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मास्टर प्लान : जहां दुकानें, उसे बनाया आवासीय, शिकायतों का अंबार

Thu, 26 May 2022 01:45 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 26 May 2022 01:45 AM IST
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Master Plan: Where the shops, made it residential, a lot of complaints
आगरा। आगरा विकास प्राधिकरण के बनवाए गए आगरा मास्टर प्लान-2031 के लिए आई आपत्तियों की सुनवाई बुधवार को की गई। क्रमांक संख्या 201 से 400 के बीच आपत्तियों की सुनवाई और निस्तारण में सबसे ज्यादा शिकायतें भूमि प्रयोग को लेकर मिलीं। जहां दुकानें बनी हैं, उन क्षेत्रों को मास्टर प्लान के ड्राफ्ट में आवासीय दिखा दिया गया, जबकि पहले से तय औद्योगिक क्षेत्र को आवासीय और व्यावसायिक दिखाया गया, जिस वजह से उन क्षेत्रों के रहने वाले लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराईं। एडीए द्वारा की गई सुनवाई में जीआईएस आधारित मास्टर प्लान के जीआईएस (ज्योग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम) नक्शे को ही नहीं दिखाया गया, जिसके लिए एडीए उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने कई बार फटकार लगाई।
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आपत्तियों की सुनवाई में मास्टर प्लान के ड्राफ्ट में लैंड यूज की गड़बड़ियां ज्यादा होने पर एडीए उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने कई बार यह स्पष्ट किया कि जोनल प्लान में जो लैंड यूज दिखाया गया है, अगर मास्टर प्लान के ड्राफ्ट में अलग रंग और लैंड यूज दिखाया भी गया है तो जोनल प्लान और ले आउट प्लान ही अंतिम माना जाएगा। कंपनी द्वारा कई गड़बड़ियां कर देने के कारण लोगों में भ्रम है। उपाध्यक्ष ने कई शिकायतों और आपत्तियों पर एडीए अधिकारियों को मौके का भ्रमण करने के निर्देश दिए। कछपुरा, रोहता और पट्टी पचगांई के किसानों ने भी अपनी आपत्तियों को उठाया, जिस पर उपाध्यक्ष ने उनका निस्तारण करने का भरोसा दिया।
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प्राधिकरण के जयपुर हाउस कार्यालय के सभागार में बुधवार को जब उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र पैंसिया आपत्तियों की सुनवाई कर रहे थे तो ड्राफ्ट बनाने वाली कंपनी रुद्राभिषेक के कर्मचारियों के पास जीआईएस आधारित नक्शा ही उपलब्ध नहीं था, जिससे आपत्तियों के निस्तारण में दिक्कतें आईं। मौके पर आवासीय कॉलोनी है या व्यावसायिक, यह जानने के लिए बार बार उपाध्यक्ष ने जीआईएस नक्शा दिखाने को कहा, पर कंपनी की कर्मचारी इसे उपलब्ध नहीं करा सकीं। उपाध्यक्ष डॉ. पैंसिया ने कंपनी के कर्मचारियों को फटकार लगाई और कहा कि ड्राफ्ट में मनमानी की है। मौके का निरीक्षण किये बिना ही लैंड यूज बदल दिया गया।
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आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डा. राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि दो बार की सुनवाई में क्रमांक संख्या 400 तक आपत्तियों को सुना जा चुका है। इनमें से कई लोग सुनवाई में नहीं आए। अगर वह आज आते हैं तो आपत्तियों का निस्तारण कर दिया जाएगा। बृहस्पतिवार को क्रमांक संख्या 401 से 600 के बीच शिकायतें और सुझाव सुने जाएंगे। आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।
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