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चमत्कार : ट्रांसजेंडर को बना दिया बेटी
अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 10 Aug 2016 12:32 AM IST
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डा विक्रम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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ताजनगरी में चमत्कार हो गया। यहां चिकित्सकों ने ट्रांसजेंडर का आपरेशन कर बिटिया का रूप दे दिया गया। छह घंटे तक चले इस बेहद जटिल आपरेशन के बाद डाक्टरों को कामयाबी मिली। आगरा में इस चमत्कार को बड़ी उपलब्धि बताया जा रहा है। खास तौर पर तब, जब दिल्ली के बड़े और महंगे हास्पिटलों से निराश होकर दंपति आगरा आया था।
कमला नगर के गीता मेडिकेयर सेंटर पर तीन महीने पहले पड़ोसी जिले के दंपति डेढ़ साल के बच्चे को लेकर आए थे। बच्चा स्वस्थ था, बीमारी पूछी तो झिझकते हुए दंपति ने डाक्टरों को असलियत बताई, बच्चा ट्रांसजेंडर था। पीडियाट्रिक सर्जन डा. विक्रम अग्रवाल ने बच्चे का परीक्षण किया तो बच्चेदानी, योनि मार्ग, लिंग (अविकसित) मिला। डाक्टर ने दंपति के सामने बेटी के रूप में सफलता मिलने की बात रखी। हामी मिलते ही डाक्टर ने आपरेशन की तैयारियां शुरू कर दी। एक्सेर-अल्ट्रासाउंड, रक्त समेत तमाम जांच के बाद आपरेशन का दिन तय हुआ। सात दिन पहले डा. विक्रम और उनकी टीम ने आपरेशन कर बिटिया का रूप दिया। अब दंपति तो खुश हैं, डाक्टरों के चेहरे पर भी विजयी मुस्कान देखते ही बन रही है।
चिकित्सकों के लिए भी चुनौती
डा. विक्रम बताते हैं, परीक्षण से पता चला कि बच्चे का वजाइना पांच सेमी अंदर था। अमूमन अभी तक हुए आपरेशन में ये स्थिति 2-3 सेमी तक ही रही। अन्य वरिष्ठ सर्जनों से चर्चा की, जिसमें खतरा भी बताया। दंपति के विश्वास से हौसला मिला और नतीजा सामने है।
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सामान्य जीवन जी सकेगी बच्ची
डा. विक्रम बताते हैं कि आपरेशन के बाद बच्ची सामान्य जीवन जी सकेगी। वैवाहिक संबंध भी सामान्य रहेंगे। यहां तक कि प्राकृतिक रूप से मासिक धर्म भी होगा।
अपनों तक से छुपाके रखा
आपरेशन के बाद दंपति ने डाक्टर को भगवान मानते हुए कोटि-कोटि आभार जताया। भावुक मां बताती हैं कि किस तरह डेढ़ साल गुजारे, पूछिए मत। मोहल्ले-पड़ोसी छोड़ो अपनों तक से छिपाकर रखा। रिश्तेदारी तक छूट गई।
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कमला नगर के गीता मेडिकेयर सेंटर पर तीन महीने पहले पड़ोसी जिले के दंपति डेढ़ साल के बच्चे को लेकर आए थे। बच्चा स्वस्थ था, बीमारी पूछी तो झिझकते हुए दंपति ने डाक्टरों को असलियत बताई, बच्चा ट्रांसजेंडर था। पीडियाट्रिक सर्जन डा. विक्रम अग्रवाल ने बच्चे का परीक्षण किया तो बच्चेदानी, योनि मार्ग, लिंग (अविकसित) मिला। डाक्टर ने दंपति के सामने बेटी के रूप में सफलता मिलने की बात रखी। हामी मिलते ही डाक्टर ने आपरेशन की तैयारियां शुरू कर दी। एक्सेर-अल्ट्रासाउंड, रक्त समेत तमाम जांच के बाद आपरेशन का दिन तय हुआ। सात दिन पहले डा. विक्रम और उनकी टीम ने आपरेशन कर बिटिया का रूप दिया। अब दंपति तो खुश हैं, डाक्टरों के चेहरे पर भी विजयी मुस्कान देखते ही बन रही है।
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चिकित्सकों के लिए भी चुनौती
डा. विक्रम बताते हैं, परीक्षण से पता चला कि बच्चे का वजाइना पांच सेमी अंदर था। अमूमन अभी तक हुए आपरेशन में ये स्थिति 2-3 सेमी तक ही रही। अन्य वरिष्ठ सर्जनों से चर्चा की, जिसमें खतरा भी बताया। दंपति के विश्वास से हौसला मिला और नतीजा सामने है।
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सामान्य जीवन जी सकेगी बच्ची
डा. विक्रम बताते हैं कि आपरेशन के बाद बच्ची सामान्य जीवन जी सकेगी। वैवाहिक संबंध भी सामान्य रहेंगे। यहां तक कि प्राकृतिक रूप से मासिक धर्म भी होगा।
अपनों तक से छुपाके रखा
आपरेशन के बाद दंपति ने डाक्टर को भगवान मानते हुए कोटि-कोटि आभार जताया। भावुक मां बताती हैं कि किस तरह डेढ़ साल गुजारे, पूछिए मत। मोहल्ले-पड़ोसी छोड़ो अपनों तक से छिपाकर रखा। रिश्तेदारी तक छूट गई।