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प्राचीन मेला मार्गशीर्ष प्रांतीय मेला घोषित होने से व्यापार बढ़ने की उम्मीद
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सोरों। तीर्थनगरी के पौराणिक मेला मार्गशीर्ष को प्रदेश सरकार की ओर से प्रांतीय मेला घोषित करने से व्यापारी वर्ग में खुशी की लहर है। कोरोना काल में ठप पड़े व्यापार के बढ़ने की उम्मीद अब नजर आ रही है। व्यापारी इस फैसले को व्यापार के लिए संजीवनी बता रहे हैं।
- प्रदेश सरकार का इस पौराणिक मेले को मान्यता देना प्रशंसनीय कदम है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु आएंगे और सभी प्रकार के व्यापार में वृद्धि होगी- विशोक अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष उ.प्र. उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल।
- कोरोना महामारी के कारण सभी प्रकार के व्यापार में मंदा है। एक माह बाद मेला मार्गशीर्ष का आयोजन होगा। साधु संतों का आगमन होगा। व्यापारी लाभान्वित होंगे - राजीव मित्तल बिल्डिंग मैटेरियल कारोबारी।
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- तीर्थनगरी में पौराणिक मेला मार्गशीर्ष जो अब नए आकर्षक रूप में प्रांतीय मेला की भांति आयोजित होगा। यह प्रदेश सरकार का अभिनंदनीय कदम है। - स्वतंत्र अग्रवाल, सराफा कारोबारी।
- 25 वर्षोे से गंगाजली व पीतल की मूर्तियां व अन्य पूजा पात्र बेचते आ रहे हैं इस वर्ष कोरोना महामारी के कारण श्रद्धालु काफी कम संख्या में आए। इस फैसले से अब उम्मीद बंधी है। - राजू मिश्रा, गंगाजली कारोबारी।
पौराणिक है शूकरक्षेत्र का मार्गशीर्ष मेला
सोरों। शूकरक्षेत्र का मेला पौराणिक है। आदि काल से इसका आयोजन होता चला आ रहा है। हरिपदी में स्नान करने के लिए श्रद्धालु दूर दराज से आते हैं। मेले का भव्य आयोजन होता है। यहां भगवान वराह का विशाल मंदिर है जहां भगवान वराह व पृथ्वी के विग्रह स्थापित हैं। जिनके दर्शन करने बड़ी संख्या में श्रद्घालु पहुंचते हैं।
मेला आयोजन की गलत तिथि प्रकाशित होने पर आपत्ति करेगी विहिप
सोरों। उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव दीपक कुमार की ओर से 13 नवंबर को जारी अधिसूचना में सोरों के मार्गशीर्ष मेला आयोजन की तिथियां गलत छप गई हैं। विहिप 20 नवंबर को जिलाधिकारी को शासनादेश में मेला आयोजन की तिथि संशोधित कराने के लिए ज्ञापन सौंपेगी। यह जानकारी विहिप तुलसी मेला समिति अध्यक्ष हेमेंद्र शास्त्री ने दी।
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- प्रदेश सरकार का इस पौराणिक मेले को मान्यता देना प्रशंसनीय कदम है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु आएंगे और सभी प्रकार के व्यापार में वृद्धि होगी- विशोक अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष उ.प्र. उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल।
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- कोरोना महामारी के कारण सभी प्रकार के व्यापार में मंदा है। एक माह बाद मेला मार्गशीर्ष का आयोजन होगा। साधु संतों का आगमन होगा। व्यापारी लाभान्वित होंगे - राजीव मित्तल बिल्डिंग मैटेरियल कारोबारी।
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- तीर्थनगरी में पौराणिक मेला मार्गशीर्ष जो अब नए आकर्षक रूप में प्रांतीय मेला की भांति आयोजित होगा। यह प्रदेश सरकार का अभिनंदनीय कदम है। - स्वतंत्र अग्रवाल, सराफा कारोबारी।
- 25 वर्षोे से गंगाजली व पीतल की मूर्तियां व अन्य पूजा पात्र बेचते आ रहे हैं इस वर्ष कोरोना महामारी के कारण श्रद्धालु काफी कम संख्या में आए। इस फैसले से अब उम्मीद बंधी है। - राजू मिश्रा, गंगाजली कारोबारी।
पौराणिक है शूकरक्षेत्र का मार्गशीर्ष मेला
सोरों। शूकरक्षेत्र का मेला पौराणिक है। आदि काल से इसका आयोजन होता चला आ रहा है। हरिपदी में स्नान करने के लिए श्रद्धालु दूर दराज से आते हैं। मेले का भव्य आयोजन होता है। यहां भगवान वराह का विशाल मंदिर है जहां भगवान वराह व पृथ्वी के विग्रह स्थापित हैं। जिनके दर्शन करने बड़ी संख्या में श्रद्घालु पहुंचते हैं।
मेला आयोजन की गलत तिथि प्रकाशित होने पर आपत्ति करेगी विहिप
सोरों। उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव दीपक कुमार की ओर से 13 नवंबर को जारी अधिसूचना में सोरों के मार्गशीर्ष मेला आयोजन की तिथियां गलत छप गई हैं। विहिप 20 नवंबर को जिलाधिकारी को शासनादेश में मेला आयोजन की तिथि संशोधित कराने के लिए ज्ञापन सौंपेगी। यह जानकारी विहिप तुलसी मेला समिति अध्यक्ष हेमेंद्र शास्त्री ने दी।