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मेडिकल कॉलेज में छेड़छाड़: जूनियर डॉक्टर ने बालिका से की गंदी करतूत, जांच करेंगी तीन उच्च स्तरीय कमेटियां

Thu, 12 Sep 2024 11:55 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 12 Sep 2024 11:55 AM IST
सार

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में 11 साल की बालिका के साथ जूनियर डॉक्टर ने गंदी करतूत की। इस मामले की जांच के लिए तीन उच्च स्तरीय कमेटियां गठित की गईं हैं। 
 

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medical college Junior doctor did dirty work with a girl three high level committees will investigate
एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा - फोटो : संवाद

विस्तार

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में भर्ती 11 साल की बालिका से छेड़छाड़ के आरोपी डॉक्टर को कॉलेज प्रशासन ने निलंबित कर दिया है। मामले की जांच के लिए तीन उच्च स्तरीय कमेटियां बनाई गईं हैं।
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प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि बाल रोग विभाग में बालिका को वायरल बुखार होने का इलाज चल रहा था। परिजन ने आरोप लगाया कि बाल रोग विभाग में तैनात जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर दिलशाद हुसैन ने इलाज के नाम पर बालिका से छेड़छाड़ की है।
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शिकायत पर बाल रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. नीरज यादव समेत वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ बैठक कर इसे बेहद गंभीर मामला माना गया। आरोपी डॉक्टर को तत्काल निलंबित कर दिया गया। पुलिस को जानकारी दी गई। मामले की जांच के लिए जेंडर हैरेसमेंट कमेटी, आंतरिक शिकायत समिति और अनुशासन समिति गठित कर दी है। जांच अधिकारी डॉ. टीपी सिंह बनाए गए हैं। दो दिन में जांच रिपोर्ट मांगी है, इसके आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई होगी। वहीं आरोपों की जांच पुलिस कर रही है।
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आरोपी को पुलिस को सौंपा
प्राचार्य ने बताया कि आरोपी डॉक्टर को पुलिस के हवाले कर दिया गया। बालिका को भी पुलिस की अभिरक्षा में सुपुर्द कर दिया है। आगे की कार्रवाई पुलिस कर रही है।

एसएन में कार्यरत परिजन पर बनाया दबाव
परिजन ने आरोप लगाया कि बालिका के साथ छेड़छाड़ की शिकायत पर कॉलेज प्रशासन ने मामले को दबाने की कोशिश की। रफा-दफा करने के लिए एसएन में कार्यरत एक परिजन पर दबाव बनाया। कहा कि आरोपी डॉक्टर पर विभागीय कार्रवाई कर देंगे, पुलिस से शिकायत मत करो। इसी के चलते देर रात की घटना की जानकारी दोपहर तक पुलिस को नहीं दी जा सकी। एसएन कॉलेज में हिंदू संगठन के लोग जुटने लगे तब कॉलेज प्रशासन हरकत में आया।


मामले में एसएन प्राचार्य डॉ प्रशांत गुप्ता का कहना है कि उस वक्त बालिका के परिजनों की मनोदशा ठीक नहीं थी, इसके चलते वह इलाज के पर्चे साथ लेकर नहीं गए थे। हमने पुलिस के जरिए उन तक इलाज की पर्चे और फाइल उपलब्ध करा दी है।

 
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