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फिरोजाबाद: गांव चमरौली पहुंचा शहीद विजयभान का पार्थिव शरीर, अंतिम दर्शन को उमड़े लोग
Sat, 19 Oct 2019 06:07 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 19 Oct 2019 06:07 PM IST
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शहीद विजयभान
- फोटो : अमर उजाला
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बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय बार्डर पर शहीद हुए बीएसएफ के हेड कांस्टेबल विजयभान यादव का पार्थिव शरीर शनिवार को उनके गांव चमरौली पहुंचा। गांव में पार्थिव शरीर पहुंचते ही कोहराम मच गया। शहीद की पत्नी और बच्चों के आंसू नहीं थम रहे थे, वहीं बूढ़ी मां बेटे को तिरंगे में लिपटा देख बेसुध हो गई। किसी तरह लोगों ने उन्हें संभाला।
गांव में दो दिन से मातम का सन्नाटा पसरा था। ग्रामीण वीर जवान विजयभान के शव का इंतजार कर रहे थे। शनिवार दोपहर को जैसे ही शहीद विजयभान का शव गांव पहुंचा, भारत माता के जयकारे, जब तक सूरज चांद रहेगा, विजयभान का नाम रहेगा नारे गूंजने लगे। शहीद को अंतिम दर्शन करने को काफी भीड़ उमड़ी।
वहीं प्रशासन और भाजपा नेताओं की बेरुखी के चलते शहीद के परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। परिजनों को गुस्सा था कि तीन दिन बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन उनके दरवाजे तक नहीं आया। इसे लेकर परिजनों के साथ ग्रामीणों में आक्रोश दिखा।
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गांव में दो दिन से मातम का सन्नाटा पसरा था। ग्रामीण वीर जवान विजयभान के शव का इंतजार कर रहे थे। शनिवार दोपहर को जैसे ही शहीद विजयभान का शव गांव पहुंचा, भारत माता के जयकारे, जब तक सूरज चांद रहेगा, विजयभान का नाम रहेगा नारे गूंजने लगे। शहीद को अंतिम दर्शन करने को काफी भीड़ उमड़ी।
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वहीं प्रशासन और भाजपा नेताओं की बेरुखी के चलते शहीद के परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। परिजनों को गुस्सा था कि तीन दिन बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन उनके दरवाजे तक नहीं आया। इसे लेकर परिजनों के साथ ग्रामीणों में आक्रोश दिखा।
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डीएम के लिखित आश्वासन पर राजी हुए परिजन
शहीद के परिजनों की मांगे की कि उनको पेट्रोल पंप आवंटित किया जाए। शहीद की पत्नी को नौकरी दी जाए तथा मृतक के लड़के को जो भी मुआवजा मिलना है उसकी घोषणा होनी चाहिए। जिलाधिकारी के लिखित में आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार को राजी हुए।
बता दें कि 17 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश सीमा पर बार्डर गार्ड ऑफ बांग्लादेश (बीजीबी) की टीम द्वारा पीछे से की कई फायरिंग में बीएसएफ की 117 वीं बटालियन के हेड कांस्टेबल विजयभान सिंह यादव (52) पुत्र सुंदर सिंह यादव शहीद हो गए थे, जबकि उनका साथी राजवीर घायल हो गया।
बता दें कि 17 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश सीमा पर बार्डर गार्ड ऑफ बांग्लादेश (बीजीबी) की टीम द्वारा पीछे से की कई फायरिंग में बीएसएफ की 117 वीं बटालियन के हेड कांस्टेबल विजयभान सिंह यादव (52) पुत्र सुंदर सिंह यादव शहीद हो गए थे, जबकि उनका साथी राजवीर घायल हो गया।