{"_id":"5b93d2f1867a557ecb2ea685","slug":"many-trains-will-remain-canceled-due-to-mega-block","type":"story","status":"publish","title_hn":"यात्रीगण ध्यान दें...मेगा ब्लाक के कारण ये ट्रेनें रहेंगी निरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यात्रीगण ध्यान दें...मेगा ब्लाक के कारण ये ट्रेनें रहेंगी निरस्त
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Sun, 09 Sep 2018 08:47 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
झांसी मंडल के धौलपुर-ग्वालियर, ग्वालियर-झांसी और ललितपुर-बीना (अप रूट) में अनुरक्षण कार्य के लिए मेगा ब्लॉक लिया जाएगा। इस कारण कई गाड़ियों का निरस्त और आंशिक निरस्त किया गया है।
ब्लाक के कारण झांसी-आगरा कैंट पैसेंजर और आगरा कैंट-झांसी पैसेंजर, ग्वालियर-आगरा कैंट पैसेंजर व आगरा कैंट-ग्वालियर पैसेंजर, झांसी-बीना पैसेंजर (अप और डाउन) नौ सितंबर को निरस्त रहेंगी।
इसी तरह आंशिक रूप से निरस्त रहने वाली ट्रेनों में झांसी खजुराहो पैसेंजर (अप व डाउन), झांसी और ललितपुर के मध्य निरस्त रहेगी। गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस को ललितपुर पर 140 मिनट रेगुलेट किया जाएगा। इसी तरह लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर ललितपुर पर 40 मिनट रेगुलेट होगी। ब्लाक के कारण 21 मालगाड़ियां भी प्रभावित रहेंगी।
विज्ञापन
इटावा-झांसी पैसेंजर का ठहराव बढ़ा
इटावा-झांसी पैसेंजर (अप व डाउन) में झांसी के सोनी स्टेशन पर 12 सितंबर से रुकेगी। रेल प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए पैसेंजर का ठहराव छह माह के लिए प्रायोगिक तौर पर किया है।
विज्ञापन
ब्लाक के कारण झांसी-आगरा कैंट पैसेंजर और आगरा कैंट-झांसी पैसेंजर, ग्वालियर-आगरा कैंट पैसेंजर व आगरा कैंट-ग्वालियर पैसेंजर, झांसी-बीना पैसेंजर (अप और डाउन) नौ सितंबर को निरस्त रहेंगी।
विज्ञापन
इसी तरह आंशिक रूप से निरस्त रहने वाली ट्रेनों में झांसी खजुराहो पैसेंजर (अप व डाउन), झांसी और ललितपुर के मध्य निरस्त रहेगी। गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस को ललितपुर पर 140 मिनट रेगुलेट किया जाएगा। इसी तरह लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर ललितपुर पर 40 मिनट रेगुलेट होगी। ब्लाक के कारण 21 मालगाड़ियां भी प्रभावित रहेंगी।
विज्ञापन
इटावा-झांसी पैसेंजर का ठहराव बढ़ा
इटावा-झांसी पैसेंजर (अप व डाउन) में झांसी के सोनी स्टेशन पर 12 सितंबर से रुकेगी। रेल प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए पैसेंजर का ठहराव छह माह के लिए प्रायोगिक तौर पर किया है।