{"_id":"6048ecc18ebc3e59274e0515","slug":"mathura-anoop-jalota-made-divya-radhakrishna-feel-from-surdas-s-posts-vrindavan-news-agr4840523160","type":"story","status":"publish","title_hn":"मथुरा: अनूप जलोटा ने सूरदास के पदों से कराई दिव्य राधाकृष्ण की अनुभूति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मथुरा: अनूप जलोटा ने सूरदास के पदों से कराई दिव्य राधाकृष्ण की अनुभूति
विज्ञापन
मथुरा। वृंदावन शोध संस्थान के सभागार में संत शिरोमणि सूरदास महोत्सव में भजन सम्राट अनूप जलोटा भ?
- फोटो : VRINDAVAN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वृंदावन (मथुरा)। भगवान श्रीराधाकृष्ण की लीलास्थली वृंदावन में दो दिवसीय सूरदास महोत्सव में भजन गायक अनूप जलोटा ने सूरदास के पदों से दिव्य राधाकृष्ण की अनुभूति कराते हुए एक के बाद एक भजन प्रस्तुत करते हुए समा बांध दिया। ओडिसी नृत्यांगना वृंदा चड्डा व केविन बच्चन ने ‘युगल ओडिसी नृत्य’ के माध्यम से कृष्ण के जीवन से श्रोताओं को जोड़ते हुए संपूर्ण वातावरण को कृष्णमय कर दिया। मुख्य अतिथि केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते रहे।
बुधवार से वृंदावन शोध संस्थान में आयोजित सूरदास महोत्सव में देश भर से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। इससे पूर्व कार्यक्रम की शुभारंभ मुख्य अतिथि केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते और कार्यक्रम संयोजक अंतरराष्ट्रीय कथक नृत्यांगना गीतांजलि शर्मा, सुरेंद्र पाल सिंह, डॉक्टर पीआर शास्त्री, डॉक्टर मुकेश आर्य बंधु ने दीप जलाकर किया। जयपुर घराने की विश्व विख्यात गुरु पंडित दुर्गा लाल की तीसरी पीढ़ी ने तीन ताल प्रस्तुत किए। पंडिता उमा डोगरा द्वारा रचित तीन ताल पर कथक की उत्कृष्ट प्रस्तुति कलाकारों ने दी।
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सूरदास महोत्सव के माध्यम से यह प्रयास न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण योगदान है। इस मौके पर संयोजक गीतांजलि शर्मा, सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी, आहार विशेषज्ञ चंदन पांडेय, वृंदावन शोध संस्थान के निदेशक एससी दीक्षित, माधव आचार्य, मोहित शर्मा, डॉ. नीतू गोस्वामी, साधना गोस्वामी, वृषभान गोस्वामी, अक्षिता सिंह, दीक्षा सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन अलका निवेदन ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार से वृंदावन शोध संस्थान में आयोजित सूरदास महोत्सव में देश भर से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। इससे पूर्व कार्यक्रम की शुभारंभ मुख्य अतिथि केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते और कार्यक्रम संयोजक अंतरराष्ट्रीय कथक नृत्यांगना गीतांजलि शर्मा, सुरेंद्र पाल सिंह, डॉक्टर पीआर शास्त्री, डॉक्टर मुकेश आर्य बंधु ने दीप जलाकर किया। जयपुर घराने की विश्व विख्यात गुरु पंडित दुर्गा लाल की तीसरी पीढ़ी ने तीन ताल प्रस्तुत किए। पंडिता उमा डोगरा द्वारा रचित तीन ताल पर कथक की उत्कृष्ट प्रस्तुति कलाकारों ने दी।
विज्ञापन
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सूरदास महोत्सव के माध्यम से यह प्रयास न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण योगदान है। इस मौके पर संयोजक गीतांजलि शर्मा, सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी, आहार विशेषज्ञ चंदन पांडेय, वृंदावन शोध संस्थान के निदेशक एससी दीक्षित, माधव आचार्य, मोहित शर्मा, डॉ. नीतू गोस्वामी, साधना गोस्वामी, वृषभान गोस्वामी, अक्षिता सिंह, दीक्षा सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन अलका निवेदन ने किया।
विज्ञापन