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मथुरा: श्रीप्रियाकांत जू मंदिर पर होगा सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग का निर्माण
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मथुरा। वृंदावन स्थित श्री प्रियाकांत जू मंदिर में पार्थिव शिवलिंग निर्माण करते देवकीनंदन महार?
- फोटो : VRINDAVAN
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वृंदावन (मथुरा)। प्रियाकांत जू मंदिर में सावन मास में सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग का निर्माण होगा। साथ ही शिव आराधना की जाएगी। सावन के पहले सोमवार को शिवभक्तों ने एक लाख शिवलिंग निर्माण कर उनका अभिषेक किया।
शिवकथा श्रवण कराते हुए ठाकुर देवकीनंदन महाराज ने कहा कि काल को संवारने वाले देवता महाकाल शिव हैं। सावन मास में पार्थिव शिवलिंग पूजा संसार के कष्टों का निवारण करती है। उन्होंने कहा कि हम सभी मिट्टी से बने हैं और अंत में मिट्टी में ही मिल जाना है। इस संसार में हम सभी एक निश्चित काल (समय) के लिए आए हैं। हमारा यह जीवन काल सात्विक एवं सार्थक हो जाए, भगवान की भक्ति इसी का उपाय करती है। कोरोना के चलते कांवड़ यात्रा पर रोक है, ऐसे में भक्त अपने घरों पर पार्थिव शिवलिंग पूजा कर भगवान शिव को प्रसन्न कर सकते हैं।
विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट सचिव विजय शर्मा ने बताया कि मंदिर पर इस आयोजन में 21 अगस्त तक मिट्टी के सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग बनाए जाएंगे। प्रतिदिन सुबह 9 बजे से महालक्ष्मी यज्ञ एवं 11 बजे से 1 बजे तक देवकीनंदन महाराज द्वारा शिव महापुराण कथा श्रवण कराई जाएगी। प्रतिदिन बनाए हुए शिवलिंगों का सांय 4 बजे से अभिषेक कर विसर्जन किया जाएगा।
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शिवकथा श्रवण कराते हुए ठाकुर देवकीनंदन महाराज ने कहा कि काल को संवारने वाले देवता महाकाल शिव हैं। सावन मास में पार्थिव शिवलिंग पूजा संसार के कष्टों का निवारण करती है। उन्होंने कहा कि हम सभी मिट्टी से बने हैं और अंत में मिट्टी में ही मिल जाना है। इस संसार में हम सभी एक निश्चित काल (समय) के लिए आए हैं। हमारा यह जीवन काल सात्विक एवं सार्थक हो जाए, भगवान की भक्ति इसी का उपाय करती है। कोरोना के चलते कांवड़ यात्रा पर रोक है, ऐसे में भक्त अपने घरों पर पार्थिव शिवलिंग पूजा कर भगवान शिव को प्रसन्न कर सकते हैं।
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विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट सचिव विजय शर्मा ने बताया कि मंदिर पर इस आयोजन में 21 अगस्त तक मिट्टी के सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग बनाए जाएंगे। प्रतिदिन सुबह 9 बजे से महालक्ष्मी यज्ञ एवं 11 बजे से 1 बजे तक देवकीनंदन महाराज द्वारा शिव महापुराण कथा श्रवण कराई जाएगी। प्रतिदिन बनाए हुए शिवलिंगों का सांय 4 बजे से अभिषेक कर विसर्जन किया जाएगा।
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