार में 70-80 फीसदी दुकानें बंद हैं। इधर, फुटकर दुकानों पर स्टाक खत्म हो रहा है। बात की जाए तो जनपद में करीब 3500 पंजीकृत दुकानें हैं। इसमें 50-60 प्रतिशत दुकानों पर स्टाक की कमी है। ट्रांस यमुना कॉलोनी स्थित मेडिकल स्टोर संचालक अफजल खान ने बताया कि थोक बाजार बंद होने के कारण दवा नहीं मिल रही। इधर दो-तीन दिन में बिक्री के बाद अधिकांश दवाओं का स्टाक नहीं रहा है। मेडिकल ट्रैडर्स वेलफयेर एसोसिएशन के महासचिव पुनीत कालरा का कहना है कि अभी तक फुटकर दुकानदारों को बिलिंग और उधार में दवाएं दी जा रही थीं। अब छापे के डर से व्यवसायी भी दहशत में है।
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एसएन प्राचार्य डा. सरोज सिंह ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों में मरीजों की संख्या बढ़ी है। विभागाध्यक्षों के अलावा इमरजेंसी में चिकित्सकों को अलर्ट भी किया गया है।
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प्राइवेट में मरीज भर्ती नहीं किए तो होगी कार्रवाई
500-1000 की करेंसी बंद होने पर कई प्राइवेट हास्पिटलों में मरीजों को भर्ती करने से बच रहे हैं। सीएमओ ने ऐसे हास्पिटलों को सख्त चेतावनी दी है। 500-1000 के नोट न लेकर उनको डिस्चार्ज न करने वालों पर भी कार्रवाई होगी। सीएमओ डा. बीएस यादव ने बताया कि 500-1000 के नोट के चलते किसी मरीज का इलाज बंद नहीं किया जाएगा और नहीं उसे भर्ती करने से मना करें। इसकी शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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मेडिकल स्टोरों पर दवाआें का स्टाक हो रहा खत्म
नोटबंदी से ठप पड़े दवा बाजार में एक और चुनौती सामने आने वाली है। 500-1000 नोटबंदी से थोक व्यापार में 70-80 फीसदी दुकानें बंद हैं। इधर, फुटकर दुकानों पर स्टाक खत्म हो रहा है। बात की जाए तो जनपद में करीब 3500 पंजीकृत दुकानें हैं। इसमें 50-60 प्रतिशत दुकानों पर स्टाक की कमी है। ट्रांस यमुना कॉलोनी स्थित मेडिकल स्टोर संचालक अफजल खान ने बताया कि थोक बाजार बंद होने के कारण दवा नहीं मिल रही। इधर दो-तीन दिन में बिक्री के बाद अधिकांश दवाओं का स्टाक नहीं रहा है। मेडिकल ट्रैडर्स वेलफयेर एसोसिएशन के महासचिव पुनीत कालरा का कहना है कि अभी तक फुटकर दुकानदारों को बिलिंग और उधार में दवाएं दी जा रही थीं। अब छापे के डर से व्यवसायी भी दहशत में है।