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मथुरा हादसा: सबसे बड़ा डेथ प्वाइंट बनती जा रही ये पुलिया, लगातार हो रहे हादसे
ब्यूरो/अमर उजाला सौंख (मथुरा)
Updated Sun, 11 Jun 2017 11:05 AM IST
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accident in mathura
- फोटो : amar ujala
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मथुरा के थाना मगोर्रा क्षेत्र में फतेहपुरसीकरी नहर की मकेरा पुलिया क्षेत्र में सबसे बड़ा डेथ प्वाइंट बनती जा रही है। पहले भी यहां कई हादसे हुए जिनमें मरने वालों की संख्या दस से ज्यादा ही रही। ऐसे में सवाल है कि प्रशासन अब तक इसे नजरअंदाज क्यों करता रहा।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि मथुरा भरतपुर मार्ग पर फतेहपुर सीकरी नहर की मकेरा पुलिया कई बड़े हादसों की गवाह है। यहां आए दिन हादसे होते हैं। हमेशा हादसों में मरने वालों का आंकड़ा भी काफी रहता है।
लोगों का कहना है कि मकेरा पुलिया पर हादसे का सबसे बड़ा कारण इसका संकरा होना है। जिस बाईपास से होकर पुलिया की ओर रास्ता जाता है वह तो काफी चौड़ा है लेकिन पुलिया की चौड़ाई इतनी कम है कि एक बार में केवल एक ही चार पहिया वाहन निकल पाता है।
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राजस्थान की ओर जाने के लिए मुख्य मार्ग भी ये ही है। ऐसे में यहां से होकर ही वाहन गुजरते हैं। इसके बाद भी प्रशासन ने पुलिया पर लाइटिंग करवाई है न ही सावधानी सूचक कोई बोर्ड लगाया है। ऐसे में वाहन चालक को अंदाजा ही नहीं लग पाता और सावधानी के बाद भी हादसे हो ही जाते हैं।
इसके पहले यहां एक टवेरा कार नहर में समा गई थी जिसमें करीब 12 लोगों की मौत हो गई। कुछ दिन पहले ही एक अल्टो कार मकेरा पुलिया से नहर में गिरी और उसमें बैठे तीन लोगों की जान चली गई। लोगों के अनुसार रविवार को हुआ हादसा इस पुलिया पर पांचवां बड़ा हादसा है।
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हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि मथुरा भरतपुर मार्ग पर फतेहपुर सीकरी नहर की मकेरा पुलिया कई बड़े हादसों की गवाह है। यहां आए दिन हादसे होते हैं। हमेशा हादसों में मरने वालों का आंकड़ा भी काफी रहता है।
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लोगों का कहना है कि मकेरा पुलिया पर हादसे का सबसे बड़ा कारण इसका संकरा होना है। जिस बाईपास से होकर पुलिया की ओर रास्ता जाता है वह तो काफी चौड़ा है लेकिन पुलिया की चौड़ाई इतनी कम है कि एक बार में केवल एक ही चार पहिया वाहन निकल पाता है।
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राजस्थान की ओर जाने के लिए मुख्य मार्ग भी ये ही है। ऐसे में यहां से होकर ही वाहन गुजरते हैं। इसके बाद भी प्रशासन ने पुलिया पर लाइटिंग करवाई है न ही सावधानी सूचक कोई बोर्ड लगाया है। ऐसे में वाहन चालक को अंदाजा ही नहीं लग पाता और सावधानी के बाद भी हादसे हो ही जाते हैं।
इसके पहले यहां एक टवेरा कार नहर में समा गई थी जिसमें करीब 12 लोगों की मौत हो गई। कुछ दिन पहले ही एक अल्टो कार मकेरा पुलिया से नहर में गिरी और उसमें बैठे तीन लोगों की जान चली गई। लोगों के अनुसार रविवार को हुआ हादसा इस पुलिया पर पांचवां बड़ा हादसा है।