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Agra News: महापौर और नगर आयुक्त आमने-सामने...बैठक की सूचना देरी से देने पर फैली रार, जानें पूरा मामला
Sat, 22 Nov 2025 09:49 AM IST
आगरा ब्यूरो
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 22 Nov 2025 09:49 AM IST
सार
नगर निगम की कार्यकारिणी समिति की बैठक की सूचना देरी से देने पर एक बार फिर महापौर और नगर आयुक्त आमने-सामने आ गए। महापौर ने जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई के लिए कहा तो नगर आयुक्त ने खुद पर कार्रवाई कराने की बात कह दी।
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नगर निगम आगरा
विस्तार
महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह और नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के बीच चल रहा शीतयुद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार सुबह नगर निगम की कार्यकारिणी समिति की बैठक की सूचना बीती रात मिलने की शिकायत पार्षदों ने महापौर से की। महापौर ने जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई के लिए कहा तो नगर आयुक्त ने खुद पर कार्रवाई कराने की बात कह दी। नाराज महापौर ने सीएम से शिकायत की बात कहते हुए बैठक स्थगित कर दी।
दरअसल, कार्यकारिणी की बैठक में 2025-26 के पुनरीक्षित बजट के आय-व्यय की समीक्षा और चर्चा की जानी थी। हालांकि बैठक में महापौर व नगर आयुक्त पहुंचे तो कार्यकारिणी के सदस्यों ने देर से सूचना और एजेंडा मिलने की वजह से तैयारी न होने की बात कहते हुए आपत्ति जताई। उनका कहना था कि विषय की जानकारी और तैयारी के बिना चर्चा और बैठक का काेई मतलब नहीं है।
सभी ने कहा कि उन्हें बृहस्पतिवार रात करीब 8 बजे के बाद बैठक की जानकारी मिली। इस पर महापौर ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि इस बैठक के बारे में एक हफ्ते पहले ही निर्देश दे दिए गए थे। फिर भी सूचना देने में देरी करना बेहद गलत है। नाराज महापौर ने संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए नगर आयुक्त को निर्देश दिए।
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हालांकि नगर आयुक्त ने जिम्मेदारी लेते हुए कह दिया कि उन्हीं पर कार्रवाई करवा दी जाए। उनके इस जवाब के बाद झल्लाईं महापौर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर इस लापरवाही की शिकायत करने की बात कहते हुए बैठक स्थगित कर दी। अब नगर निगम सचिवालय प्रशासन ने 24 नवंबर को फिर से कार्यकारिणी की बैठक बुलाने की सूचना जारी की है।
विजन 2047 पर बैठक में भी हुआ था विवाद
कार्यकारिणी की बैठक से पहले पिछले महीने विजन 2047 को लेकर बुलाई गई बैठक में भी विवाद हो गया था। इस बैठक की अध्यक्षता महापाैर के करने की बात कहते हुए पार्षदों को सूचना भेजी गई। बैठक के दिन पार्षद पहुंचे लेकिन वहां न तो महापाैर थीं और न ही नगर आयुक्त पहुंचे। नाराज पार्षदों ने योगी सरकार की मंशा पर निगम के अफसरों की हीलाहवाली से पानी फिरने की बात कहते हुए बैठक से बहिष्कार कर दिया था। उस प्रकरण में भी किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
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दरअसल, कार्यकारिणी की बैठक में 2025-26 के पुनरीक्षित बजट के आय-व्यय की समीक्षा और चर्चा की जानी थी। हालांकि बैठक में महापौर व नगर आयुक्त पहुंचे तो कार्यकारिणी के सदस्यों ने देर से सूचना और एजेंडा मिलने की वजह से तैयारी न होने की बात कहते हुए आपत्ति जताई। उनका कहना था कि विषय की जानकारी और तैयारी के बिना चर्चा और बैठक का काेई मतलब नहीं है।
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सभी ने कहा कि उन्हें बृहस्पतिवार रात करीब 8 बजे के बाद बैठक की जानकारी मिली। इस पर महापौर ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि इस बैठक के बारे में एक हफ्ते पहले ही निर्देश दे दिए गए थे। फिर भी सूचना देने में देरी करना बेहद गलत है। नाराज महापौर ने संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए नगर आयुक्त को निर्देश दिए।
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हालांकि नगर आयुक्त ने जिम्मेदारी लेते हुए कह दिया कि उन्हीं पर कार्रवाई करवा दी जाए। उनके इस जवाब के बाद झल्लाईं महापौर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर इस लापरवाही की शिकायत करने की बात कहते हुए बैठक स्थगित कर दी। अब नगर निगम सचिवालय प्रशासन ने 24 नवंबर को फिर से कार्यकारिणी की बैठक बुलाने की सूचना जारी की है।
विजन 2047 पर बैठक में भी हुआ था विवाद
कार्यकारिणी की बैठक से पहले पिछले महीने विजन 2047 को लेकर बुलाई गई बैठक में भी विवाद हो गया था। इस बैठक की अध्यक्षता महापाैर के करने की बात कहते हुए पार्षदों को सूचना भेजी गई। बैठक के दिन पार्षद पहुंचे लेकिन वहां न तो महापाैर थीं और न ही नगर आयुक्त पहुंचे। नाराज पार्षदों ने योगी सरकार की मंशा पर निगम के अफसरों की हीलाहवाली से पानी फिरने की बात कहते हुए बैठक से बहिष्कार कर दिया था। उस प्रकरण में भी किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।