{"_id":"6138cbe98ebc3ec36e6e2738","slug":"mathura-contract-employees-of-electricity-department-are-on-strike-kosi-news-agr506765876","type":"story","status":"publish","title_hn":"मथुरा: बिजली विभाग के संविदा कर्मचारी रहे हड़ताल पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मथुरा: बिजली विभाग के संविदा कर्मचारी रहे हड़ताल पर
विज्ञापन
कोसीकलां (मथुरा)। बिजली विभाग में विभिन्न मांगों को लेकर बिजली के संविदा लाइनमैन कर्मचारी बुधवार को दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। संगठन की ओर से कुछ पदाधिकारी और कर्मचारी लखनऊ के ईको गार्डन में प्रदेश स्तर की हड़ताल में शामिल होने लखनऊ भी पहुंचे। हालांकि विभागीय लाइनमैन फॉल्ट आदि कार्यों के लिए दिन भर दौड़ भाग करते रहे, लेकिन कई जगह बिजली आपूर्ति प्रभावित भी रही।
उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ लखनऊ द्वारा अधिकारियों को दिए ज्ञापन में बताया गया कि ठेकेदार व संविदाकारों के माध्यम से संविदा कर्मचारियों की तैनाती कर कार्य कराने के स्थान पर मस्टररोल व्यवस्था के तहत समायोजित कराया जाए। उन्होंने समान कार्य का समान वेतन देने या न्यूनतम मजदूरी अठारह हजार रुपये कर प्रदेश सरकार द्वारा समय-समय पर दिए जाने वाले हितलाभों को देने की मांग भी की। साथ ही संविदा कर्मचारियों के साथ आए दिन हो रही दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कदम उठाने, ईएसआई, बिजली विभाग के निजीकरण पर स्थायी रोक लगाते हुए ठेकेदारी व्यवस्था को समाप्त करने की भी मांग की गई थी।
इसी के तहत संगठन के अध्यक्ष बाबू खान के नेतृत्व में मंगलवार को क्षेत्र के विभिन्न बिजलीघरों से लगभग बीस से अधिक कर्मचारी आंदोलन में शामिल होने के लिए लखनऊ के ईको गार्डन पहुंचे और आंदोलन में शामिल हुए। विभिन्न बिजलीघरों में बाकी कर्मचारियों ने स्थानीय स्तर पर शांतिपूर्वक कार्य बहिष्कार कर आंदोलन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ लखनऊ द्वारा अधिकारियों को दिए ज्ञापन में बताया गया कि ठेकेदार व संविदाकारों के माध्यम से संविदा कर्मचारियों की तैनाती कर कार्य कराने के स्थान पर मस्टररोल व्यवस्था के तहत समायोजित कराया जाए। उन्होंने समान कार्य का समान वेतन देने या न्यूनतम मजदूरी अठारह हजार रुपये कर प्रदेश सरकार द्वारा समय-समय पर दिए जाने वाले हितलाभों को देने की मांग भी की। साथ ही संविदा कर्मचारियों के साथ आए दिन हो रही दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कदम उठाने, ईएसआई, बिजली विभाग के निजीकरण पर स्थायी रोक लगाते हुए ठेकेदारी व्यवस्था को समाप्त करने की भी मांग की गई थी।
विज्ञापन
इसी के तहत संगठन के अध्यक्ष बाबू खान के नेतृत्व में मंगलवार को क्षेत्र के विभिन्न बिजलीघरों से लगभग बीस से अधिक कर्मचारी आंदोलन में शामिल होने के लिए लखनऊ के ईको गार्डन पहुंचे और आंदोलन में शामिल हुए। विभिन्न बिजलीघरों में बाकी कर्मचारियों ने स्थानीय स्तर पर शांतिपूर्वक कार्य बहिष्कार कर आंदोलन किया।
विज्ञापन