फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Mathura encounter Asad 24 years ago formed Chhaimar gang Asad had confessed to 200 murder dacoit died

असद का एनकाउंटर: 24 साल पहले बनाया ये गैंग, असद ने कबूली थी 200 हत्याओं की बात; दो गोली लगते ही ढेर हुआ डकैत

Mon, 10 Mar 2025 02:45 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मथुरा
अमर उजाला नेटवर्क, मथुरा Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 10 Mar 2025 02:45 PM IST
सार

Mathura News: मथुरा में एनकाउंटर में मारे गए असद ने 24 साल पहले छैमार गैंग बनाया था। राजस्थान समेत कई राज्यों में उसने 200 हत्याएं करने  की बात कबूल की थी। अब रविवार को पुलिस की दो गोली लगते ही डकैत असद ढेर हो गया।

विज्ञापन
Mathura encounter Asad 24 years ago formed Chhaimar gang Asad had confessed to 200 murder dacoit died
UP Encounter - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Mathura Police News: मथुरा में पुलिस मुठभेड़ में ढेर छैमार गिरोह के सरगना असद खान उर्फ कदीम उर्फ फाती ने 24 साल पहले छैमार गिरोह बनाया था। इससे पहले वह बावरिया गिरोह के लिए काम करता था। असद का जहां डेरा रहता था, उसके आसपास के जिलों को छोड़कर अन्य प्रदेशों और जिलों में वारदात को अंजाम देता था।
विज्ञापन


सूत्रों के अनुसार कन्नौज के तिर्वा के बिनौरा रामुपर गांव निवासी सलीम बावरिया के साथ असद काम करता था। गिरोह बढ़ने के बाद सलीम ने सन 1999 में बावरिया गैंग शुरू की। बावरिया गैंग लूट, डकैती, हत्याएं व अन्य जघन्य अपराध को अंजाम देता था। 
विज्ञापन


इसके कुछ दिन बाद असद ने घुमंतू व छैमार जाति का गठजोड़ करके अपना छैमार गैंग बना लिया। 24 साल में असद ने छैमार गैंग को इतना बड़ा लिया कि देश के विभिन्न राज्यों में वारदात को अंजाम देने लगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार, इनकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न राज्यों की पुलिस जब तिर्वा जाने लगी तो छैमार गैंग ने वहां से डेरा हटा लिया। फिर ये गैंग अलग-अलग स्थानों पर डेरा जमाकर वारदात को अंजाम देने लगा। वर्तमान में तिर्वा में डेरा की जमीन पूरी तरह से खाली बताई जा रही है। हालांकि पुलिस असद के पता की खोज में अभी भी उलझी हुई है।
 

200 हत्याओं की बात कबूली थी 
एसटीएफ के मुताबिक, फाती से पूछताछ में पता चला था कि गिरोह अलग-अलग राज्यों में घूमता रहता है। वह शहर से बाहर सुनसान इलाकों में डेरा बना लेते हैं। पूरा परिवार साथ रहता है, जिससे पुलिस भी नहीं पकड़ पाती है। वह जहां रहते हैं, उसके आसपास के जिले में जाते हैं। 
 

भीख मांगने के बहाने घरों और दुकानों की रेकी करते हैं। चोरी, लूट और हत्या के बाद दूसरे जिले में डेरा जमाने चले जाते हैं। गिरोह के सभी सदस्य इसी तरह के काम करते हैं। वर्ष 2016 में उसे लखनऊ एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था।

तब वह फर्जी जमानती लगाकर जेल से बाहर आया और फरार हो गया था। फाती ने पूछताछ में गिरोह के उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान के अलग-अलग जिलों में 200 हत्याएं अंजाम देने की बात कबूल की थी। 

पुलिस की दो गोली लगते ही ढेर हो गया डकैत
पुलिस की छैमार गिरोह के साथ हुई मुठभेड़ में ढेर हुआ असद उर्फ फाती के सीने में दो गोलियां लगी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार असद ने पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी है। उसने पुलिस को संभलने का मौका भी नहीं दिया। यही कारण रहा कि पुलिस ने भी सीधे फायरिंग करना शुरू कर दिया।

बदमाशों से मिले 15 खाली खोखे साफ गवाही दे रहे हैं कि दोनों ओर से ताबड़ताेड़ फायरिंग हुई। इसी दौरान पुलिस की दो गोलियां फाती के सीने में लगी। इसके बाद वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। हालांकि असद उर्फ फाती की मौत किस कारण हुई यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed