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Agra News: मंडी में मंदी और चेचक की मार, होली पर बेरंग आलू किसान
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आलू की खुदाई, चेचक से हुआ दागी
बाह। किसान आलू की खुदाई में जुटे हैं। खुदाई के साथ ही आलू से उनकी कमाई के सपने भी टूटने लगे हैं। आलू चेचक से दागी हो गया है, मंडी में भी मंदी है। इससे होली पर आलू किसानों के चेहरे का रंग उड़ा हुआ है, मुसीबत ये कि लागत की भरपाई भी मुश्किल हो गई है।
बाह, जैतपुर, पिनाहट, फतेहाबाद, शमसाबाद क्षेत्र में आलू की खुदाई में इन दिनों किसान जुटे हैं। खुदाई में आलू पर दिख रहे चेचक के प्रभाव ने किसानों के चेहरे से होली की रंगत छीन ली है। जरार के किसान पुरुषोत्तम सिंह, गुंगावली के संजय तोमर, चांगौली के सुरेंद्र दुबे, धोबई के अर्जुन सिंह ने बताया कि चेचक से आलू दागी हो गया है। इससे आलू की गुणवत्ता और पैदावार दोनों प्रभावित हुए हैं। दागी आलू को लंबे समय तक के लिए शीतगृह में रखना नुकसानदेह रहेगा। वहीं, जरार, जैतपुर, बाह और भदरौली की मंडी में भी मंदी बनी है। अच्छा आलू 800 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है, जबकि चचेक से दागी हुए आलू की महज 400-500 रुपये प्रति क्विंटल के दाम मिल रहे हैं। जिससे लागत तक की भरपाई मुश्किल हो गई है।
बेसंगपुरा के किसान राजवीर सिंह, बाघराजपुरा के छोटेलाल, रुदमुली के दीपा सविता, बिजौली के सोबरन सिंह ने बताया कि कुछ खेताें में चेचक का प्रभाव नहीं दिखा है। लेकिन प्रति बीघा 25 से 35 बोरी आलू ही निकल रहा है। पिछले साल 35 से 50 बोरी प्रति बीघा की उपज हुई थी। बाजार में मंदी की वजह से किसान शीतगृह में आलू रखने को मजबूर हैं। भविष्य में आलू के दाम 1200 से 1800 रुपये प्रति क्विंटल होने की किसान उम्मीद लगाए हैं।
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घोषित हो आलू की एमएसपी
मंदी एवं चेचक से जूझ रहे किसानों के हित में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित किए जाने की मांग उठने लगी है। भाकियू सर्वोदय के जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह चौहान ने आलू की एमएसपी 1600 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग की है। जिससे किसानों की आलू के की लागत एवं मेहनत डूबने से बच जाए। भाकियू टिकैट के तहसील अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि छुट्टा मवेशियों ने आलू की फसल बर्बाद की है। चेचक के प्रकोप ने आलू की अगैती फसल की गुणवत्ता और उपज को प्रभावित किया है। मंडी में मंदी छाई है। आलू किसानों को बर्बाद होने से बचाने के लिए सरकार कम से कम 2000 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी घोषित करे।
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बाह, जैतपुर, पिनाहट, फतेहाबाद, शमसाबाद क्षेत्र में आलू की खुदाई में इन दिनों किसान जुटे हैं। खुदाई में आलू पर दिख रहे चेचक के प्रभाव ने किसानों के चेहरे से होली की रंगत छीन ली है। जरार के किसान पुरुषोत्तम सिंह, गुंगावली के संजय तोमर, चांगौली के सुरेंद्र दुबे, धोबई के अर्जुन सिंह ने बताया कि चेचक से आलू दागी हो गया है। इससे आलू की गुणवत्ता और पैदावार दोनों प्रभावित हुए हैं। दागी आलू को लंबे समय तक के लिए शीतगृह में रखना नुकसानदेह रहेगा। वहीं, जरार, जैतपुर, बाह और भदरौली की मंडी में भी मंदी बनी है। अच्छा आलू 800 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है, जबकि चचेक से दागी हुए आलू की महज 400-500 रुपये प्रति क्विंटल के दाम मिल रहे हैं। जिससे लागत तक की भरपाई मुश्किल हो गई है।
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बेसंगपुरा के किसान राजवीर सिंह, बाघराजपुरा के छोटेलाल, रुदमुली के दीपा सविता, बिजौली के सोबरन सिंह ने बताया कि कुछ खेताें में चेचक का प्रभाव नहीं दिखा है। लेकिन प्रति बीघा 25 से 35 बोरी आलू ही निकल रहा है। पिछले साल 35 से 50 बोरी प्रति बीघा की उपज हुई थी। बाजार में मंदी की वजह से किसान शीतगृह में आलू रखने को मजबूर हैं। भविष्य में आलू के दाम 1200 से 1800 रुपये प्रति क्विंटल होने की किसान उम्मीद लगाए हैं।
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घोषित हो आलू की एमएसपी
मंदी एवं चेचक से जूझ रहे किसानों के हित में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित किए जाने की मांग उठने लगी है। भाकियू सर्वोदय के जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह चौहान ने आलू की एमएसपी 1600 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग की है। जिससे किसानों की आलू के की लागत एवं मेहनत डूबने से बच जाए। भाकियू टिकैट के तहसील अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि छुट्टा मवेशियों ने आलू की फसल बर्बाद की है। चेचक के प्रकोप ने आलू की अगैती फसल की गुणवत्ता और उपज को प्रभावित किया है। मंडी में मंदी छाई है। आलू किसानों को बर्बाद होने से बचाने के लिए सरकार कम से कम 2000 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी घोषित करे।

आलू की खुदाई, चेचक से हुआ दागी